हमको भी हक चाहिए वो सम्मान चाहिए
नारी भी हो आजाद वो हिन्दुस्तान चाहिए
वो धरती चाहिए जिसपे हम फूलें और फलें
हों सुरक्षित जिसके नीचे वो आसमान चाहिए
ना सुन्दर पति चाहिए ना चाहिए धनवान
जो समझे हमको बस वो इक इंसान चाहिए
सह सहकर जुल्मों सितम बेदर्द दुनिया के
लब सूख चुके हैं इन पर अब मुस्कान चाहिए
गर अग्नि परीक्षा लेना है शौक मर्दों का
तो हमको भी मर्दों का इम्तिहान चाहिए
कब तक हम जानी जाएंगी मर्दों के नाम से
हमको भी तो अपनी इक पहचान चाहिए
हमको भी हक चाहिए वो सम्मान चाहिए
नारी भी हो आजाद वो हिन्दुस्तान चाहिए
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