महिला सुरक्षा

हर एक महिला की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी होनी चाहिए

नए साल में

कुछ समय बाद हम सब एक नये वर्ष में प्रवेश कर जाएंगे। हर साल जब हम किसी नये साल में प्रवेश करते हैं तो उम्मीद करते हैं कि आने वाला साल पिछले साल की तुलना में सुखदायक होगा और आगे बढने के कुछ नये अवसर भी विकसित होंगे। पुराना साल जब बीतने वाला होता है तो हम अपने आप से वादा करते हैं कि आगे के वर्ष में हम पहले से ज्यादा मेहनत करेंगे , प्रेम से रहेंगे और दोस्तों तथा परिवार के सदस्यों के मन में जो भी मनमुटाव होगा उसे दूर करेंगे, नौकरी में सफलता हासिल करेंगे , औरतों का सम्मान करेंगे वगैरह वगैरह।

इन सबमें जो सबसे बडा मुद्दा है वह है औरतों का सम्मान। इंसान कितना भी विकास के पथ पर आगे बढ रहा है लेकिन कहीं न कहीं औरतों के सम्बन्ध में जो पुरानी दकियानूसी सोच है वह मर्दों में पीढी दर पीढी स्थानांतरित हो रही है। अब देख लीजिए नये साल के सेलिब्रेशन पर खुशी का इजहार करने के लिए लडकियों से छेडखानी की जाती है। कुछ लोगों ने सोच रखा होता है कि फला लडकी को नये साल पर प्रपोज करेंगे अगर हाँ करेगी तो ठीक वरना किसी न किसी तरह से उसको हासिल करना है। यह सोच है आजकल के नौजवानों की जो प्यार के नाम पर लडकियों को गलत तरीकों से हासिल करना चाहते हैं। जब कोई लडकी किसी का प्रेम अस्वीकार करती है तो वह उस प्रेमी की नजर में नफरत की पात्र बन जाती है और उसे नुकसान पहुँचाने का प्रयास किया जाता है। कभी कोई उन पर एसिड फेंकता है तो कोई बलात्कार करता है। आज भी मर्द औरतों को अपने बराबर का दर्जा नहीं देना चाहते बल्कि वे औरतों को एक इंटरटेनमेंट की ही चीज समझते हैं । हमें मर्दों की यही सोच बदलनी है।

हमें यह समझना होगा कि औरतों को भी अपनी इच्छा रखने का हक है , उन्हें भी इनकार करने का अधिकार है। औरतों के मन को समझने की जरुरत है।

नये साल में हम बस इतनी उम्मीद करते हैं लोग औरतों को इंसान समझें और उन्हें वह इज्ज़त दें जिनकी वे हकदार हैं।

हैप्पी न्यू ईयर।

औरत से घर बनता है

"यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते , रमन्ते तत्र देवता: ।"

उपर्युक्त श्लोक की लाइन का अर्थ है कि जिस स्थान पर स्त्रियों की पूजा होती है अर्थात सम्मान होता है उस स्थान पर स्वयं देवताओं का निवास होता है।

यह कलयुग है इसलिए शायद देवता किसी स्थान पर प्रत्यक्ष रूप से नहीं देखे जाते लेकिन इतना जरूर अन्दाजा लगाया जा सकता है कि जिस स्थान पर सुख मिले, शान्ति मिले और खुशी तथा प्रेम का वातावरण हो वहां पर अवश्य ही देवता निवास करते होंगे। इस प्रकार से कलयुग में भी उपर्युक्त श्लोक की लाइन बहुत ही सटीक बैठती है। आपने देखा होगा कि जिस घर में औरतें खुश नहीं रहतीं है या जिस घर में औरतों को गालियां दी जाती हैं या भेदभाव किया जाता है उस घर के लोग शान्ति महसूस नहीं कर पाते, सुख की रोटियां नहीं खा पाते। कुल मिलाकर पूरे घर में कलह और द्वेष ही फैला होता है। परिवार का हर सदस्य अपने बारे में ही सोचते है हमेशा एक दूसरे को नीचा दिखाने और बुराई करने में ही लगे होते हैं।

वहीं दूसरी तरफ यदि किसी घर में महिलाओं का सम्मान होता है , हर मसले में उनकी राय ली जाती है और वे खुश रहती हैं तो उस घर में खुशियाँ ही निवास करती हैं। परिवार का हर सदस्य एक दूसरे के बारे में अच्छी और सकारात्मक सोच रखता है।इससे घर में एकता बनी रहती है ।यदि परिवार का एक सदस्य नाराज है तो हर सदस्य उस एक को मनाने में लग जाता है। यही असली खुशी होती है।

याद रखिए, मर्दों से कभी घर नहीं बनता ।घर को सिर्फ औरतें ही घर बनाती हैं। वो जितनी खुश रहेंगी घर भी उतना ही खूबसूरत होगा और यदि घर खूबसूरत होगा तो अवश्य ही देवता उसमें निवास करना चाहेंगे।

इसलिए औरतों का सम्मान कीजिए, उन्हें गालियां मत दीजिए ,गन्दी भाषा का प्रयोग मत कीजिए। औरत को सम्मान के गहनों से सजाइये

और अपने घर को वास्तव में घर बनाइए।

मुस्लिम महिलाओं का सम्मान

मुस्लिम महिलाओं के हक और सम्मान की सुरक्षा को देखते हुए कैबिनेट ने विधेयक "मुस्लिम वूमेन प्रोटेक्शन आफ राइट्स आन मैरिज " को हरी झंडी दे दी है। इस विधेयक का उद्देश्य उन मुस्लिम मर्दों को सबक सिखाना है जो छोटी छोटी बात पर अपनी पत्नी तलाक देने की धमकी देते हैं या तलाक दे देते हैं। इस कानून की रूपरेखा तैयार करने के लिए गृहमंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में मंत्रिमंडलीय कमेटी का गठन किया गया था।

कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बयान दिया है कि ," प्रस्तावित कानून मुस्लिम समाज की महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के लिए है। कई राज्यों ने इस विधेयक का समर्थन किया है उम्मीद है कि यह इसी सत्र में पारित भी हो जाएगा।"

तीन तलाक अर्थात तलाक-ए-बिद्दत को कोर्ट ने पहले ही असंवैधानिक करार दिया है।यह उपरोक्त विधेयक पर आधारित कानून सिर्फ तीन तलाक के मामलों में ही क्रियाशील होगा तथा जम्मू एवं कश्मीर को छोडकर देश के हर राज्य में लागू होगा।

इस कानून का उल्लंघन करने वाले मर्दों को तीन साल तक की कैद और साथ ही साथ जुर्माने का भी प्रावधान है। इसके अलावा तलाक-ए-बिद्दत से पीडित महिलाओं को गुजारा भत्ता और नाबालिग बच्चों की कस्टडी लेने का अधिकार होगा।यह कानून बन जाने के बाद तीन तलाक का अपराध एक संगीन और गैर जमानती अपराध की श्रेणी में रखा जाएगा।

वास्तव में यह कानून उन मर्दों के मुँह पर तमाचा होगा जो अपनी पत्नी को खिलौना समझते हैं और तीन तलाक की आड में पुरानी पत्नी से छुटकारा पाकर नई शादी कर लेते हैं। इस कानून की एक और खास बात होगी कि तीन तलाक चाहे लिखित में , मौखिक में या किसी इलेक्ट्रॉनिक माध्यम जैसे इंटरनेट, सोशल मीडिया से बोला गया हो सब एकसमान संगीन अपराध माने जाएंगे।

अन्य राजनीतिक दल भले ही इस कानून का किसी न किसी रूप में विरोध करें लेकिन सच यह हैं कि मुस्लिम महिलाओं को इस तरह के कानून की बहुत जरूरत है ।


इनको रिएक्शन चाहिए

भारतीय जनता पार्टी एक तरफ तो महिलाओं के सम्मान और हक की बातें करती है वहीं दूसरी तरफ इनके नेताओं की जुबान बेलगाम होती जा रही है।

मध्य प्रदेश के भाजपा प्रदेश अध्यक्ष नंद कुमार सिंह चौहान ने एक बार फिर से महिलाओं के सम्बंध में गलत बयानबाजी करके उनका अपमान किया है।

उन्होंने बयान दिया है कि उनके सम्मेलन या रैलियों में आंगनबाड़ी महिला कार्यकर्ताओं की भीड न जमा की जाए क्योंकि वो रिएक्शन नहीं देती हैं।

अब बताइए जरा कि साहब को आंगनबाड़ी महिला कार्यकर्ताओं से किस तरह का रिएक्शन चाहिए ? क्या आंगनबाड़ी महिला कार्यकर्ता उनकी बातों पर तालियां नहीं बजाती ? अजी तालियां बजाने वाली कभी बातें तो कीजिए। हाँ ये हो सकता है कि साहब आंगनबाड़ी महिलाओं को इशारों में कुछ कहना चाहते हों और शरीफ इज्जतदार महिलाएं इनके इशारों को नजरअंदाज कर देती हों।

खैर, कुछ भी हो महिलाओं के खिलाफ इस तरह की बयानबाजी करना बेहद शर्मनाक है। इस तरह की बातें करना गैरजिम्मेदाराना और असभ्य है जो किसी भी तरह से बर्दाश्त करने लायक नहीं है। भारतीय जनता पार्टी के उच्च पदों पर बैठे नेताओं को इस बारे में सोचने की जरुरत है । देश इस वक्त आप में विश्वास दिखा रहा है अपने नेताओं की गलत जुबान और बयानबाजी के द्वारा उस विश्वास को तोडने की कोशिश मत कीजिए।

देश की महिलाएं रैलियों और सम्मेलनों में अच्छी बातें और योजनाएं सुनने आती आपको फ्लाइंग किस या रिएक्शन देने नहीं।

सावधानी जरूरी है

मामला है लखनऊ के सरोजिनी नगर में, 9 दिसंबर शनिवार की रात का , लगभग साढे आठ बजे एक लडकी कुछ सामान खरीदने के लिए बाहर गई हुई थी। वह सामान खरीदकर लौट ही रही थी कि उसके जान पहचान के एक युवक ने उसे घर तक छोडने की बात की। चूंकि युवक युवती की जान पहचान का था इसलिए युवती ने उस पर विश्वास कर लिया और उसके साथ चल दी। शायद युवती को अन्दाजा भी नहीं था कि उसने थोडी सी जान पहचान के आधार पर उस पर विश्वास करके बहुत बडी गलती कर दी है। युवक उसको घर ले जाने के बजाय एक सुनसान जगह पर ले गया और अपने दोस्त को भी बुला लिया। दोनों दोस्तों ने मिलकर उस युवती की इज्ज़त लूट ली और बाद में सडक किनारे फेंककर भाग निकले। युवती काफी देर तक मदद के लिए किसी के आने का इन्तजार करती रही। काफी देर के बाद एक इंसान पहुंचा और जब युवती ने उससे मदद मांगी तो उस इंसान ने मदद करने के बजाय फिर से उसके साथ रेप किया। खैर, बाद में पहुंचे कुछ और लोगों ने किसी तरह युवती को घर तक पहुँचाया और पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट दर्ज करवाई।

अब इसके आगे पुलिस क्या करती है क्या नहीं ये बाद की बात है लेकिन यह कोई नई घटना नही है। ऐसा पहले भी कई घटनाओं में हो चुका है जब किसी जान पहचान वाले ने ही दुष्कर्म किया है। आखिर हम और हमारे देश की युवतियां इन घटनाओं से कब सबक सीखेंगे और कब सावधानी बरतेंगे ?

घटना हो जाने के बाद हम सारा दोष सरकार , पुलिस और सुरक्षा व्यवस्था को देते हैं क्या हमारा फर्ज नहीं बनता कि हम भी थोडी सावधानी बरतें, अपनी सुरक्षा को लेकर सजग रहें, अपनी आँख और कान खुला रखें ?

हम बार बार देश की युवतियों से यही अपील करते हैं कि अपने घर के सदस्यों के अलावा किसी पर भी पूरी तरह विश्वास न करें खासकर रात के समय और यदि मजबूरी में किसी कम जान पहचान वाले के साथ जाना पडे तो कम से कम अपने घर वालों को इन्फार्म कर दें और सख्स का नाम बता दें जिसके साथ आप हैं तथा साथ ही साथ उस सख्स की हर हरकत पर ध्यान दें , यदि उसकी नीयत पर जरा सा भी संदेह हो तो तुरन्त उस सख्स को पता चले बिना पुलिस या महिला हेल्पलाइन पर इन्फार्म करें।

(महिला सुरक्षा से सम्बंधित हर हेल्पलाइन नंबर आप हमारी वेबसाइट से नोट कर सकते हैं। )


हम हर परिवार को यह सलाह देना चाहते हैं कि अपने घर की लडकियों को मजबूत बनाएं, उन्हें सावधान करें कि वो किसी पर भी आँख बन्द करके विश्वास न करें भले ही वह आपका विश्वसनीय पडोसी या रिश्तेदार हो। इस वक्त माहौल इतना खराब है कि जिसको मदद के लिए पुकारो वही फायदा उठा लेना चाहता है।

इसलिए आप सबसे गुजारिश है कि खुद को और अपनों को इतना सावधान रखिए कि घटनाएं कम से कम हों।

याद रखिये, वो घटनाएं जो थोडी सी सावधानी से टाली जा सकती थीं जब घटित होती हैं तो बडी तकलीफ होती है ।

सावधान रहिए, सुरक्षित रहिए।

बेटियां

हीरे हैं बेटे गर तो मोती हैं बेटियां

हर इक घर की लक्ष्मी होती हैं बेटियां


रिश्ते तोडना तो अक्सर आदत है बेटों की

हर रिश्ते को इक धागे में पिरोती हैं बेटियां


परिवार में सबकी फिकर रहती है इनको

सबको सुला के आखिर में सोती हैं बेटियां


इक ओर बडे होकर माँ बाप को रुलाते हैं बेटे

तो माँ बाप के लिए जीवन भर रोती हैं बेटियां





हीरे हैं बेटे गर तो मोती हैं बेटियां


हर इक घर की लक्ष्मी होती हैं बेटियां

बेचारी बेटियां

जन्म हुआ बेटी का
जैसे मरन हुआ है किसी का
ऐसा आलम है घर मे
मुँह लटका है सभी का
थोडी बडी हुयी बेटी
चिँता लगी सताने
कैसे होगा ब्याह सोचकर
सिर लगा बाप खुजलाने
कोस रहा है माँ को क्यो बेटी जन्मी तूने
कहाँ से आयेगा दहेज
हर चीज के दाम हुए दूने
जैसे तैसे ब्याह हुआ
और गयी बेटी ससुराल
सुनकर ताने सास ननद के
हुआ बुरा फिर हाल
सास कहे आराम न कर तू
काम करा कर तेज
ननद कहे कि आखिर तू
कम क्योँ लायी दहेज
बीता समय हुयी गर्भवती जब
फिर से यही दबाव कि
कुछ भी करना बेटी न जन्मना
बेटा होगा तो होगा रोशन घर का नाम
बेटी आयी तो बिगडेगा बनता सारा काम
आखिर हुआ जनम फिर बेटी का
सभी हुये हलकान
सिर पे रख के हाथ आज फिर
है पूरा घर परेशान

माँ रोये दिन रात सोचकर
सिर्फ एक ही बात
होगा वही फिर बेटी सँग जो हुआ था मेरे साथ
आखिर कब बदलेगी सोच जमाने की
कब होगी कम लालसा बेटा पाने की

कब तक कोसी जायेँगी ये प्यारी बेटियाँ
बेचारी बेटियाँ ।

बलात्कारियों को फाँसी दो

दुनिया में शायद ही कोई ऐसा परिवार होगा जिस परिवार में बेटियां नही हो और हर परिवार अपने घर की बेटी की सुरक्षा को लेकर गम्भीर रहता है। हर बेटी का बाप चाहता है कि उसकी हमेशा सुरक्षित रहे,और हर बहन का भाई चाहता है कि उसकी बहन सडकों पर ,कालेज में सुरक्षित महसूस करे। पर यह होगा कैसे ? क्या सिर्फ सरकार के सुरक्षा इन्तजाम काफी हैं इसके लिए ? जी नहीं, दरअसल जब तक हर मर्द के मन में लडकियों के लिए सम्मान की भावना विकसित नहीं होगी कोई भी नियम और सरकारी कानून हमारी बहन , बेटियों को सुरक्षित नही कर सकता।
महिलाओं में इस बलात्कार रूपी राक्षस का डर इस कदर भर गया है कि कोई भी महिला अकेले कहीं आने जाने से पहले चार बार सोचती है।हमारे देश की बेटी आज सडकों पर उतर कर न्याय मांग रही है, हमारे देश की बहनें आज पोस्टर लेकर महिलाओं साथ हो रहे बलात्कार के विरोध में प्रदर्शन कर रही हैं। यह सारी चीजें दर्शाती हैं कि हमारे देश हमारी दुनिया में महिलाएं कितनी असुरक्षित हैं।
सडकों , बाजारों की बात ही छोड दीजिए लडकियाँ कहीं पर भी सुरक्षित नही हैं।आज समाज इतना अधिक दूषित हो चुका है कि सगे रिश्ते भी कलंकित होते जा रहे हैं। समाचार पत्रों में अक्सर पढने को मिलता है कि शराबी बाप ने बेटी की इज्ज़त तार तार की या चचेरे भाई ने ही बहन का यौन शोषण किया । बदलते समय के साथ लोगों की सोच गन्दी होती जा रही है। हम अक्सर बाजारों में देखते हैं कि अधेड मर्द जिसकी खुद की भी जवान बेटी होती है ,जब किसी दूसरे घर की लडकियों को देखता है तो कहता है वाह क्या मस्त आइटम है।यह सब किसकी देन है ? मोबाइल, इंटरनेट या जिसकी भी देन हो लेकिन आने वाले समय में हालात और भी बदतर होने वाले हैं। अगर ऐसा ही चलता रहा तो एक दिन सडकों पर सिर्फ मर्द ही नजर आएंगे।
अभी भी वक्त है हालात सुधारे जा सकते हैं । हमारी लोगों से अपील है कि यदि आप सब कहीं पर भी किसी लडकी के साथ हो रही बदतमीजी या छेडखानी को देखें तो कृपया नजरअंदाज न करें। यह ना सोचें कि यह लडकी हमारे घर की नहीं है तो हम क्यों मदद करें। याद रखिए आज यदि किसी और की बेटी है तो कल उसी जगह पर आपकी बेटी या बहन भी हो सकती है।
फिर भी यदि आप अपने आपको कमजोर समझते हैं , लडकियों पर होते अत्याचार को देखते हुए भी आप में कुछ करने की हिम्मत नहीं है तो कम से कम पुलिस को इन्फार्म जरूर कर दें। अगर इतना भी आपसे ना हो पाए तो कृपया कम से कम बलात्कार के विरोध में प्रदर्शन करती लडकियों का साथ जरूर दे ,उनके साथ जरूर खडे हों। आपको देखकर उनका हौसला तो बढेगा।
अब सिर्फ एक ही नारा होना चाहिए..
ना इज्ज़त ना शाबाशी दो
बलात्कारियों को फाँसी दो।

औरत की एहमियत

कभी कभी हम देखते हैं कि पति पत्नी में सिर्फ खुद के वजूद या एहमियत को लेकर अनबन हो जाती है । पति समझता है कि घर का मालिक वही है हमेशा उसी की मर्जी चलनी चाहिए या पत्नी समझती है सारा घर वही सम्भालती है इसलिए हर फैसला उसकी रजामंदी से ही होना चाहिए। जिस घर में पति और पत्नी दोनों नहीं झुकना चाहते उस घर में पति पत्नी का रिश्ता कमजोर होने लगता है, कभी कभी तो टूट भी जाता है।
ऐसे में पति और पत्नी दोनों को यह समझना होगा कि वे दोनों एक दूसरे के पूरक हैं, एक ही साईकिल के दो पहिए ह़ै, दोनों में से यदि एक भी किसी फैसले के खिलाफ है तो वह फैसला सुकून नही दे सकता बल्कि समस्या ही खडी करेगा। इसमें कोई शक नहीं कि मर्द थोडे कठोर होते हैं और औरतें कोमल , इसीलिए ज्यादातर नियम मर्दों के बनाए हुए हैं और उन्हीं के पक्ष में हैं लेकिन इसका मतलब यह बिल्कुल भी नहीं है औरतों की कोई एहमियत नहीं है। यदि पत्नी अपने पति के फैसलों में उसका साथ दे रही है तो पति को भी चाहिए कि वह अपने फैसलों में पत्नी की रजामंदी शामिल करे।
पति वह नहीं है जो बल का प्रयोग करके पत्नी का प्रेम हासिल करता है। यूँ तो भारतीय पत्नियों की विशेषता है कि वे अपने पति से प्रेम ही करती हैं चाहे पति अच्छा हो या उन्हें मारता पीटता हो लेकिन लायक पति कहलाने का हकदार तो सिर्फ वही है जो प्रेम से अपनी पत्नी का प्रेम हासिल करता है। सच्चे पति पत्नी के रिश्ते में कोई छोटा या बडा नहीं होता है बल्कि दोनों बराबर होते हैं।
औरतें सम्मान की हकदार हैं और लायक भी , शायद इसीलिए भगवान के नाम से पहले उनकी पत्नियों/प्रेमिका का नाम लिया जाता है जैसे , गौरीशंकर, सीताराम या राधेकृष्ण। इन नामों को देखकर यह मत सोचिए कि गौरी, सीता और राधा क्रमशः शंकर, राम और कृष्ण से श्रेष्ठ हैं इसलिए इनका नाम पहले आता है , बल्कि इसलिए पहले आता है क्योंकि भगवान भी औरतों का सम्मान करते हैं। अपने बारे में सोचने से पहले पत्नी के बारे मे सोचना, अपना हक जताने से पहले उनके हक के बारे में सोचना ही उनका सम्मान करना है।

बेटी ही घर की लक्ष्मी है

हर तरफ दीपावली की खुशियाँ हैं और हर कोई अपने अपने घर की साफ सफाई में लगा हुआ है क्योंकि हिन्दू समाज में यह मान्यता है कि दीपावली के दौरान जब हर तरफ रोशनी ही रोशनी दिखाई देती है उस दिन माता लक्ष्मी दुनिया के भ्रमण पर निकलती हैं और यह देखती हैं कि कौन सा घर सबसे ज्यादा सुन्दर और साफ सुथरा है। ऐसा माना जाता है कि जो घर माता लक्ष्मी को पसंद आ जाता है वे उसी घर में बस जाती हैं और उस घर में कभी अन्न धन की कमी नही होती है।
लालच में पडकर लोग माँ लक्ष्मी की प्रतीक्षा करते हैं जबकि सच तो यह है लक्ष्मी तो पहले से ही हर घर में मौजूद रहती हैं कभी बेटी के रूप में तो कभी माँ, बहन और बीवी के रूप में। आज लालची इंसान अपने स्वार्थ में इस तरह खो चुका है कि वह माता लक्ष्मी को सिर्फ धन दौलत के रूप में ही पहचानता है। सिर्फ धन दौलत के रूप में माता लक्ष्मी को सीमित करना हम इंसानों की छोटी सोच को दर्शाता है।
अगर हम वास्तव में चाहते हैं कि माता लक्ष्मी हमारे घरों में निवास करें तो सबसे पहले उनके अन्य रूपों को पहचानना होगा। महिलाओं की इज्ज़त करनी होगी चाहे वह अपने घर की हों या किसी और के घर की। हर नारी में लक्ष्मी होती हैं और हर नारी में शक्ति। जो इंसान नारी की इज्ज़त नही करता वह दीपावली में चाहे कितना भी अपने घर को साफ और सुन्दर बना लें चाहे कितनी भी पूजा अर्चना कर ले , माता लक्ष्मी उसके घर में कभी भी प्रवेश नहीं करेंगी और यदि कर भी लिया तो वहां रुकेंगी नहीं, तुरन्त चली जाएंगी।
याद रखिए एक माँ ही परिवार में रिश्तों की नींव का निर्माण करती है, एक बहन ही हमारे झूठ में भी हमारा साथ देती है, एक बीवी ही जीवन को खूबसरती से भरती है और एक बेटी ही अपने साथ खुशियों की सौगात लाती है।क्या विभिन्न रूपों में हमारे जीवन में शामिल ये सब औरतें किसी लक्ष्मी से कम हैं ? जिसकी जिन्दगी में ये सब हैं वह तो पहले से ही धनवान है और जिसकी जिन्दगी में ये सब नहीं हैं वह तो धनवान होते हुए भी दरअसल बहुत गरीब है।
तो इस दीपावली आपसे गुजारिश है कि बेशक माता लक्ष्मी की पूजा कीजिए पर साथ ही साथ घर की लक्ष्मी औरतों का भी सम्मान कीजिए, उनकी इज्ज़त कीजिए ।
दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं।

लडकियों पर एसिड फेंकना मर्दानगी नही

लडकियों के चेहरों पर तेजाब फेंककर उनको बदसूरत बनाना आजकल आम हो गया है। आए दिन लडकियों पर एसिड अटैक की घटनाएं सामने आती रहती हैं। ये वे लोग होते हैं जो प्यार में असफल हो चुके होते हैं और मानसिक रूप से बीमार होते हैं।
ऐसे मानसिक रोगियों से लडकियों को सावधान रहने की जरुरत है। यदि कोई लडकी किसी लडके के प्यार के प्रस्ताव को ठुकराने जा रही है तो लडकी को इस बात का रखना जरूरी होता है कि उसकी "न" सुनने के बाद लडके का क्या रिएक्शन होता है । यदि लडकी द्वारा ठुकराए जाने के बाद लडका गुस्सा दिखाता है या चिडचिडापन महसूस करता है तो लडकी को समझ लेना चाहिए कि लडके की प्रकृति अच्छी नहीं है।
ऐसे लडको की हर हरकत को ध्यान में रखा जाना चाहिए और ज्यादा से ज्यादा दूरी बना कर रखनी चाहिए।फिर भी यदि आपको उस लडके से थोडी सी भी असुरक्षा महसूस हो तो तुरन्त इसकी जानकारी अपने परिवार को या पुलिस को दें ।
लडकियों के चेहरों पर तेजाब फेंकना लडकों में एक तरह की मानसिक विकृति का परिणाम है। जिन लडकों में इस तरह की मानसिक विकृति होती है उनको लगता है कि जो लडकी उन्हें पसंद आ गई वह सिर्फ उनकी है । ऐसे में जब वह लडकी उनके प्यार को अपनाने से इनकार कर देती है तो वे अपने आपको बहुत ज्यादा अपमानित समझने लगते हैं और सोचते हैं कि लोग उनकी मर्दानगी का मजाक उडाएंगे । जबकि ऐसा बिल्कुल भी नहीं होता है क्योंकि जरूरी नहीं कि हम जिस लडकी को पसन्द करें वो भी हमें पसन्द ही करे। प्यार में अपमानित होने जैसी कोई बात नहीं होती है यदि कोई लडकी किसी लडके के प्रेम प्रस्ताव को ठुकराती है तो लडके को उसके फैसले का सम्मान करना चाहिए न कि उससे बदला लेने के लिए उस पर एसिड फेंकना चाहिए या अन्य तरह का कोई नुकसान पहुँचाना चाहिए, दरअसल यही तो सच्चा प्यार होता है।
आजकल उन नवयुवकों को समझाने की जरुरत है जो इस तरह का घिनौना अपराध करके किसी मासूम लडकी की जिन्दगी को नरक बनाते हैं। इसके लिए परिवार के लोगों को अपने बच्चों को सही संस्कार देने चाहिए और उन्हें सही गलत में अन्तर करना सिखाया जाना चाहिए।
कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो आपसी रंजिश की वजह से अपने विरोधियों के घर की महिलाओं पर एसिड फेंकते हैं यह बिलकुल ही कायराना हरकतें हैं। ऐसा करके भले ही थोडी देर के लिए उस इंसान को अपने दुश्मन पर फतेह हासिल करने की खुशी मिल जाए मगर जिस मासूम की जिन्दगी बर्बाद हो गई है उसके लिए क्या ईश्वर उसे माफ करेगा, बिल्कुल नहीं।
सबसे बडा सवाल यह है कि जब लडके लडकियों के साथ वेवफाई करते हैं या उनको धोखा देते हैं तो लडकियां तो चुपचाप सह लेती हैं लेकिन औरतों महिलाओं की छोटी सी गलती पर हम बिना सच्चाई की गहराई तक गए उनसे कितनी सख्ती से पेश आते हैं, एसिड फेंकते हैं , यहां तक कि जान लेने की भी कोशिश करते हैं , क्यों ? क्या सिर्फ इसलिए कि हम मर्द हैं ? आखिर यह कैसी मर्दानगी है ?

छात्राओं से छेडखानी पर जलता बीएचयू

बीएचयू, वाराणसी
उत्तर प्रदेश।

वाराणसी में छात्राओं ने आए दिन अपने साथ हो रही छेडखानी के विरोध में धरना प्रदर्शन क्या शुरू किया सरकार और पुलिस प्रशासन की नींद उड गई है। यह वह मोदी और योगी की सरकार है जो चुनाव से पहले प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बहुत जागरूक नजर आ रही थी मगर जैसे ही यह सरकार सत्ता में आई अन्य सरकारों की तरह यह भी अपने वादे भूल गई।
जिसका परिणाम यह हुआ कि छात्राओं को खुद अपने साथ हो रही छेडखानी का विरोध करने के लिए आगे आना पडा।
मामला है 21 सितंबर का जब दृश्य संकाय की एक छात्रा के साथ भारत भवन के पास छेडखानी की गई और उस छेडखानी से आक्रोशित छात्राएं विरोध करने के लिए त्रिवेणी हास्टल से सडकों पर उतर आईं । छात्राओं की मांग सिर्फ इतनी थी कि कुलपति स्वयं आकर उनको आश्वासन दें और सुनिश्चित करें की आगे से इस तरह की छेडखानी घटनाएं नहीं होगी लेकिन कुलपति ने यह आश्वासन देने आने के लिए साफ मना कर दिया ।जिससे आक्रोशित छात्राओं ने कुलपति आवास के पास भी नारे लगाना जारी रखा तो बीएचयू के सुरक्षा कर्मचारियों ने उन पर लाठीचार्ज कर दिया जिसमें कई छात्राएं बुरी तरह से घायल हो गई।
जब यह सूचना संस्थान के बाकी छात्रों को हुई तो वे सुरक्षा कर्मचारियों की इस हरकत से और भी उग्र हो गए।
अब तक बात पुलिस प्रशासन तक पहुंच चुकी थी और सिपाही गश्त पर आ चुके थे।छात्राओं पर हुए लाठीचार्ज के विरोध मे जब छात्र सामने आए तो पुलिसकर्मियों द्वारा उन पर भी लाठियां भांजी गई।
अपनी असफलता को छुपाने के लिए छात्रों पर लाठीचार्ज करवाना कहां का न्याय है। क्या कोई अपनी सुरक्षा को लेकर धरना भी नहीं दे सकता है। अधिकारियों का कहना है कि छात्रों ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और डीएम के साथ बदसलूकी की जिसके चलते उन पर लाठीचार्ज किया गया हम पूछते हैं कि आप लोग एक बार थोडी सी बदसलूकी से इतना खफा हो गए कि छात्रों और छात्राओं पर लाठीचार्ज करवा दिए , जरा उन लडकियों से भी उनका दर्द पूछिए जो हर रोज दिन भर में न जाने कितनी बार सडक छाप मजनुओं की बदसलूकी सहती हैं उन पर क्या बीतती होगी। छात्राओं ने अपने ऊपर हो रही बदसलूकी को रोकने और विश्वविद्यालय प्रशासन,सरकार तथा पुलिस प्रशासन को जगाने के लिए धरना प्रदर्शन शुरू किया तो आप लोगों ने उल्टा उन्हें ही बदतमीज घोषित कर दिया और बदसलूकी का इल्जाम लगाकर लाठीचार्ज करवा दिया। ये तो भाई हद हो गई आपने तो छात्राओं को सीधा सीधा जवाब दे दिया कि हम तुम लोगों की रक्षा नहीं कर सकते और तुम्हें धरना प्रदर्शन भी नहीं करने देंगे।
क्या योगी जी और मोदी जी बता सकते हैं कि उनका एन्टी रोमियो स्क्वाड कहाँ है ? आखिर उनका एन्टी रोमियो स्क्वाड फेल कैसे हो गया वो भी वाराणसी जैसे बडे शहर और बीएचयू जैसे प्रसिद्ध शिक्षण संस्थान में ?
जब एक बडे शहर और प्रसिद्ध शिक्षण संस्थान में भी लडकियों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं है तो गाँवों और छोटे शहरों में उनकी सुरक्षा के लिए क्या व्यवस्था होगी ?
हम यह नहीं कहते कि महिला सुरक्षा के मामलों में सरकार और पुलिस ने चूडिय़ां पहन रखी हैं लेकिन यदि छात्राओं को छेडखानी के विरोध में सडकों पर उतरना पडे तो यह सरकार की नाकामी, पुलिस प्रशासन की शिथिलता और एन्टी रोमियो स्क्वाड की असफलता सिद्ध करने के लिए काफी है।

नवरात्र: हर औरत में दुर्गा हैं

नवरात्र शुरू हो चुका है और अगले नौ दिन तक देवी माँ की पूजा आराधना बडे श्रद्धा भाव से की जाएगी। बहुत सारे नर नारी नौ दिन तक उपवास रखेंगे और देवी माँ का आशीर्वाद प्राप्त करेंगे।
मैं उन सब भक्तों को बताना चाहूंगा कि देवी माँ भी एक नारी हैं और उनका अंश दुनिया की हर नारी में विद्यमान है या यूं कहिए कि हर औरत देवी माँ का स्वरुप है। इस दुनिया में बहुत सारे लोग ऐसे भी हैं जो औरतों की इज्ज़त नहीं करते उनका सम्मान नहीं करते वो भी देवी माँ का आशीर्वाद प्राप्त करना चाहते हैं और व्रत उपवास रखकर माँ को प्रसन्न करने की कोशिश करते हैं।
अब आप ही बताइए कि जिस इंसान ने 365 दिन में 356 दिन महिलाओं ( देवी माँ के स्वरूप) की इज्ज़त नहीं की उनका सम्मान नहीं किया वह 365-356= 9 दिन में माँ को प्रसन्न करके उनका आशीर्वाद पाना चाहता है। कितनी अजीब बात है कि इंसान एक तरफ महिलाओं की इज्ज़त से खिलवाड़ करता है , दहेज के लिए बहूओं को जिन्दा जला देता है, सडकों पर चल रही युवतियों को देखकर गन्दे शब्दों का प्रयोग करता है , उनका अपहरण करके बलात्कार करता है लेकिन नवरात्र में देवी माँ ( जो कि खुद नारी हैं) के सामने हाथ जोडकर खडा रहता है और उम्मीद करता है कि देवी माँ उसको आशीर्वाद दें।
क्या यह मुमकिन है कि जिस पुरुष ने कभी महिलाओं की इज्ज़त नही की बल्कि उल्टा उन पर अत्याचार किया है उस पर देवी माँ प्रसन्न होंगी ? कभी नही। क्योंकि देवी माँ खुद एक नारी हैं और नारियों पर अत्याचार करने वालों को वह आशीर्वाद नहीं सिर्फ़ दण्ड देती हैं।
देवी माँ के नौ रूप हैं और नौ दिन इन्हीं नौ रूपों की आराधना की जाती है । ये नौ रूप माँ के अलग अलग स्वाभाव को व्यक्त करने वाले होते हैं। यही नौ रूप और नौ तरह के स्वाभाव दुनिया भर की महिलाओं में देवी माँ के अंश के रूप में विद्यमान हैं। कहने का मतलब यह है कि कोई भी नारी हो या छोटी बच्ची हो सबमें देवी माँ का कोई न कोई रूप अवश्य होता है क्या पता किस रूप में देवी माँ आपसे क्रोधित हो जाएं या प्रसन्न हो जाएं इसलिए हर नारी की इज्ज़त करनी चाहिए ।
इसलिए अगर आप चाहते हैं देवी माँ का सच्चा आशीर्वाद आपको मिले और वह आपके सारे दुखों सारी समस्याओं का निवारण करें तो आप भी आज से प्रण करें कि आज के बाद आप किसी महिला के साथ दुर्व्यवहार नहीं करेंगे, सडकों पर चल रही किसी कन्या पर भद्दे और गन्दे शब्दों का प्रयोग नहीं करेंगे, दहेज की खातिर बहुओं को प्रताड़ित नहीं करेंगे और साथ ही अपने दोस्तों और पडोसियों को भी ऐसा करने से रोकेंगे। यदि आप एक भी महिला की इज्ज़त और सम्मान की रक्षा करने में सफल हो गए तो मेरा दावा है कि देवी माँ आपको बिना मांगे मनचाहा आशिर्वाद और वरदान प्रदान कर देंगी।

तो आइए हम इस प्रण के साथ कि हम समाज की हर स्त्री का सम्मान करेंगे और उनकी इज्ज़त करेंगे, देवी माँ की आराधना करते हैं और उनके चरणों में शीश झुकाते हैं।

प्रथम शैलपुत्री
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मंत्र:
वन्दे वांछित लाभाय चन्द्रार्द्धकृत शेखराम।
वृषारूढा शूलधरां शैलपुत्री यशस्विनीम।।

गीत/भजन
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मुरझाया हुआ जीवन फूलों जैसा खिल जाएगा
नवरात्र में जो भी मांगोगे माँ से मिल जाएगा

जाओगे कहाँ बोलो होके मां से विमुख
आ जाओ दरबार में पा लो मां से थोडा सुख
कोई भी तकलीफ न कोई दर्द सताएगा
नवरात्र में जो भी मांगोगे मां से मिल जाएगा

न कोई गरीब है न अमीर न महान
मइया के दरबार में हर कोई है एक समान
छोटा या बडा कोई निराश न जाएगा
नवरात्र में जो भी मांगोगे मां से मिल जाएगा

जब ले डूबे उम्मीदें नाकामी की लहर
जब भी जीवन नइया फंसेगी जाके बीच भंवर
मां का आशिर्वाद ही बेडा पार लगाएगा

मुरझाया हुआ जीवन फूलों जैसा खिल जाएगा
नवरात्र में जो भी मांगोगे मां से मिल जाएगा

द्वितीय ब्रह्मचारिणी
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मंत्र:
दधना कर पद्याभ्यांश्च माला कमण्डलम्।
देवी प्रसीदमयी ब्रह्मचारिण्यनुत्तमा ।।

गीत/भजन
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ये सोच के आया हूँ कि तेरे दर्शन पाऊँगा
ऐ माँ तेरे दरबार से खाली न जाऊँगा
तू जानती है सब कुछ मेरे मन की बातें माँ
ये पोटली मैं झूठ की कितना छुपाऊँगा
तू अपनी शरण मे आने दे अपने बच्चे को
चरणों मे तेरी ही सारा जीवन बिताऊँगा
सुन ले तू अर्जी अपने बेटे "राज" की मइया
जब तक ना आयेगी तब तक तुझको बुलाऊँगा ये सोच के आया हूँ कि तेरे दर्शन पाऊँगा
ऐ माँ तेरे दरबार से खाली न जाऊंगा

तृतीय चन्द्रघण्टा
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मंत्र:
पिण्डजप्रवरारूढा चण्डकोपास्त्रकैयुता।
प्रसादं तनुते मद्यं चन्द्रघण्टेति विश्रुता।।

गीत/भजन
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तेरे जैसा कौन यहाँ शक्तिशाली
करती रहना यूँ ही कृपा शेरावाली

दानी है तू मैइया हमको दान देदे
भटकें न राह से वो ज्ञान देदे
न्याय और धर्म की ही राह पे चलें
सच्चाई का ऐसा वरदान देदे
रस्ता मइया देखूँ हर बरस तेरा
बडा दुर्लभ है माँ दरस तेरा
बुराई पाप अधर्म से मुक्ति दे तू
लडें हम अन्याय से इतनी शक्ति दे तू
एक तरफ ममता लुटाती है तू माँ
क्रोध में हो तो तू ही बने काली
तेरे जैसा कौन यहाँ शक्तिशाली
करती रहना यूँ ही कृपा शेरावाली

चतुर्थ कुष्माण्डा
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मंत्र:
सुरासम्पूर्णकलशं रुधिराप्लुतमेव च।
दधनाहस्तपद्याभ्यां कुष्माण्डा शुभदास्तु मे।।

गीत/भजन
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वर दे हमको वर दे माँ
धन्य ये जीवन कर दे माँ
सुना है कि तू दानी है
जग अज्ञानी तू ज्ञानी है
मै खडा हूँ तेरे दर पे
मेरी भी झोली भर दे माँ
वर दे हमको वर दे मा
धन्य ये जीवन कर दे माँ

इक बार तेरा दीदार मिले
बच्चे को माँ का प्यार मिले
मैं सब कुछ हासिल कर लूँ
आशीष तु अपना अगर दे माँ
वर दे हमको वर दे माँ
धन्य ये जीवन कर दे माँ

वर दे हमको वर दे माँ
धन्य ये जीवन कर दे माँ

पंचम स्कन्दमाता
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मंत्र:
सिंहासनगता नित्यं पद्याञ्चितकरद्वया।
शुभदास्तु सदा देवी स्कन्दमाता यशस्विनी।।

गीत/भजन
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चैन मिला न जितना पूरे संसार में
इतना सुकून मिला माँ के दरबार में

ढूँढ के भी जिसको ढूँढ न पाया मैं
मन की वो शान्ति है माँ के दीदार में

इतनी मोहक सूरत है मइया की
देख के मन नहीं भरता एक बार में

ममता लुटाना यूँ ही बच्चों पे माँ
कमी होने पाये न तेरे लाड प्यार में

चैन मिला न जितना पूरे संसार में
इतना सुकून मिला माँ के दरबार में

षष्ठं कात्यायनी
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मंत्र:
चन्द्रहासोज्जवलकरा शार्दूलवरवाहना।
कात्यायनी शुभम् दद्यादेवी दानव घातिनी।।

गीत/भजन
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मइया मेरे ऊपर भी इक उपकार कर देना
जब कभी भँवर में अटकूँ तो तू पार कर देना

रक्षक है तू दुनिया भर की जानता हूँ मैं
अपनी कृपा तू मुझपे भी इक बार कर देना

देना हमें आशीष कि आगे बढें हम भी
सुख शान्ति के सपनों को साकार कर देना

जब हारने लगे सच्चाई झूठ से कभी
तू आना धरती पर औऱ चमत्कार कर देना

मइया 'राज' के ऊपर भी उपकार कर देना
जब कभी भँवर में अटकूँ तो तू पार कर देना

सप्तम् कालरात्रि
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मंत्र:
एकवेणी जपाकर्णपूरा नग्ना खरास्थिता।
लम्बोष्ठी कर्णिकाकर्णी तैलाभ्यक्तशरीरिणी।।
वामपादोल्लसल्लोहलता कण्टक भूषणा।
वर्धन्मूर्धध्वजा कृष्णा कालरात्रिर्भयंकरी।।

गीत/भजन
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तेरे चरणों में थोड़ी जगह मिल गयी
जिन्दगी जीने की माँ वजह मिल गयी
बेवजह मैं जिये जा रहा था
व्यर्थ जीवन किए जा रहा था
तेरी भक्ति मिली
मन को शक्ति मिली
डूबी नइया को जैसे सतह मिल गयी

मुझको तेरा इशारा मिला है
आँधियों में सहारा मिला है
मेरे हर एक ग़म
हो रहे हैं खतम
खोई थी जो हँसी मुझको वह मिल गयी
तेरे चरणों में थोड़ी जगह मिल गयी
जिन्दगी जीने की माँ वजह मिल गयी

अष्टम् महागौरी
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मंत्र:
श्वेतवृषे समारूढा श्वेताम्बर धरा शुचिः।
महागौरी शुभम् दद्यान्महादेव प्रमोददा।।

गीत/भजन
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ऐ माँ तेरा आशीष किसी वरदान से कम नही
तेरी हर एक बात किसी बडे ज्ञान से कम नही

तू यूँ ही अपनी कृपा बरसाती रहना
हम भटकें भी तो राह दिखाती रहना
थोडी सी जगह चरणों में दो जहान से कम नहीं
ऐ मां तेरा आशीष किसी वरदान से कम नही

जीवन की हर ठोकर से बचाती रहना
धर्म न्याय का पाठ हमें पढाती रहना
चरणों में तेरे गिरना किसी उत्थान से कम नही
ऐ मां तेरा आशीष किसी वरदान से कम नही

ऐ माँ तेरा आशीष किसी वरदान से कम नही
तेरी हर एक बात किसी बडे ज्ञान से कम नही

नवम् सिद्धिदात्री
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मंत्र:
सिद्धगन्धर्वपश्चादौर सुरैरमरे रवि।
सेव्यामाना सदाभूयात् सिद्धिदा सिद्धिदायिनी।।

गीत/भजन
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तेरे कदम जिस घर मे पडे वो
घर घर नही स्वर्ग हो जायेगा
तू गर सहारा दे दे किसी को
उसका कोई क्या कर पायेगा

तेरी हँसी खुशियों का खजाना
तू खुश है तो खुश है ये जमाना
गुस्सा तेरा है कोई बवंडर
जिसमें हर इक दुष्ट खो जायेगा

आशीष तेरा मिलता रहे बस
ये सिलसिला यूँ ही चलता रहे बस
तू रूठना मत हमसे नही तो
जगता नसीबा भी सो जायेगा

तेरे कदम जिस घर मे पडे वो
घर घर नहीं स्वर्ग हो जायेगा
तू गर सहारा दे दे किसी को
उसका कोई क्या कर पायेगा।

*जोर से बोलो जय माता की*
*मिलकर बोलो जय माता की*

इण्टरमीडिएट की छात्रा का रेप

फिर से लुटी एक मासूम की इज्ज़त:

जयपुर, राजस्थान।
मामला राजस्थान के जयपुर के एक प्राइवेट स्कूल का है जहाँ इण्टरमीडिएट की एक छात्रा का दो लोगों ने दो महीने तक बलात्कार किया। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और पूछताछ की जा रही है।
स्कूल के अध्यापक जगत गुज्जर और निदेशक जगदीश यादव छात्रा को एक्स्ट्रा क्लासेस के लिए बुलाते थे और दोनों ही उसे बहला फुसलाकर उसका यौन शोषण करते थे। दोनों अपराधियों की धमकियों और बदनामी के डर की वजह से छात्रा अपने साथ हो रही इस घिनौनी हरकत के बारे में किसी से कुछ नही कहा। मामला तब सामने आया जब छात्रा गर्भवती हो गई और उसका गलत तरीके से गर्भपात करवाया गया। छात्रा का दो बार आपरेशन करवाया गया जिसमें आक्सीजन की कमी हो गई और स्थायी रूप से उसका दिमाग क्षतिग्रस्त हो गया।
हालांकि पता चलने पर छात्रा के माता पिता ने लगभग चार सौ छात्रों के साथ विद्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन किया जिसकी धजह से विद्यालय को अनिश्चित काल के लिए बन्द कर दिया गया है।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया गया है पूछताछ जारी है और आगे उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाही की जाएगी।
इस घटना के सामने आने के बाद हर पैरेंट्स को और भी सावधानी बरतने की जरूरत है। आजकल किसी पर भी भरोसा नही किया जा सकता है। अब वो जमाना गया जब लोग शिक्षकों पर खुद से भी ज्यादा यकीन किया करते थे। आज के समय में अक्सर ऐसी घटनाएं सामने आती रहती हैं जिसमें अध्यापक ही अपने छात्रों का गुनाहगार होता है। इसलिए यदि आप भी अपनी बेटी को प्राइवेट ट्यूशन के लिए भेजते हैं तो पहले ट्यूशन देने वाले का चरित्र जरूर परख लें क्योंकि अकेली लडकियों को ट्यूशन पढाने वाले हर टीचर का चरित्र अच्छा हो यह जरुरी नहीं है।
इसलिए खुद भी सावधान रहें और दूसरों को भी सावधान रहने की सलाह जरूर दें।

SAVE THE BABY GIRLS

We are living in 21st century (an educated world) but some of us behave like uneducated person. People says that we are growing and on the way of development but in case of girls we have a negative mind specially in underdevelopment country like India.
Today, people wants to have a baby boy in place of baby girl because they think that only the boys can run their offspring and become heirs. People consider daughters as a burden even its not true . Its just a result of negative thinking of mind.
Today, an educated girl can do everything that a boy can. People just need to educate their girls and give them a good manners.
To get their next kin as a boy people are trying so many tricks and start doing crime. Yes , they are killing baby girls.
In India if you will search , can find many dead baby girls in litter pile and hospital dust bin. This is really shocking that how parents can throw away their baby just because she is a girl ? Unfortunately, some well educated people also doing that crime that is more shocking.
I have a request to those people who want only boys for their next kin that please adopt a baby boy and stop killing baby girls. If God is not giving you boy then whats the fault of girls in it. Why are you killing them ?
But Remember, today you don't need a girl but when your boy will be 25 or 27 years old you will need a girl as daughter in law then how you will accept it ? If all people will hate the baby girls then where you'll find daughter in law ?
So people , be educated and behave like a human . Save the girls to save this world because world won't run without women. If this human world is a bycycle then men and women are two wheels of it and a bycycle couldn't run with one wheel.
If you are agree to save girls please share it to all around the world ....

JUST TRUST ON YOUR WIFE

SAVE YOUR RELATIONSHIP

There is so many people who always blame on their wife because of a little misunderstanding which is not good at all. The relationship of a couple based on trust and respect between each others .
If your friend or family menber told you that your wife is cheating you or she has an affair then what will be your first reaction ? Of course you will ignore it if you love her really and have trust on her. In other side if you don't have trust on your wife then you will get angry and start fighting with your wife. I think this is wrong way to treat your wife . How can you destroy all trust because your friends tell you something ? How can you start doubting on your wife easily if she is satisfied having you in her life ?
Remember , always wife is not wrong and always friends are not correct sometimes they could have also misunderstanding.
Maybe your friends felt jealous from your happy married life that is why he or she puts some fire of misunderstanding in your relationship.
So guys if someone telling you something bad about your life partner then don't react bad instantly. Just listen your friends and calmly think about it. If you feel that your wife could cheat you then go to her and ask frequently everything and try to know what's in her mind. Don't forget to tell her that you are not doubt on her but your friends put these doubting points in your mind.
Once you will talk to your wife she will clear all your doubts. So keep your relationship strong and never let someone destroy it for fake information..
Good luck.

सुरक्षित महिला सुरक्षित समाज

देश कोई भी हो सुरक्षित तभी समझा जाएगा जब वहां के बच्चे और औरतें सुरक्षित हों। कोई देश कितनी भी तरक्की क्यों न कर ले कितनी भी योजनाएं क्यों न चला ले लेकिन यदि सडकों पर चलने वाली महिला के मन में डर बना हुआ है कि कोई उसके गहने न छीन ले या गलत कमेंन्ट्स न कर दे या अगवा करके बलात्कार न कर दे तो वह देश या प्रदेश असुरक्षित ही कहा जाएगा।
जो सरकार महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सजग नहीं है वह ज्यादा दिन तक शासन नहीं कर सकती। एक सरकार के समर्थक से मेरी बात हुई तो उन्होंने मुझसे कहा कि आपको विकास दिखाई क्यों नहीं देता है सडकों का निर्माण हो रहा है , बिजली व्यवस्था भी पटरी पर लौट रही है और बेरोजगारी को भी दूर करने का प्रयास किया जा रहा है फिर आप कैसे कह रहे हैं कि प्रदेश या देश में महिलाएं सुरक्षित नहीं है। मैं खामोश रहा कुछ नहीं बोला।
अगले ही दिन उनकी 20 साल की बेटी शहर किसी काम से जा रही थी तो साथ में वो भी थे। मैने पूछा अरे सर कहाँ की तैयारी है? वो बोले बस बेटी को शहर हास्टल तक पहुँचाने जा रहे हैं।
मैनें कहा तो उनको बस में बैठा दीजिये वो चली जाएंगी आप क्यों परेशान हो रहे हैं? वो बोले अरे नहीं लडकी है अकेले जाना ठीक नहीं है रास्ता भी लम्बा है , माहौल ठीक नहीं है आजकल, इसलिए छोड कर आना ही ठीक होगा।
दरअसल, ये वही महानुभाव हैं जो कल सरकार की बडी बडी तारीफ कर रहे थे और कह रहे थे कि प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा के व्यापक इन्तजाम है लेकिन जब अपनी बेटी की सुरक्षा की बात आई तो खुद उन्होंने कबूल कर लिया कि प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा में अभी बहुत सारी कमियाँ हैं।
सिर्फ़ योजनाओं का निर्माण कर देना ही सरकार का फर्ज नहीं है बल्कि उस योजना पर सरकार की तब तक जिम्मेदारी होनी चाहिए जब तक कि उसका क्रियान्वयन न हो जाए और वह योजना सफल न हो जाए। असफल योजनाओं की समीक्षा करके पुनः नई तैयारी के साथ नई योजना लानी चाहिए और लागू करना चाहिए। ऐसा तब तक होते रहना चाहिए जब तक कि योजना सफल न हो जाए।

British paedophile Paul Leighton jailed for 16 years for rape

British paedophile Paul Leighton jailed for 16 years for rape
Leighton, 31, used fake Facebook accounts to coerce children in the US, Canada and Australia to commit sexual acts.

A British paedophile who blackmailed more than 100 children to sexual exploitation in different countries of the world, has been convicted of rape and sentenced to 16 years.

Presenting himself as a child, Paul Leighton, 31, has made more than 40 Facebook accounts for trapping Teen Agers in his love trap and receiving their nude photos and videos from them.

Once he had received a picture or video, he blackmailed the concerned children through it and threatened that if it was not considered, then he would have taken all the photos and videos viral between their family, friends and relatives.

He used to do many wrong things with the children in the back of those photos and videos. A teenager raped her niece to please him.

SOCIAL MEDIA-double edged sword

This is the time of social media. Social media is the medium through which we can share our thoughts and ideas easily to the whole world. The social media gives us the same convenience as the problem is also creating. Therefore, the person (specially women) using social media needs to take some precautions. Yes, it is a matter of thinking that nowadays it is being edited by stealing photos of innocent girls from social sites and a simple-looking profile photo is being converted to sexy and naked photo. Except for the face, the rest of the body parts are being edited and upload on social sites. Sometimes, many boys take the girls in their love trap and get their private photos and then blackmail them by threatening to defame them by putting them on social sites. Girls also endure this oppression because they do not want to lose the respect of themselves and their family.

Therefore, it is not easy to stop this crime on social media, but in this case, the girls need to be very careful.

Therefore, posting photos on social sites must use the privacy .

No matter how much someone loves you, never send him your private photo. Remember that anything that is uploaded on the Internet is never deleted, it appears somewhere in some form. So if you are going to post your pics on social site then be careful.

We are not stopping you to use social media,Of course, use social media but your little caution can save you from big trouble.

लडकी ने जन्म लिया है

जब बिन मौसम बहारें आ जाएं
जब दुश्मन प्यार सिखा जाएं
गम का कोई राक्षस सो जाए
जब कोई ख्धाहिश पूरी हो जाए

जब दिल के तार लगें हिलने
जब मन को सुकून लगे मिलने
जब रोता हुआ कोई हँसने लगे
बिन बादल पानी बरसने लगे

जब खुद खुदा मुस्कुराने लगे
जब भौरें गुनगुनाने लगें
जब कलियाँ खुद पे इतराने लगें
जब वादियाँ सोहर गाने लगें

तो समझ जाना कि आस पास
किसी परी
किसी लडकी का जन्म हुआ है।

बाबाओं से बच के रहना रे बाबा

भारत में बाबाओं, साधुओं और सन्तों की कमी नहीं है लेकिन कुछ दुष्ट और ढोंगी भोगी बाबाओं ने सच्चे साधुओं को भी बदनाम कर दिया है। पहले का जमाना था कि लोग मोह माया , काम इच्छाओं को त्यागकर साधू सन्यासी बनते थे लेकिन अब तो लोग सुख भोगने के लिये, अपनी कामेच्छा पूरी करने के लिये , धन दौलत इकठ्ठी करने के लिए साधू बाबा बनते हैं। साधू सन्यासी का मतलब होता है धन दौलत और सांसारिक सुखों से अलग होकर सिर्फ ईश्वर की सेवा करना ,मगर आज सबसे ज्यादा पैसा और सुख किसी के पास है तो वे आजकल के साधू सन्त ही हैं। साधू सन्तों का काम होता है दुनिया में ज्ञान बाँटना और शान्ति कायम रखना लेकिन आजकल बाबाओं और उनके समर्थकों ने सबसे ज्यादा बवाल मचा के रखा है। किसी आम इंसान ने अगर इन बाबाओं के खिलाफ मुँह खोला तो ये बाबा और उनके समर्थक उस आम इंसान की हत्या करवा देते हैं । भाई ये तो सीधा सीधा गुंडागर्दी है कि हम जो कर रहे हैं हमें करने दो वरना जान से हाथ धोना पडेगा। दरअसल, ये गुंडे ही हैं जिन्होंने कानून से बचने के लिए साधू बाबा का चोला ओढ रखा है।
अब आप बताइए कि साधू सन्त का काम तो दुनिया भर में शान्ति कायम करना, अहिंसा का प्रचार करना और सबको जीवों पर दया करना सिखाना है मगर आजकल के साधू तो बात बात पर हिंसा और उपद्रव पर उतारू हो जाते हैं, ये काहे के साधू हैं।
साधू सन्त अपने ज्ञान से दुनिया को बचाने का कार्य करते हैं पर यहाँ तो साधुओं और बाबाओं को अपनी ही जान की चिन्ता रहती है इसलिए बडी बडी गाडियां भर के हथियार बन्द सुरक्षाकर्मियों के साथ आते जाते हैं , ये साधू हैं या नेता ?
मेरे देश की भोली भाली जनता अरे अब तो जाग जाओ।आशाराम बापू, बाबा रामपाल, बाबा राम रहीम और न जाने कितने मौलवी और पादरी बलात्कार के गुनाह में गिरफ्तार हो चुके हैं और अब भी न जाने कितने आश्रमों में बहू बेटियों की इज्ज़त से खिलवाड़ हो रहा होगा पर सच को सामने लाने की किसी में हिम्मत नहीं है। इसलिए अंधविश्वासों को त्यागो और आँखों को खोलकर चलो तथा अपनी माताओं, बहनों और बेटियों को इन काम के भूखे भेडियों से बचाओ।
याद रखिए साधू सन्त वही है जो साधू सन्त की परिभाषा पर खरा उतरता है। साधू वह होता है जो कुश और घास पर उठता बैठता या सोता हो , सोने चाँदी के सिंहासन पर बैठने वाला और मखमल के बिस्तर पर सोने वाला या तो व्यापारी होगा या तो भोगी।
सच्चे साधू सन्यासियों की किसी से दुश्मनी नहीं होती , वो तो ईश्वर के सानिध्य में रहते हैं उन्हें मृत्यु का कैसा डर। हजारों सुरक्षाकर्मियों और हथियार बन्द समर्थकों के साथ चलने वाला इंसान साधू या बाबा नहीं हो सकता वह या तो गुंडा होगा या नेता।

सच्चे साधू सन्त स्त्रियों के स्पर्श से दूर ही रहते हैं ताकि उनका ब्रम्हचर्य सलामत रहे और ताकि वे दुनिया को खुद पर नियंत्रण रखने के सम्बंध में प्रेरणा दे सकें। स्त्रियों सें पाँव दबवाने वाला, स्त्रियों के साथ रहने वाला या स्त्रियों से सेवा करवाने वाला या तो भोगी होगा या तो बलात्कारी।
ज्ञान लेना ही है तो ऐसे साधू बाबा से लीजिए जो आपको सिर्फ ज्ञान दे बदले में आपका धन और आपकी तथा आपकी बहन ,बेटी और बहू की इज्ज़त न मांगे।
अगर सिर्फ कुछ चौपाइयों को कहने और उनका अर्थ समझा देने भर से कोई साधू सन्यासी या बैरागी बन जाता तो यह तो हर पढा लिखा इंसान कर सकता है। साधू वह होता है जिसका चरित्र ऊँचा हो। चरित्रहीन इंसान को साधू या बाबा कहलाने का कोई हक नही है। साधू बनने की जो सबसे बडी कसौटी है वह है अपनी इच्छाओं पर नियंत्रण रखना और अपने आपको काम, क्रोध, लोभ और मोह से दूर रखना , और इसमें से एक भी लक्षण आजकल के साधू बाबाओं में देखने को नहीं मिलते। अगर कुछ सच्चे साधू सन्त हैं भी तो उन तक आम इंसान पहुंच ही नहीं पाता क्योंकि बीच में ये ढोंगी , लोभी और कामी बाबा बडे बडे झूठे आडंबर और भौकाल दिखाकर रोक जो लेते हैं।
इसलिए आजकल के बाबाओं के ज्ञान को परखने के साथ साथ उनके चरित्र को भी परखना जरूरी हो गया है।

बाबा राम रहीम - A RAPIST

बाबा राम रहीम, कहने को तो बाबा, परमेश्वर और जाने क्या क्या मगर काम ऐसे कि मानवता शर्मसार हो जाए। आज बाबा राम रहीम का एक नया नामकरण हुआ है वह नया नाम है रेपिस्ट, खूनी और आरोपी। खुद को भगवान कहने वाले राम रहीम ने लोगों को अपने झूठे अंधविश्वास के माया जाल में इस तरह फँसाया हुआ है कि उस पर आरोप साबित होने के बावजूद भी लाखों लोग कोर्ट के फैसले का विरोध करने पर आमादा हो रहे हैं। बाबा राम रहीम के समर्थकों के उपद्रव की वजह से कई लोगों की जान भी जा चुकी है। बाबा राम रहीम के समर्थकों को सोचना और समझना चाहिए कि,यह कैसा परमेश्वर था जो लडकियों को पुरुषों से दूर रहकर सात्विक जीवन जीने को कहता है मगर खुद उनके साथ रंगरेलियां मनाता है।
ये सारे लक्षण एक बाबा या साधू सन्त के तो बिल्कुल भी नही हो सकते। लडकियों का दुष्कर्म करने में जितना अपराधी यह राम रहीम है उतने ही अपराधी इस जघन्य अपराध में उसका साथ देने वाले लोग भी हैं।
बाबा राम रहीम के समर्थकों को समझना होगा कि जो इंसान अंधविश्वास और ईश्वर के नाम पर लडकियों का यौन शोषण करता हो , हत्या करवाता हो वह उन्हें ईश्वर से कैसे मिला सकता है। जो बाबा खुद ब्लू फिल्म देख देख कर भोग बिलास में डूबा हो वह जनता का उद्धार कैसे कर सकता है।

आज 15 सालों के बाद औरतों को लडकियों को न्याय मिला है । बाबा राम रहीम और उनके समर्थकों को कोर्ट के फैसले का सम्मान करना चाहिए और अदालत द्वारा जो भी सजा दी जाए उसे स्वीकार करना चाहिए।शायद परमेश्वर उनके इस अक्षम्य अपराध को क्षमा कर दें।

I love you Mom

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माँ से बढकर कुछ नहीं

हमने इस दुनिया में बहुत माँ को समझने वाले देखे
पर बेटा तो वो है जिसने माँ के पैरों के छाले देखे

वो माँ ही थी जिसने अँधेरों में बिता दी जिन्दगी
ताकि बच्चे उसके हर रोज उजाले ही उजाले देखें

बीवियों के कहने पर जो माँ को गलत कहते हैं
हमने दुनिया में कुछ ऐसे भी भोले भाले देखे

एक माँ का दिल था जिसमें कि कोई दाग ना था
बाकी इस दुनिया में जितने दिल देखे सब काले देखे

हमने इस दुनिया में बहुत माँ को समझने वाले देखे
पर बेटा तो वो है जिसने माँ के पैरों के छाले देखे

BE CAREFULL WOMEN

Caution is the only defense. In many places this slogan is written and every one of us reads it, but there are very few people who do not ignore its ambiguity. When reports of rape are coming in everyday newspapers, especially women, the importance of this slogan must be understood. In most cases of misbehavior, it is seen that when the victim is alone ,criminals attacks . In such cases, if women show some vigilance then they can stop every possible event that can happen with them.

This vigilance or caution can be any of the following.

1) If your all family members (except you) are going to somewhere like party or marriage ceremony, it would be better if you go with them or stop a home member at home.

2) However, if for some reason you have been alone at home, then call a woman in a friend or neighborhood or go to her house.

3) Do not open the door on the request of any unknown or unreliable person, especially if you are alone at home.

4) Still, if someone forces you to open the door, call the police or women's helpline or call someone believable or make noise and wait Till someone trusted person comes to your door.

5) Do not go out on the streets alone at night.

6) Keep the police or women helpline numbers on the speed dial so that they can be done instantaneously.

7) If you are trapped alone for some reason and you are scared, then immediately contact the police or any women's helpline who will take you to a safe house.

8) Do not be friendly with strangers and avoid eating some food given to anyone.

9) If a relative or a special friend touches you with a bad intention against your wishes or knowingly, then immediately stop them and complain, because if you remain silent, it will understand that you are agree or have ni problem with that touch.

10) If anyone is blackmailing you about anything, then immediately report it to the police as this is the only way to fight blackmailing. If you become weak once, all life you will blackmailed by that person.

11) If someone propose you for love then you must take a lot of informations about his goodness and evil or about his previous life before acquiring it.

12) Avoid going to a party where most people use intoxication or drinking alcohol.

13) If someone chases you, call the police immediately. Remember to find the solution before coming to the trouble is a better and more intelligent step, because after the incident, any one informs the police.

These are cautious things that every girl and woman should keep in mind.

बलिया में खाकी शर्मसार

बलिया, उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश में रक्षक ही बन रहे हैं भक्षक । जी हाँ उत्तर प्रदेश जहाँ पर भाजपा की सरकार और पुलिस प्रशासन महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बडे बडे दावे करता है, में पुलिस की खाकी एक बार फिर से दागी हो गई।गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में एक कान्स्टेबल ने 15 साल की नाबालिग लडकी का कथित तौर पर बलात्कार किया।
यह मामला है पिछले शुक्रवार 18 अगस्त की रात गोपाल नगर के रेवती पुलिस स्टेशन का , जहाँ पर धरम नाम के एक कान्सटेबल को बलात्कार के जुर्म में गिरफ्तार किया गया है। बात उस समय की है जब कुछ लोगों ने पुलिस चौकी से लडकी के कराहने की आवाज सुनी और पास जाकर देखा तो एक कान्सटेबल एक लडकी के साथ जबरदस्ती बलात्कार कर रहा था। लोगों को देखकर उसने भागने की कोशिश भी की पर कामयाब नहीं हुआ।
लोगों ने इसकी सूचना लडकी के 60 वर्षीय पिता को दी लेकिन जब पिता वारदात की जगह पर पहुंचा और उसने अपनी बेटी को तडपते हुए देखा तो वह यह सदमा बर्दाश्त नही कर सका जिससे मौके पर ही उसने दम तोड दिया।
इतने में मौका देखकर कान्स्टेबल ने भागने की भी कोशिश की पर लोगों ने दौडाकर एक बार फिर उसे पकड लिया।
लडकी के पिता का शव पोस्टमार्टम के लिये और लडकी को मेडिकल जांच के लिए भेज दिया गया है।

पुलिस अधीक्षक सुजाता सिंह ने आरोपी सिपाही को निलंबित कर दिया है । स्टेशन अधिकारी कुंवर प्रभात सिंह ने कहा कि आरोपी कान्सटेबल के खिलाफ आईपीसी की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है और उसे जेल भेज दिया गया है। इस मामले में आगे की जांच चल रही है।

सावधानी जरूरी है

सावधानी ही बचाव है। बहुत सारी जगहों पर यह स्लोगन लिखा होता है और हममें से हर कोई इसको पढता भी है लेकिन बहुत कम ही लोग होते हैं जो इसकी एहमियत को नजरअंदाज नहीं करते। जब हर रोज समाचार पत्रों में दुष्कर्म या बलात्कार की खबरें आ रही हैं तो विशेषकर महिलाओं को इस स्लोगन के महत्व को समझना ही चाहिए। ज्यादातर दुष्कर्म वाले केसों में देखा जाता है कि आरोपी पीडिता को अकेले पाकर ही घटना को अन्जाम देता है और लगभग हर होने वाले गुनाह की आहट सम्बन्धित इंसान को एक या दो बार जरूर होती है। ऐसे में यदि महिलाएं थोडी सी सतर्कता दिखाएं तो अपने साथ हो सकने वाली हर सम्भावित घटना को रोक सकती हैं।
यह सतर्कता या सावधानी निम्नलिखित मे से कोई भी हो सकती है।

1) यदि आपको छोडकर आपके सभी घर वाले किसी फंक्सन या पार्टी या किसी रिश्तेदार के घर जा रहे हैं तो बेहतर होगा कि आप भी साथ ही चली जाएं या किसी घर के सदस्य को घर पर रोक लें।

2) फिर भी यदि किसी वजह से आप घर पे अकेली रह गई हैं तो किसी सहेली या पडोस की महिला को घर पर बुला लें या खुद उनके घर चली जाएं।

3) किसी भी अन्जान या जिसपर आपको भरोसा न हो, के कहने पर दरवाजा न खोलें खासकर तब जब आप घर पे अकेली हों।

4) फिर भी यदि कोई जबरदस्ती दरवाजा खोलवाने का प्रयास करे तो तुरन्त पुलिस या महिला हेल्पलाइन पर फोन करें या पडोस से किसी को बुला लें या शोर मचा कर इन्तजार करें कि कोई आपका विश्वसनीय व्यक्ति आ जाए उसके बाद ही दरवाजा खोलें।

5) रात के समय अकेले सडकों पर न निकलें जब भी निकलें सहेली या घर का कोई सदस्य जरूर साथ हो।

6) पुलिस या महिला हेल्पलाइन नंबरों को स्पीड डायल पर रखें ताकि तुरन्त काल किया जा सके।

7) यदि आप किसी कारणवश कहीं अकेले फँस गई हैं और आप डर रही हैं तो तुरन्त पुलिस या किसी भी वूमेन हेल्पलाइन पर सम्पर्क करें जो आपको सुरक्षित घर तक पहुंचा देंगे।

8) किसी अजनबी से आसानी से दोस्ती न करें और किसी का भी दिया कुछ खाने पीने से बचें।

9) कोई रिश्तेदार या खास दोस्त यदि आपके मर्जी के खिलाफ या जाने अन्जाने में आपको बुरे इरादे से छूता है तो उसे तुरन्त टोंके और शिकायत करें क्योंकि यदि आप खामोश रहीं तो सामने वाला इस खामोशी को आपकी रजामंदी समझ बैठेगा।

10) यदि कोई किसी बात को लेकर आपको ब्लैकमेल कर रहा हो तो तुरन्त इसकी खबर पुलिस को दें क्योंकि ब्लैकमेलिंग से लडने का सिर्फ यही एक तरीका होता है। यदि आप एक बार कमजोर हुईं तो जिन्दगी भर ब्लैकमेल होती रहेंगी।

11)किसी भी तरह की लालच में आकर किसी के बुलाने पर अकेले मिलने बिल्कुल भी ना जाएं।

12) यदि कोई आपको प्यार के लिये प्रपोज करे तो अक्सेप्ट करने से पहले उसकी अच्छाई और बुराई के बारे में या उसकी पिछली जिन्दगी के बारे में थोडी बहुत जानकारी जरूर लेलें।

13) किसी ऐसी पार्टी में जाने से बचें जहाँ ज्यादातर लोग नशा करते हों या शराब पीते हों।

14)यदि कोई आपका पीछा करे तो तुरन्त पुलिस को फोन करें। याद रखिये मुसीबत आने से पहले हल खोज लिया जाए बेहतर और बुद्धिमानी वाला कदम होता है क्योंकि घटना हो जाने के बाद तो कोई भी पुलिस को इन्फार्म कर देता है।

ये वो सावधानी भरी बातें हैं जो हर लडकी और महिला को ध्यान में रखनी चाहिए ।

32 YEARS OLD MAN RAPED A TEACHER

HWANGE, ZIMBAMBWE

A 32-year-old man, named Boniface Nyambia, raped a teacher by placing her on a tree. He has been arrested and presented before a Hovez Magistrates Court in Zimbabwe.

It is worth mentioning that Bonfas has raped the woman near the truck stop in Zimbabwe's Hwange area and raped her for a period of five consecutive hours.
After accusing the accused of rape several times
He was presented before Magistrate Mrs. Portia Mahalanga-Moyo.

The 32-year-old's plea was not taken though and he was jailed on 30th August.

Prior to this, the prosecution, Mr. Oniyyas Nyaythi told the court that the accused had met the teacher at the bus stop in front of the truck stop in June, when he was waiting for a bus for Victoria Falls.

According to the prosecution, Nyambia had done the drama that he would also go in the same direction as the woman teacher was going on.

It was told that the accused spoke sweetly to the woman and assured her that he is a good person. After some time talking, the accused attacked the woman's neck and then dragged her to the tree behind the bus stop. He raped the woman's feet and raped her for several consecutive hours.

औरतों को चलो सम्मान से पुकारा जाए

ना कुछ तुम्हारा जाए ना कुछ हमारा जाए
औरतों को चलो सम्मान से पुकारा जाए

जन्म से लेकर प्यार ही दिया है औरत ने
करके इज्ज़त इनकी थोडा कर्ज उतारा जाए

जंग जो जारी है इनके प्यार हमारी नफरत में
जीत जाएं ये इसलिए चलो खुद हारा जाए

फूंक दो दुनिया की सारी रूढिवादी सोच
इससे पहले गर्भ में किसी कन्या को मारा जाए

औरतें फूल हैं इस दुनिया के गुलशन की
आओ इन फूलों को मोहब्बत से निखारा जाए

ना कुछ तुम्हारा जाए ना कुछ हमारा जाए
औरतों को चलो सम्मान से पुकारा जाए

INDIAN WOMEN'S HELPLINES

POLICE CONTROL ROOM: 100

MAHILA AASHA JYOTI LINE: 181

MAHILA POLICE HELPLINE (ALL INDIA): 1091/1291/(011)23317004

SHAKTI SHALINI: 10920

SHAKTI SHALINI -WOMAN SHELTER: (011)24373736/243737737

SARTHAK: (011)26853846/26524061

ALL INDIA WOMEN CONFRENCE:10921/(011)23389680

JAGORI:(011)26692700

JOINT WOMEN PROGRAMME:(011)24619821

SAKSHI- VIOLENCE INTERVENTION CENTER:(0124)2562336/5018873

SAHELI- A WOMEN ORGANIZATION:(011)24616485

NIRMAL NIKETAN: (011)27859158

NARI RAKSHA SAMITI: (011)23973949

RAHI-A SUPPORT CENTER FOR WOMEN SURVIVORS OF CHILD SEXUAL ABUSE: (011)26238466/26224442

WOMEN'S CELL DELHI:(011)24673366/4156/7699

DELHI POLICE HELPLINE:1091

CHILD HELPLINE:1098

ANTI STALKING:1096

CHILD , STUDENT AND SENIOR CITIZEN HELPLINE:1291

NATIONAL COMMISSION FOR WOMEN (NCW):
(011)23219750

SHRI LANKA WOMEN'S HELPLINES

SHRI LANKA Women'S Help Line –

"1938"
-faster response for the protection of women.


Shri Lanka government is really seriouse about the crime against women. So they have created some helplines numbers so that any women or girl can get immediately assistance.
First helpline number is "1938".

This service has been established with the objectives of providing assistance and relief for the receiving complaints related to all forms of discrimination against women, defilement of the rights of women, harassment and all kinds of abusive circumstances.Receiving all above complaints, studying of complaints and referring to government, non-government agencies and relevant persons for the assistance and relief, directing for the counselling and legal aid services as per the complainer’s personal requirement and nature of the problem are the main services of the women help line1938 is operated every weekday from 8.30 a.m. to 5.00 p.m. and relevant measures have been taken to operationalize this for 24 hours. The assigned staff of 1938 is devoted to keeping reliable and trusted service for their clients.

OTHER EMERGENCY HELPLINES:


Police helpline 24/7
"119"


CAll FOR IMMEDIATELY HELP ON CHILD ABUSE.
"1929"


Call to acquire more information about other organizations.

"1919"

10 साल की दुष्कर्म पीडिता ने बच्ची को जन्म दिया

चण्डीगढ़ , भारत।
16 अगस्त 2017


एक 10 साल की दुष्कर्म पीडित लडकी जो प्रेगनेण्ट हो चुकी थी और सुप्रीम कोर्ट ने अबोर्शन करवाने की इजाजत से मना कर दिया था, ने आज एक लडकी को जन्म दिया।
गौरतलब है कक्षा छः में पढने वाली 10 साल की लडकी जिसका पिछले सात महीने में उसके एक करीबी रिश्तेदार के द्वारा कई बार बलात्कार किया गया था। शरीर से तंदुरुस्त होने की वजह से शुरू में किसी को कुछ एहसास नहीं हुआ परन्तु अचानक एक दिन उसके पेट में दर्द शुरू हुआ तो उसके परिजनों ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल में जब जांच की गई तो पता चला कि वह प्रग्नेंट है । घर वालों ने जब लडकी से पूछताछ की तो पता चला बलात्कारी कोई और नहीं बल्कि उसका नजदीक का रिश्तेदार है। पुलिस ने उस रिश्तेदार को गिरफ्तार कर लिया ।
उसके बाद लडकी के घर वालों ने लडकी के एबोर्शन हेतु अदालत से इजाजत मांगी । एबोर्शन पर फैसला लेने के लिए अदालत ने डाक्टरों का पैनल गठित करने के साथ , पूरी रिपोर्ट मांगी। डाक्टरों के पैनल ने सुझाव दिया कि बीस सप्ताह के बाद एबोर्शन करवाना खतरे से भरा होता है चूंकि इस लडकी को गर्भ धारण किए हुए 30-32 सप्ताह से भी ज्यादा हो गए हैं इसलिए एबोर्शन का सवाल ही नहीं उठता। इसी आधार पर अदालत ने लडकी के एबोर्शन की याचिका ठुकरा दी और बेहतर से बेहतर देखभाल का आदेश दिया।
हालाँकि लडकी को यह नहीं बताया गया था कि वह प्रग्नेंट है उसे बताया गया था कि उसके पेट में एक बडा ट्यूमर है उसी का इलाज जारी है।
उसको अब भी यह पता नहीं है कि उसने एक लडकी को जन्म दिया है।
फिलहाल लडकी और बच्ची दोनों स्वस्थ और सुरक्षित हैं।
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अब सवाल यह उठता है कि क्या लोगों की मानसिकता इस कदर खराब हो गई है कि वे छोटी छोटी बच्चियों को भी बहला फुसलाकर अपना शिकार बनाने से पीछे नही हट रहे हैं। ऐसे में किस इंसान पर भरोसा किया जाए और किस पर नहीं कुछ कहा नहीं जा सकता। याद रखिए छोटी बच्चियों के साथ जितनी भी घटनाएं होती हैं सबमें कोई नजदीक का दोस्त या रिश्तेदार ही गुनाहगार होता है।
इसलिए हर समय चौकन्ना रहिए आँखें खुली रखिए और अपनी बच्चियों के साथ हो रही हर छोटी से भी छोटी घटना तथा उनसे मिलने वाले, उनके साथ खेलने वाले हर इंसान पर ध्यान दीजिए ।
आपकी थोडी सी सावधानी बडी अनहोनी होने से रोक सकती है।
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लेबनान का अनुच्छेद 522

लेबनान का दुष्कर्म कानून:
संसद ने पीडिता से शादी कर के बच निकलने का रास्ता बन्द किया।

लेबनान की संसद ने एक कानून को खत्म दिया है जिसके तहत यदि एक बलात्कारी पीडित महिला से विवाह कर लेता है तो उसको सजा से मुक्त किया जा सकता है ।
महिला अधिकारों के लिए संघर्षरत कार्यकर्ताओं ने लंबे समय से मांग की थी कि दंड संहिता के अनुच्छेद 522 को निरस्त कर दिया जाए।
उनका अभियान महिला मामलों के मंत्री जीन ओग्सासियन द्वारा समर्थित था, जिन्होंने कहा था कि यह कानून "पाषाण युग " के जैसा था।
इसी तरह के कानून हाल ही में ट्यूनीशिया और जॉर्डन में खत्म किए गए हैं.।
इसी कानून का इस्तेमाल कई सीरियाई शरणार्थियों नें लेबनान में रहने के लिए किया था। वे अपने आपको दुष्कर्म के अपराध में फँसा लेते और फिर सम्बन्धित पीडित से शादी करके लेबनान में रहने की योग्यता हासिल कर लेते थे।
प्रशासन और न्याय के लिए लेबनान की संसदीय समिति के सदस्यों ने पिछले दिसंबर में ही अनुच्छेद 522 को रद्द करने का प्रस्ताव पेश करने के लिए एकजुट हुए थे।

अनुच्छेद 522 ने अभियोजन को रोकने या उस व्यक्ति की सजा को निलंबित करने के लिए अनुमति दी, जिसने किसी पीडित का अपहरण, या वैधानिक बलात्कार किया था और पीड़ित से शादी की थी।कार्यकर्ता के अनुसार यह कानून पीडिता को अपराधी बलात्कारी से शादी करने के लिए बाध्य करता है ताकि पीडिता का सम्मान बचा रहे। ऐसे में पीडिता को न चाहते हुए भी अपनी इज्ज़त बचाने के लिए एक अपराधी से विवाह करना पडता है।
महिलाओं के अधिकारों के लिए लडने वाले समूहों ने महिलाओं की इज्ज़त और गरिमा को बचाने के उद्देश्य से अनुच्छेद 522 को निरस्त करने की मांग की थी।
पूरे देश ने , सभी प्रकार की हिंसा से महिलाओं की सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए सांसदों का धन्यवाद किया।

LEBANAN RAPE'S LAW #522

Lebanon's Rape Law: #522
Parliament has closed the way to escape rape criminals by marrying the victim.

16 Aug 2017 ,

The Parliament of Lebanon has given up a law under which if a rapist gets married to a victim , he can be freed from the punishment.
The struggling activists for women's rights have demanded from long time that Article 522 of the Penal Code be repealed.
His campaign was supported by Women Affairs Minister Jean Ogassiann, who said that this law was like "Stone Age".
Similar laws have recently been abolished in Tunisia and Jordan already.
The same law was used by many Syrian refugees to live in Lebanon. They used to get themselves trapped in the crime of rape and then got married to a related victim and had the ability to live in Lebanon.
Members of the Lebanese parliamentary committee for administration and justice had gathered in December last year to present the proposal to cancel Article 522.

Article 522 allowed the prosecution to stop or suspend the punishment of the person who had kidnapped a victim, or had been raped, and had been married to the victim.
According to the social worker, this law will allow the victim to marry the criminal rapist So that the honor of the victim is preserved. In such a situation, even if she does not want to marry , she has to marry a criminal to save her respect.
The groups fighting for the rights of women had demanded to abrogate Article 522 for the purpose of protecting women's dignity and honour .
The whole country, thanked the MPs for strengthening the security of women with all kinds of violence.

PICS WITH QUOTES

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CHANDIGARH: 12 YEARS GIRL GOT RAPED.

Chandigarh , INDIA.

One side we were celebrating Independence day and another side a 12 years old innocent girl got raped.
She was coming back to home after the celebrating Independence programme in the school . Someone kidnapped and raped her. Now Chandigarh police has started inquiries and checking the CCTV footage of the crime spot. We hope they will find some clues as soon as possible.
But question is still same and big.
Is our security system is enough to stop crime against women ? I think ..No.
Only making anti romeo sqade is not enough but we need a WORKING ANTI ROMEO SQAD which can keep our girls safe.
Look , this is the security system of India. 15 August , Independence day and an innocent girl got raped in the day. Everyone knows that Independence day is a sensitive day every year thats why our government try to make security tight and more tight .
By the way I think if our girls and women are still unsafe in the country then GOVERNMENT SHOULD TAKE STRICT ACTION ..

हमको भी हक चाहिए

हमको भी हक चाहिए वो सम्मान चाहिए
नारी भी हो आजाद वो हिन्दुस्तान चाहिए

वो धरती चाहिए जिसपे हम फूलें और फलें
हों सुरक्षित जिसके नीचे वो आसमान चाहिए

ना सुन्दर पति चाहिए ना चाहिए धनवान
जो समझे हमको बस वो इक इंसान चाहिए

सह सहकर जुल्मों सितम बेदर्द दुनिया के
लब सूख चुके हैं इन पर मुस्कान चाहिए

गर अग्नि परीक्षा लेना है शौक मर्दों का
तो हमको भी मर्दों का इम्तिहान चाहिए

कब तक हम जानी जाएंगी मर्दों के नाम से
हमको भी तो अपनी इक पहचान चाहिए

हमको भी हक चाहिए वो सम्मान चाहिए
नारी भी हो आजाद वो हिन्दुस्तान चाहिए

क्या महिलाओं को भी आजादी है

आज 15 अगस्त है भारत की आजादी का दिन। 15 अगस्त 1947 के पहले भारत अंग्रेजों के आधीन था। अनगिनत जवानों, क्रान्तिकारियों और शहीदों के बलिदान के फलस्वरूप हमें अंग्रेजों से तो मुक्ति मिल गई । आज हम बडे फख्र से कहते हैं कि हम आजाद हैं । हम आजाद हैं का क्या मतलब है क्या हम अपने देश में अपनों घरों में आराम से रहते हैं , यही आजादी है ?
जबकि सच तो यह है हम अंग्रेजों से भले ही आजाद हो चुके हैं मगर अपनी पुरानी दकियानूसी सोच से आज भी बंधे हुए हैं। अगर कुछ पढे लिखे लोगों को छोड दिया जाए तो आज भी भारत में महिलाओं की स्थिति पहले से बहुत ज्यादा अच्छी नहीं है। यह हमारी पुरानी सोच का ही नतीजा है कि लडकियाँ आज भी बंदिशों में जकडी हुई हैं। न तो उन्हें पढने लिखने की आजादी है और न अपने लिए फैसले लेने की। दरअसल, महिलाएं आज मर्दों की गुलाम की तरह ही जीवन जी रही हैं।
आजादी का मतलब सिर्फ़ यह नहीं हमारी अपनी सरकार हमारा अपना घर है । आज भी महिलाओं से कहा जाता है कि शाम होने के बाद घर के बाहर मत जाना नहीं तो कुछ अनहोनी हो सकती है । जो लडकियाँ हिम्मत दिखाती हैं और नाइट शिफ्ट में काम पर निकलती भी हैं उनको न जाने कितने बुरे मर्दों की गन्दी भाषा के तीर सहने पडते हैं और कुछ के साथ तो दुष्कर्म जैसे घिनौनी घटनाएं तक हो जाती हैं। आप बताइए क्या आजादी सिर्फ़ दिन के लिए मिली है।
दूसरी बात , जब हम आजाद हैं हमारी अपनी सरकार है तो हमारी महिलाएं हमारे ही देश में सुरक्षित क्यों नहीं हैं ? जब देश में महिलाओं की सुरक्षा की व्यवस्था तक नहीं हो पा रही है तो कैसी आजादी ?
सिर्फ़ झण्डा फहरा देने की आजादी और राष्ट्रगान गाने की आजादी से हम अपने आपको आजाद नहीं कह सकते ।आजाद तो हम अपने आपको उस दिन समझेंगे जब हमारे देश की महिलाएं एक बजे रात को भी उतनी ही सुरक्षित महसूस करे जितना कि दिन में करती हैं। हम अपने आपको आजाद उस दिन समझेंगे जब महिलाओं को भी अपने हक और फैसले लेने की पूरी आजादी होगी। हम अपने आपको आजाद उस दिन समझेंगे जिस दिन बेटी पैदा होने के बाद भी बाप का सिर फख्र से उठा रहेगा और वह गर्व से कहेगा कि मेरे घर बिटिया हुई है ।
याद रखिए जिस देश के महिलाओं को आजादी नहीं है वह देश आजाद नही कहा जा सकता ।

नारी हो तुम शक्ति हो

परिवार को जो बांध के रखे तुम वो प्यार हो

नारी हो शक्ति हो तुम जीवन का आधार हो


कभी हो माता कभी हो बेटी

कभी हो पत्नी कभी बहन

हर रूप में जो ढल जाए

रिश्ते का ऐसा आकार हो

नारी हो शक्ति हो तुम जीवन का आधार हो


ऐसा बनाया है तुमको

सुन लो बनाने वाले ने

रूठो तो रूठ जाए खुदा

हँस दो तो सुखी सँसार हो

नारी हो शक्ति हो तुम जीवन का आधार हो



परिवार को जो बांध के रखे तुम वो प्यार हो

नारी हो शक्ति हो तुम जीवन का आधार हो


एक लडकी की इच्छा

 शादी से पहले लडकियों की

ख्वाहिश होती है लाखों में

चाहत होती है खुशियों की

कुछ सपने होते हैं आंखों में


वो चाहती हैं शादी के बाद

सपनों का इक संसार मिले

पूरी हो हर इक इच्छा और

अपनों का सच्चा प्यार मिले


जो समझ सके हर बार उसे

इक छोटा सा परिवार मिले

जो समझे उसके हर दुख को

पति ऐसा राजकुमार मिले


इक लडकी से दुल्हन बनकर

पति की पत्नी बनकर जाए

शादी के बाद वो मायके का

सब छोडके जब ससुराल आए


सब खुश हों उसके आने से

न शोक न कुछ अवसाद मिले

गर मिलें तो हँसते चेहरे मिलें

और सबका आशिर्वाद मिले



जैसे चंदा संग चांदनी है

जैसे दिन साथ उजालों के

कोई भी परिस्थिति हो लेकिन

वो मिल के रहे घर वालों से


जब भी वो रसोई में जाए

बस प्रेम के ही पकवान बनें

हर कोई करे तारीफ उसकी

वो हर चेहरे की मुस्कान बने



ना सास ससुर से झगडे हों

ना कोई ननद से हो टकरार

फिर भी हो जाए विवाद अगर

सब मिलकर सुलझाएं हर बार



हर पत्नी पति से चाहती है

उसे साथ मिले हर मुश्किल में

चाहे दुनिया ठुकरा ही दे

पर पति रखे उसको दिल में



पति का सबकुछ है कबूल उसे

वह खुशियां दे चाहे ग़म दे

पत्नी के लिए पति सब कुछ है

पति समझे उसे या ना समझे


वह चाहती है अपने रब से

उसे इतना ही वरदान मिले

चले जिससे उसके घर का वंश

उसको भी इक संतान मिले



वह चाहती है उसके घर में

उसको भी इक पहचान मिले

उसको भी मिले हर इक इज्जत

उसको भी हर सम्मान मिले







Written by: admin







QUOTES BY GREAT PEOPLE

“Most people who meet my wife quickly conclude that she is remarkable. They are right about this. She is smart, funny and thoroughly charming. Often, after hearing her speak at some function or working with her on a project, people will approach me and say something to the effect of, you know, I think the world of you, Barack, but your wife, wow!”


– Barack Obama, The Audacity of Hope

 

 

“Men and women in every country, have different ways of understanding and judging things. Men have one angle of vision, women another; men argue from one standpoint, women from another. Men extenuate women and lay the blame on men; while women exonerate men and heap all the blame on women. “

-SWAMI VIVEKANAND

 

 

 

"That man that hath a tongue, I say, is no man, if with his tongue he cannot win a woman."


-WILLIAM SHAKESPEARE



"To call woman the weaker sex is a libel; it is man's injustice to woman. If by strength is meant brute strength, then, indeed, is woman less brute than man. If by strength is meant moral power, then woman is immeasurably man's superior. Has she not greater intuition, is she not more self-sacrificing, has she not greater powers of endurance, has she not greater courage? Without her, man could not be. If nonviolence is the law of our being, the future is with woman. Who can make a more effective appeal to the heart than woman?"


-MAHATMA GANDHI




"When women are empowered, a society with stability is assured."



 -APJ ABDUL KALAM



औरत को सम्मान चाहिए

"अल्लाह चाहिए न भगवान चाहिए

हर औरत को पहले सम्मान चाहिए

करते हों जो इज्ज़त घर की औरतों की

हर घर में सिर्फ़ ऐसे नौजवान चाहिए

मर्दानगी दिखाते हैं जो बेबसों पर

न वीर ऐसे न ही पहलवान चाहिए

देखो यूँ तरस खाकर आँसू न पोछो इनके

इन्हें हक चाहिए न कि एहसान चाहिए

अल्लाह चाहिए न ही भगवान चाहिए

हर औरत को पहले सम्मान चाहिए।"

सावधान, कहीं चोटी न कट जाए

उत्तर प्रदेश , हरियाणा और पंजाब के साथ साथ देश के अन्य राज्यों में जिस तरह से लडकियों और महिलाओं की चोटियों को काटा जा रहा है वह वाकई में शर्मनाक है और महिलाओं की इज्ज़त और अस्मिता के साथ खिलवाड़ है। हमने देखा है कि जब लोग अखबार में चोटी कटने की खबर पढते हैं तो सहसा मुस्कुराने लगते हैं । अब तक बहुत मुस्कुरा लिए क्योंकि अभी तक लग रहा था कि लोग शरारत या आपसी रंजिश की वजह से इस तरह की शर्मनाक घटना को अंजाम दे रहे हैं और यह मामला एक दो दिन में शान्त हो ही जाएगा मगर अब स्थिति बिल्कुल उल्टी होने लगी है। चोटी कटने की घटनाएं कम होने के बजाय हर दिन बढती ही जा रही हैं जो कि औरतों में भय का माहौल पैदा कर रही है।

आज आलम यह है कि हर औरत अपने बालों को बचाने के लिये हर तरह के टोटकों का इस्तेमाल कर रही हैं।

आखिर क्या है हकीकत?

हर कोई यह जानने को उत्सुक है कि औरतों की चोटियों को आखिर कौन काट रहा है और क्यों ? सबसे बडा सवाल यह है कि यदि कोई चोटी काटता है तो वह उस चोटी को ले क्यों नहीं जाता और ऐसा क्या करता है कि पीडित बेहोश हो जाता है  ?

उत्तर प्रदेश के जौनपुर और प्रतापगढ़ जिले में हुई  घटनाओं में पीडिता यही कहती नजर आई कि चोटी काटने वाला कोई इंसान नही बल्कि एक भूत या आत्मा है जो किसी खुन्नस में आकर देश भर की महिलाओं के बालों को काट रही है। हद तो तब हो गई जब एक ग्रामीण पीडित महिला ने इतना तक कह दिया कि उसने चोटी काटने वाली चुडैल से लडाई भी की मगर न जाने कब वह बेहोश हो गई और चोटी कट गई।

देश प्रदेश में जितनी भी घटनाएँ हो रही हैं लगभग सबमें अपराधी दिखाई ही नहीं दिया है तो हकीकत क्या है ? क्या वाकई में यह किसी भूत या आत्मा का काम है ? जी नहीं यह सरासर एक कल्पना है । हम भूतों प्रेतों के अस्तित्व से इनकार नहीं कर सकते क्योंकि हर कोई इतना तो जानता ही है कि अच्छाई के साथ बुराई है तो भगवान के साथ साथ दुनिया में शैतान का भी अस्तित्व होगा  मगर कोई शैतान मूर्त रूप में आकर औरतों की चोटियों को काटेगा वह भी बिना किसी फायदे या मतलब के यह बात बिल्कुल भी हजम नहीं होती है..और ऐसा हो भी नहीं सकता है।


फिर कौन है जो दहशत फैला रहा है ?

चोटी काटने के पीछे किसी न किसी गिरोह का हाथ है जो पूरी तैयारी और सफाई से घटनाओं को अंजाम दे रहा है। चूंकि ये घटनाएं एक सीमित दायरे में न होकर एक साथ देश  के कई भागों में रही हैं इससे पता चलता है कि इस गिरोह में काफी लोग शामिल हैं जिनका उद्देश्य औरतों और लोगों में दहशत का माहौल पैदा करके देश की शान्ति को भंग करना है।


इस गिरोह के लोग तो चाहते ही हैं कि लोगों के मन को यह विश्वास दिलाया जाए कि यह सब कोई आदमी नहीं बल्कि आत्मा कर रही है ताकि पुलिस आदि इसमें हस्तक्षेप न करे क्योंकि कानून भूतों प्रेतों में यकीन नही करता है।


पुलिस प्रशासन खामोश क्यों है?


पुलिस प्रशासन की सबसे बडी समस्या यह है कि वह घटना स्थल पर इतनी देर से पहुंचती है कि लगभग सारे क्लू और सबूत मिट चुके होते हैं। कभी कभी तो दरोगा जी यह कहकर ही पल्ला झाड लेते हैं कि " मामला संज्ञान में नही है अगर इस तरह की कोई घटना हुई है तो इसकी जांच होगी और कार्यवाही की जाएगी।" अगली बात यह है कि चोटी काटने वाला अभी तक दिखाई नही दिया है इसलिए पुलिस प्रशासन और भी मजबूर हो जाता है। पुलिस प्रशासन को यह समझना होगा कि यह सामने से अपराध करने वाला अपराधी नही है जिसे दौडाकर पकड लिया  जाएगा। अगर इस गिरोह के अपराधियों को पकडना है तो फारेंसिक टीम को साथ लेकर चलना होगा ताकि पीडिता और घटना स्थल की पूरी जांच हो सके।


तो क्या किया जाए?


अगर आपके आस पास इस तरह से चोटी कटने की कोई भी घटना सामने आती है तो कृपया इसका हौव्वा न बनाए बल्कि स्थिति को समझते हुए तुरन्त इसकी सूचना पुलिस को दें साथ ही साथ मौकाए वारदात पर पुलिस के आने से पहले किसी को जाने न दें क्योंकि हो सकता है कि वहाँ पुलिस को कोई क्लू मिल जाए और इस बढते अपराध को रोकने की कोई कडी हाथ लग जाए। सबसे बडी बात यह है कि पुलिस को चोटी कट के गिरने की वजह की जांच करने से न रोकें। साथ ही यदि पीडिता बेहोश है तो तुरन्त अस्पताल ले जाएं और मेडिकल चेक अप कराएं ताकि बेहोश होने का वास्तविक कारण पता चल सके। अपने आस पास के संदिग्ध लोगों पर नजर रखिए ।

याद रखिये घटना किसी के भी साथ हो सवाल महिलाओं की इज्ज़त और अस्मिता का है इसलिए अफवाहों और भूतों प्रेतों पर ध्यान न देते हुए अपनी आंख और कान खुले रखिए। आपकी थोडी सी सावधानी इस फलते फूलते अपराध को खत्म कर सकती है।

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