भारतीय जनता पार्टी एक तरफ तो महिलाओं के सम्मान और हक की बातें करती है वहीं दूसरी तरफ इनके नेताओं की जुबान बेलगाम होती जा रही है।
मध्य प्रदेश के भाजपा प्रदेश अध्यक्ष नंद कुमार सिंह चौहान ने एक बार फिर से महिलाओं के सम्बंध में गलत बयानबाजी करके उनका अपमान किया है।
उन्होंने बयान दिया है कि उनके सम्मेलन या रैलियों में आंगनबाड़ी महिला कार्यकर्ताओं की भीड न जमा की जाए क्योंकि वो रिएक्शन नहीं देती हैं।
अब बताइए जरा कि साहब को आंगनबाड़ी महिला कार्यकर्ताओं से किस तरह का रिएक्शन चाहिए ? क्या आंगनबाड़ी महिला कार्यकर्ता उनकी बातों पर तालियां नहीं बजाती ? अजी तालियां बजाने वाली कभी बातें तो कीजिए। हाँ ये हो सकता है कि साहब आंगनबाड़ी महिलाओं को इशारों में कुछ कहना चाहते हों और शरीफ इज्जतदार महिलाएं इनके इशारों को नजरअंदाज कर देती हों।
खैर, कुछ भी हो महिलाओं के खिलाफ इस तरह की बयानबाजी करना बेहद शर्मनाक है। इस तरह की बातें करना गैरजिम्मेदाराना और असभ्य है जो किसी भी तरह से बर्दाश्त करने लायक नहीं है। भारतीय जनता पार्टी के उच्च पदों पर बैठे नेताओं को इस बारे में सोचने की जरुरत है । देश इस वक्त आप में विश्वास दिखा रहा है अपने नेताओं की गलत जुबान और बयानबाजी के द्वारा उस विश्वास को तोडने की कोशिश मत कीजिए।
देश की महिलाएं रैलियों और सम्मेलनों में अच्छी बातें और योजनाएं सुनने आती आपको फ्लाइंग किस या रिएक्शन देने नहीं।