महिला सुरक्षा

हर एक महिला की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी होनी चाहिए
Showing posts with label NEWS. Show all posts
Showing posts with label NEWS. Show all posts

बेटियों से ही क्रांतिकारी परिवर्तन सम्भव



उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने प्रदेशवासियों को संदेश दिया कि बेटियों को बेटों से कम न समझे और उनमें किसी तरह का भेदभाव करना उचित नहीं है क्योंकि बेटियों में भी उतनी ही क्षमता होती है जितनी कि बेटों में।



इधर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने भी बेटियों को सम्मान और हक देने की बात कही और यहां तक कहा कि एक बेटी लगभग दस बेटों के बराबर होती है।

हम देश भर की महिलाओं और बेटियों की तरफ से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री जी को उनकी इस बडी और अच्छी सोच के लिए धन्यवाद करते हैं और यह उम्मीद भी करते हैं कि कथनी और करनी में फर्क नहीं होगा और महिलाओं की सुरक्षा की उचित व्यवस्था की जाएगी।

मुस्लिम महिलाओं का सम्मान

मुस्लिम महिलाओं के हक और सम्मान की सुरक्षा को देखते हुए कैबिनेट ने विधेयक "मुस्लिम वूमेन प्रोटेक्शन आफ राइट्स आन मैरिज " को हरी झंडी दे दी है। इस विधेयक का उद्देश्य उन मुस्लिम मर्दों को सबक सिखाना है जो छोटी छोटी बात पर अपनी पत्नी तलाक देने की धमकी देते हैं या तलाक दे देते हैं। इस कानून की रूपरेखा तैयार करने के लिए गृहमंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में मंत्रिमंडलीय कमेटी का गठन किया गया था।

कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बयान दिया है कि ," प्रस्तावित कानून मुस्लिम समाज की महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के लिए है। कई राज्यों ने इस विधेयक का समर्थन किया है उम्मीद है कि यह इसी सत्र में पारित भी हो जाएगा।"

तीन तलाक अर्थात तलाक-ए-बिद्दत को कोर्ट ने पहले ही असंवैधानिक करार दिया है।यह उपरोक्त विधेयक पर आधारित कानून सिर्फ तीन तलाक के मामलों में ही क्रियाशील होगा तथा जम्मू एवं कश्मीर को छोडकर देश के हर राज्य में लागू होगा।

इस कानून का उल्लंघन करने वाले मर्दों को तीन साल तक की कैद और साथ ही साथ जुर्माने का भी प्रावधान है। इसके अलावा तलाक-ए-बिद्दत से पीडित महिलाओं को गुजारा भत्ता और नाबालिग बच्चों की कस्टडी लेने का अधिकार होगा।यह कानून बन जाने के बाद तीन तलाक का अपराध एक संगीन और गैर जमानती अपराध की श्रेणी में रखा जाएगा।

वास्तव में यह कानून उन मर्दों के मुँह पर तमाचा होगा जो अपनी पत्नी को खिलौना समझते हैं और तीन तलाक की आड में पुरानी पत्नी से छुटकारा पाकर नई शादी कर लेते हैं। इस कानून की एक और खास बात होगी कि तीन तलाक चाहे लिखित में , मौखिक में या किसी इलेक्ट्रॉनिक माध्यम जैसे इंटरनेट, सोशल मीडिया से बोला गया हो सब एकसमान संगीन अपराध माने जाएंगे।

अन्य राजनीतिक दल भले ही इस कानून का किसी न किसी रूप में विरोध करें लेकिन सच यह हैं कि मुस्लिम महिलाओं को इस तरह के कानून की बहुत जरूरत है ।


इनको रिएक्शन चाहिए

भारतीय जनता पार्टी एक तरफ तो महिलाओं के सम्मान और हक की बातें करती है वहीं दूसरी तरफ इनके नेताओं की जुबान बेलगाम होती जा रही है।

मध्य प्रदेश के भाजपा प्रदेश अध्यक्ष नंद कुमार सिंह चौहान ने एक बार फिर से महिलाओं के सम्बंध में गलत बयानबाजी करके उनका अपमान किया है।

उन्होंने बयान दिया है कि उनके सम्मेलन या रैलियों में आंगनबाड़ी महिला कार्यकर्ताओं की भीड न जमा की जाए क्योंकि वो रिएक्शन नहीं देती हैं।

अब बताइए जरा कि साहब को आंगनबाड़ी महिला कार्यकर्ताओं से किस तरह का रिएक्शन चाहिए ? क्या आंगनबाड़ी महिला कार्यकर्ता उनकी बातों पर तालियां नहीं बजाती ? अजी तालियां बजाने वाली कभी बातें तो कीजिए। हाँ ये हो सकता है कि साहब आंगनबाड़ी महिलाओं को इशारों में कुछ कहना चाहते हों और शरीफ इज्जतदार महिलाएं इनके इशारों को नजरअंदाज कर देती हों।

खैर, कुछ भी हो महिलाओं के खिलाफ इस तरह की बयानबाजी करना बेहद शर्मनाक है। इस तरह की बातें करना गैरजिम्मेदाराना और असभ्य है जो किसी भी तरह से बर्दाश्त करने लायक नहीं है। भारतीय जनता पार्टी के उच्च पदों पर बैठे नेताओं को इस बारे में सोचने की जरुरत है । देश इस वक्त आप में विश्वास दिखा रहा है अपने नेताओं की गलत जुबान और बयानबाजी के द्वारा उस विश्वास को तोडने की कोशिश मत कीजिए।

देश की महिलाएं रैलियों और सम्मेलनों में अच्छी बातें और योजनाएं सुनने आती आपको फ्लाइंग किस या रिएक्शन देने नहीं।

सावधानी जरूरी है

मामला है लखनऊ के सरोजिनी नगर में, 9 दिसंबर शनिवार की रात का , लगभग साढे आठ बजे एक लडकी कुछ सामान खरीदने के लिए बाहर गई हुई थी। वह सामान खरीदकर लौट ही रही थी कि उसके जान पहचान के एक युवक ने उसे घर तक छोडने की बात की। चूंकि युवक युवती की जान पहचान का था इसलिए युवती ने उस पर विश्वास कर लिया और उसके साथ चल दी। शायद युवती को अन्दाजा भी नहीं था कि उसने थोडी सी जान पहचान के आधार पर उस पर विश्वास करके बहुत बडी गलती कर दी है। युवक उसको घर ले जाने के बजाय एक सुनसान जगह पर ले गया और अपने दोस्त को भी बुला लिया। दोनों दोस्तों ने मिलकर उस युवती की इज्ज़त लूट ली और बाद में सडक किनारे फेंककर भाग निकले। युवती काफी देर तक मदद के लिए किसी के आने का इन्तजार करती रही। काफी देर के बाद एक इंसान पहुंचा और जब युवती ने उससे मदद मांगी तो उस इंसान ने मदद करने के बजाय फिर से उसके साथ रेप किया। खैर, बाद में पहुंचे कुछ और लोगों ने किसी तरह युवती को घर तक पहुँचाया और पुलिस स्टेशन में रिपोर्ट दर्ज करवाई।

अब इसके आगे पुलिस क्या करती है क्या नहीं ये बाद की बात है लेकिन यह कोई नई घटना नही है। ऐसा पहले भी कई घटनाओं में हो चुका है जब किसी जान पहचान वाले ने ही दुष्कर्म किया है। आखिर हम और हमारे देश की युवतियां इन घटनाओं से कब सबक सीखेंगे और कब सावधानी बरतेंगे ?

घटना हो जाने के बाद हम सारा दोष सरकार , पुलिस और सुरक्षा व्यवस्था को देते हैं क्या हमारा फर्ज नहीं बनता कि हम भी थोडी सावधानी बरतें, अपनी सुरक्षा को लेकर सजग रहें, अपनी आँख और कान खुला रखें ?

हम बार बार देश की युवतियों से यही अपील करते हैं कि अपने घर के सदस्यों के अलावा किसी पर भी पूरी तरह विश्वास न करें खासकर रात के समय और यदि मजबूरी में किसी कम जान पहचान वाले के साथ जाना पडे तो कम से कम अपने घर वालों को इन्फार्म कर दें और सख्स का नाम बता दें जिसके साथ आप हैं तथा साथ ही साथ उस सख्स की हर हरकत पर ध्यान दें , यदि उसकी नीयत पर जरा सा भी संदेह हो तो तुरन्त उस सख्स को पता चले बिना पुलिस या महिला हेल्पलाइन पर इन्फार्म करें।

(महिला सुरक्षा से सम्बंधित हर हेल्पलाइन नंबर आप हमारी वेबसाइट से नोट कर सकते हैं। )


हम हर परिवार को यह सलाह देना चाहते हैं कि अपने घर की लडकियों को मजबूत बनाएं, उन्हें सावधान करें कि वो किसी पर भी आँख बन्द करके विश्वास न करें भले ही वह आपका विश्वसनीय पडोसी या रिश्तेदार हो। इस वक्त माहौल इतना खराब है कि जिसको मदद के लिए पुकारो वही फायदा उठा लेना चाहता है।

इसलिए आप सबसे गुजारिश है कि खुद को और अपनों को इतना सावधान रखिए कि घटनाएं कम से कम हों।

याद रखिये, वो घटनाएं जो थोडी सी सावधानी से टाली जा सकती थीं जब घटित होती हैं तो बडी तकलीफ होती है ।

सावधान रहिए, सुरक्षित रहिए।

छात्राओं से छेडखानी पर जलता बीएचयू

बीएचयू, वाराणसी
उत्तर प्रदेश।

वाराणसी में छात्राओं ने आए दिन अपने साथ हो रही छेडखानी के विरोध में धरना प्रदर्शन क्या शुरू किया सरकार और पुलिस प्रशासन की नींद उड गई है। यह वह मोदी और योगी की सरकार है जो चुनाव से पहले प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बहुत जागरूक नजर आ रही थी मगर जैसे ही यह सरकार सत्ता में आई अन्य सरकारों की तरह यह भी अपने वादे भूल गई।
जिसका परिणाम यह हुआ कि छात्राओं को खुद अपने साथ हो रही छेडखानी का विरोध करने के लिए आगे आना पडा।
मामला है 21 सितंबर का जब दृश्य संकाय की एक छात्रा के साथ भारत भवन के पास छेडखानी की गई और उस छेडखानी से आक्रोशित छात्राएं विरोध करने के लिए त्रिवेणी हास्टल से सडकों पर उतर आईं । छात्राओं की मांग सिर्फ इतनी थी कि कुलपति स्वयं आकर उनको आश्वासन दें और सुनिश्चित करें की आगे से इस तरह की छेडखानी घटनाएं नहीं होगी लेकिन कुलपति ने यह आश्वासन देने आने के लिए साफ मना कर दिया ।जिससे आक्रोशित छात्राओं ने कुलपति आवास के पास भी नारे लगाना जारी रखा तो बीएचयू के सुरक्षा कर्मचारियों ने उन पर लाठीचार्ज कर दिया जिसमें कई छात्राएं बुरी तरह से घायल हो गई।
जब यह सूचना संस्थान के बाकी छात्रों को हुई तो वे सुरक्षा कर्मचारियों की इस हरकत से और भी उग्र हो गए।
अब तक बात पुलिस प्रशासन तक पहुंच चुकी थी और सिपाही गश्त पर आ चुके थे।छात्राओं पर हुए लाठीचार्ज के विरोध मे जब छात्र सामने आए तो पुलिसकर्मियों द्वारा उन पर भी लाठियां भांजी गई।
अपनी असफलता को छुपाने के लिए छात्रों पर लाठीचार्ज करवाना कहां का न्याय है। क्या कोई अपनी सुरक्षा को लेकर धरना भी नहीं दे सकता है। अधिकारियों का कहना है कि छात्रों ने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और डीएम के साथ बदसलूकी की जिसके चलते उन पर लाठीचार्ज किया गया हम पूछते हैं कि आप लोग एक बार थोडी सी बदसलूकी से इतना खफा हो गए कि छात्रों और छात्राओं पर लाठीचार्ज करवा दिए , जरा उन लडकियों से भी उनका दर्द पूछिए जो हर रोज दिन भर में न जाने कितनी बार सडक छाप मजनुओं की बदसलूकी सहती हैं उन पर क्या बीतती होगी। छात्राओं ने अपने ऊपर हो रही बदसलूकी को रोकने और विश्वविद्यालय प्रशासन,सरकार तथा पुलिस प्रशासन को जगाने के लिए धरना प्रदर्शन शुरू किया तो आप लोगों ने उल्टा उन्हें ही बदतमीज घोषित कर दिया और बदसलूकी का इल्जाम लगाकर लाठीचार्ज करवा दिया। ये तो भाई हद हो गई आपने तो छात्राओं को सीधा सीधा जवाब दे दिया कि हम तुम लोगों की रक्षा नहीं कर सकते और तुम्हें धरना प्रदर्शन भी नहीं करने देंगे।
क्या योगी जी और मोदी जी बता सकते हैं कि उनका एन्टी रोमियो स्क्वाड कहाँ है ? आखिर उनका एन्टी रोमियो स्क्वाड फेल कैसे हो गया वो भी वाराणसी जैसे बडे शहर और बीएचयू जैसे प्रसिद्ध शिक्षण संस्थान में ?
जब एक बडे शहर और प्रसिद्ध शिक्षण संस्थान में भी लडकियों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं है तो गाँवों और छोटे शहरों में उनकी सुरक्षा के लिए क्या व्यवस्था होगी ?
हम यह नहीं कहते कि महिला सुरक्षा के मामलों में सरकार और पुलिस ने चूडिय़ां पहन रखी हैं लेकिन यदि छात्राओं को छेडखानी के विरोध में सडकों पर उतरना पडे तो यह सरकार की नाकामी, पुलिस प्रशासन की शिथिलता और एन्टी रोमियो स्क्वाड की असफलता सिद्ध करने के लिए काफी है।

इण्टरमीडिएट की छात्रा का रेप

फिर से लुटी एक मासूम की इज्ज़त:

जयपुर, राजस्थान।
मामला राजस्थान के जयपुर के एक प्राइवेट स्कूल का है जहाँ इण्टरमीडिएट की एक छात्रा का दो लोगों ने दो महीने तक बलात्कार किया। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और पूछताछ की जा रही है।
स्कूल के अध्यापक जगत गुज्जर और निदेशक जगदीश यादव छात्रा को एक्स्ट्रा क्लासेस के लिए बुलाते थे और दोनों ही उसे बहला फुसलाकर उसका यौन शोषण करते थे। दोनों अपराधियों की धमकियों और बदनामी के डर की वजह से छात्रा अपने साथ हो रही इस घिनौनी हरकत के बारे में किसी से कुछ नही कहा। मामला तब सामने आया जब छात्रा गर्भवती हो गई और उसका गलत तरीके से गर्भपात करवाया गया। छात्रा का दो बार आपरेशन करवाया गया जिसमें आक्सीजन की कमी हो गई और स्थायी रूप से उसका दिमाग क्षतिग्रस्त हो गया।
हालांकि पता चलने पर छात्रा के माता पिता ने लगभग चार सौ छात्रों के साथ विद्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन किया जिसकी धजह से विद्यालय को अनिश्चित काल के लिए बन्द कर दिया गया है।
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया गया है पूछताछ जारी है और आगे उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाही की जाएगी।
इस घटना के सामने आने के बाद हर पैरेंट्स को और भी सावधानी बरतने की जरूरत है। आजकल किसी पर भी भरोसा नही किया जा सकता है। अब वो जमाना गया जब लोग शिक्षकों पर खुद से भी ज्यादा यकीन किया करते थे। आज के समय में अक्सर ऐसी घटनाएं सामने आती रहती हैं जिसमें अध्यापक ही अपने छात्रों का गुनाहगार होता है। इसलिए यदि आप भी अपनी बेटी को प्राइवेट ट्यूशन के लिए भेजते हैं तो पहले ट्यूशन देने वाले का चरित्र जरूर परख लें क्योंकि अकेली लडकियों को ट्यूशन पढाने वाले हर टीचर का चरित्र अच्छा हो यह जरुरी नहीं है।
इसलिए खुद भी सावधान रहें और दूसरों को भी सावधान रहने की सलाह जरूर दें।

British paedophile Paul Leighton jailed for 16 years for rape

British paedophile Paul Leighton jailed for 16 years for rape
Leighton, 31, used fake Facebook accounts to coerce children in the US, Canada and Australia to commit sexual acts.

A British paedophile who blackmailed more than 100 children to sexual exploitation in different countries of the world, has been convicted of rape and sentenced to 16 years.

Presenting himself as a child, Paul Leighton, 31, has made more than 40 Facebook accounts for trapping Teen Agers in his love trap and receiving their nude photos and videos from them.

Once he had received a picture or video, he blackmailed the concerned children through it and threatened that if it was not considered, then he would have taken all the photos and videos viral between their family, friends and relatives.

He used to do many wrong things with the children in the back of those photos and videos. A teenager raped her niece to please him.

बाबाओं से बच के रहना रे बाबा

भारत में बाबाओं, साधुओं और सन्तों की कमी नहीं है लेकिन कुछ दुष्ट और ढोंगी भोगी बाबाओं ने सच्चे साधुओं को भी बदनाम कर दिया है। पहले का जमाना था कि लोग मोह माया , काम इच्छाओं को त्यागकर साधू सन्यासी बनते थे लेकिन अब तो लोग सुख भोगने के लिये, अपनी कामेच्छा पूरी करने के लिये , धन दौलत इकठ्ठी करने के लिए साधू बाबा बनते हैं। साधू सन्यासी का मतलब होता है धन दौलत और सांसारिक सुखों से अलग होकर सिर्फ ईश्वर की सेवा करना ,मगर आज सबसे ज्यादा पैसा और सुख किसी के पास है तो वे आजकल के साधू सन्त ही हैं। साधू सन्तों का काम होता है दुनिया में ज्ञान बाँटना और शान्ति कायम रखना लेकिन आजकल बाबाओं और उनके समर्थकों ने सबसे ज्यादा बवाल मचा के रखा है। किसी आम इंसान ने अगर इन बाबाओं के खिलाफ मुँह खोला तो ये बाबा और उनके समर्थक उस आम इंसान की हत्या करवा देते हैं । भाई ये तो सीधा सीधा गुंडागर्दी है कि हम जो कर रहे हैं हमें करने दो वरना जान से हाथ धोना पडेगा। दरअसल, ये गुंडे ही हैं जिन्होंने कानून से बचने के लिए साधू बाबा का चोला ओढ रखा है।
अब आप बताइए कि साधू सन्त का काम तो दुनिया भर में शान्ति कायम करना, अहिंसा का प्रचार करना और सबको जीवों पर दया करना सिखाना है मगर आजकल के साधू तो बात बात पर हिंसा और उपद्रव पर उतारू हो जाते हैं, ये काहे के साधू हैं।
साधू सन्त अपने ज्ञान से दुनिया को बचाने का कार्य करते हैं पर यहाँ तो साधुओं और बाबाओं को अपनी ही जान की चिन्ता रहती है इसलिए बडी बडी गाडियां भर के हथियार बन्द सुरक्षाकर्मियों के साथ आते जाते हैं , ये साधू हैं या नेता ?
मेरे देश की भोली भाली जनता अरे अब तो जाग जाओ।आशाराम बापू, बाबा रामपाल, बाबा राम रहीम और न जाने कितने मौलवी और पादरी बलात्कार के गुनाह में गिरफ्तार हो चुके हैं और अब भी न जाने कितने आश्रमों में बहू बेटियों की इज्ज़त से खिलवाड़ हो रहा होगा पर सच को सामने लाने की किसी में हिम्मत नहीं है। इसलिए अंधविश्वासों को त्यागो और आँखों को खोलकर चलो तथा अपनी माताओं, बहनों और बेटियों को इन काम के भूखे भेडियों से बचाओ।
याद रखिए साधू सन्त वही है जो साधू सन्त की परिभाषा पर खरा उतरता है। साधू वह होता है जो कुश और घास पर उठता बैठता या सोता हो , सोने चाँदी के सिंहासन पर बैठने वाला और मखमल के बिस्तर पर सोने वाला या तो व्यापारी होगा या तो भोगी।
सच्चे साधू सन्यासियों की किसी से दुश्मनी नहीं होती , वो तो ईश्वर के सानिध्य में रहते हैं उन्हें मृत्यु का कैसा डर। हजारों सुरक्षाकर्मियों और हथियार बन्द समर्थकों के साथ चलने वाला इंसान साधू या बाबा नहीं हो सकता वह या तो गुंडा होगा या नेता।

सच्चे साधू सन्त स्त्रियों के स्पर्श से दूर ही रहते हैं ताकि उनका ब्रम्हचर्य सलामत रहे और ताकि वे दुनिया को खुद पर नियंत्रण रखने के सम्बंध में प्रेरणा दे सकें। स्त्रियों सें पाँव दबवाने वाला, स्त्रियों के साथ रहने वाला या स्त्रियों से सेवा करवाने वाला या तो भोगी होगा या तो बलात्कारी।
ज्ञान लेना ही है तो ऐसे साधू बाबा से लीजिए जो आपको सिर्फ ज्ञान दे बदले में आपका धन और आपकी तथा आपकी बहन ,बेटी और बहू की इज्ज़त न मांगे।
अगर सिर्फ कुछ चौपाइयों को कहने और उनका अर्थ समझा देने भर से कोई साधू सन्यासी या बैरागी बन जाता तो यह तो हर पढा लिखा इंसान कर सकता है। साधू वह होता है जिसका चरित्र ऊँचा हो। चरित्रहीन इंसान को साधू या बाबा कहलाने का कोई हक नही है। साधू बनने की जो सबसे बडी कसौटी है वह है अपनी इच्छाओं पर नियंत्रण रखना और अपने आपको काम, क्रोध, लोभ और मोह से दूर रखना , और इसमें से एक भी लक्षण आजकल के साधू बाबाओं में देखने को नहीं मिलते। अगर कुछ सच्चे साधू सन्त हैं भी तो उन तक आम इंसान पहुंच ही नहीं पाता क्योंकि बीच में ये ढोंगी , लोभी और कामी बाबा बडे बडे झूठे आडंबर और भौकाल दिखाकर रोक जो लेते हैं।
इसलिए आजकल के बाबाओं के ज्ञान को परखने के साथ साथ उनके चरित्र को भी परखना जरूरी हो गया है।

बाबा राम रहीम - A RAPIST

बाबा राम रहीम, कहने को तो बाबा, परमेश्वर और जाने क्या क्या मगर काम ऐसे कि मानवता शर्मसार हो जाए। आज बाबा राम रहीम का एक नया नामकरण हुआ है वह नया नाम है रेपिस्ट, खूनी और आरोपी। खुद को भगवान कहने वाले राम रहीम ने लोगों को अपने झूठे अंधविश्वास के माया जाल में इस तरह फँसाया हुआ है कि उस पर आरोप साबित होने के बावजूद भी लाखों लोग कोर्ट के फैसले का विरोध करने पर आमादा हो रहे हैं। बाबा राम रहीम के समर्थकों के उपद्रव की वजह से कई लोगों की जान भी जा चुकी है। बाबा राम रहीम के समर्थकों को सोचना और समझना चाहिए कि,यह कैसा परमेश्वर था जो लडकियों को पुरुषों से दूर रहकर सात्विक जीवन जीने को कहता है मगर खुद उनके साथ रंगरेलियां मनाता है।
ये सारे लक्षण एक बाबा या साधू सन्त के तो बिल्कुल भी नही हो सकते। लडकियों का दुष्कर्म करने में जितना अपराधी यह राम रहीम है उतने ही अपराधी इस जघन्य अपराध में उसका साथ देने वाले लोग भी हैं।
बाबा राम रहीम के समर्थकों को समझना होगा कि जो इंसान अंधविश्वास और ईश्वर के नाम पर लडकियों का यौन शोषण करता हो , हत्या करवाता हो वह उन्हें ईश्वर से कैसे मिला सकता है। जो बाबा खुद ब्लू फिल्म देख देख कर भोग बिलास में डूबा हो वह जनता का उद्धार कैसे कर सकता है।

आज 15 सालों के बाद औरतों को लडकियों को न्याय मिला है । बाबा राम रहीम और उनके समर्थकों को कोर्ट के फैसले का सम्मान करना चाहिए और अदालत द्वारा जो भी सजा दी जाए उसे स्वीकार करना चाहिए।शायद परमेश्वर उनके इस अक्षम्य अपराध को क्षमा कर दें।

बलिया में खाकी शर्मसार

बलिया, उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश में रक्षक ही बन रहे हैं भक्षक । जी हाँ उत्तर प्रदेश जहाँ पर भाजपा की सरकार और पुलिस प्रशासन महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बडे बडे दावे करता है, में पुलिस की खाकी एक बार फिर से दागी हो गई।गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में एक कान्स्टेबल ने 15 साल की नाबालिग लडकी का कथित तौर पर बलात्कार किया।
यह मामला है पिछले शुक्रवार 18 अगस्त की रात गोपाल नगर के रेवती पुलिस स्टेशन का , जहाँ पर धरम नाम के एक कान्सटेबल को बलात्कार के जुर्म में गिरफ्तार किया गया है। बात उस समय की है जब कुछ लोगों ने पुलिस चौकी से लडकी के कराहने की आवाज सुनी और पास जाकर देखा तो एक कान्सटेबल एक लडकी के साथ जबरदस्ती बलात्कार कर रहा था। लोगों को देखकर उसने भागने की कोशिश भी की पर कामयाब नहीं हुआ।
लोगों ने इसकी सूचना लडकी के 60 वर्षीय पिता को दी लेकिन जब पिता वारदात की जगह पर पहुंचा और उसने अपनी बेटी को तडपते हुए देखा तो वह यह सदमा बर्दाश्त नही कर सका जिससे मौके पर ही उसने दम तोड दिया।
इतने में मौका देखकर कान्स्टेबल ने भागने की भी कोशिश की पर लोगों ने दौडाकर एक बार फिर उसे पकड लिया।
लडकी के पिता का शव पोस्टमार्टम के लिये और लडकी को मेडिकल जांच के लिए भेज दिया गया है।

पुलिस अधीक्षक सुजाता सिंह ने आरोपी सिपाही को निलंबित कर दिया है । स्टेशन अधिकारी कुंवर प्रभात सिंह ने कहा कि आरोपी कान्सटेबल के खिलाफ आईपीसी की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है और उसे जेल भेज दिया गया है। इस मामले में आगे की जांच चल रही है।

32 YEARS OLD MAN RAPED A TEACHER

HWANGE, ZIMBAMBWE

A 32-year-old man, named Boniface Nyambia, raped a teacher by placing her on a tree. He has been arrested and presented before a Hovez Magistrates Court in Zimbabwe.

It is worth mentioning that Bonfas has raped the woman near the truck stop in Zimbabwe's Hwange area and raped her for a period of five consecutive hours.
After accusing the accused of rape several times
He was presented before Magistrate Mrs. Portia Mahalanga-Moyo.

The 32-year-old's plea was not taken though and he was jailed on 30th August.

Prior to this, the prosecution, Mr. Oniyyas Nyaythi told the court that the accused had met the teacher at the bus stop in front of the truck stop in June, when he was waiting for a bus for Victoria Falls.

According to the prosecution, Nyambia had done the drama that he would also go in the same direction as the woman teacher was going on.

It was told that the accused spoke sweetly to the woman and assured her that he is a good person. After some time talking, the accused attacked the woman's neck and then dragged her to the tree behind the bus stop. He raped the woman's feet and raped her for several consecutive hours.

10 साल की दुष्कर्म पीडिता ने बच्ची को जन्म दिया

चण्डीगढ़ , भारत।
16 अगस्त 2017


एक 10 साल की दुष्कर्म पीडित लडकी जो प्रेगनेण्ट हो चुकी थी और सुप्रीम कोर्ट ने अबोर्शन करवाने की इजाजत से मना कर दिया था, ने आज एक लडकी को जन्म दिया।
गौरतलब है कक्षा छः में पढने वाली 10 साल की लडकी जिसका पिछले सात महीने में उसके एक करीबी रिश्तेदार के द्वारा कई बार बलात्कार किया गया था। शरीर से तंदुरुस्त होने की वजह से शुरू में किसी को कुछ एहसास नहीं हुआ परन्तु अचानक एक दिन उसके पेट में दर्द शुरू हुआ तो उसके परिजनों ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल में जब जांच की गई तो पता चला कि वह प्रग्नेंट है । घर वालों ने जब लडकी से पूछताछ की तो पता चला बलात्कारी कोई और नहीं बल्कि उसका नजदीक का रिश्तेदार है। पुलिस ने उस रिश्तेदार को गिरफ्तार कर लिया ।
उसके बाद लडकी के घर वालों ने लडकी के एबोर्शन हेतु अदालत से इजाजत मांगी । एबोर्शन पर फैसला लेने के लिए अदालत ने डाक्टरों का पैनल गठित करने के साथ , पूरी रिपोर्ट मांगी। डाक्टरों के पैनल ने सुझाव दिया कि बीस सप्ताह के बाद एबोर्शन करवाना खतरे से भरा होता है चूंकि इस लडकी को गर्भ धारण किए हुए 30-32 सप्ताह से भी ज्यादा हो गए हैं इसलिए एबोर्शन का सवाल ही नहीं उठता। इसी आधार पर अदालत ने लडकी के एबोर्शन की याचिका ठुकरा दी और बेहतर से बेहतर देखभाल का आदेश दिया।
हालाँकि लडकी को यह नहीं बताया गया था कि वह प्रग्नेंट है उसे बताया गया था कि उसके पेट में एक बडा ट्यूमर है उसी का इलाज जारी है।
उसको अब भी यह पता नहीं है कि उसने एक लडकी को जन्म दिया है।
फिलहाल लडकी और बच्ची दोनों स्वस्थ और सुरक्षित हैं।
आप पढ रहे हैं www.savethewomen247.com
अब सवाल यह उठता है कि क्या लोगों की मानसिकता इस कदर खराब हो गई है कि वे छोटी छोटी बच्चियों को भी बहला फुसलाकर अपना शिकार बनाने से पीछे नही हट रहे हैं। ऐसे में किस इंसान पर भरोसा किया जाए और किस पर नहीं कुछ कहा नहीं जा सकता। याद रखिए छोटी बच्चियों के साथ जितनी भी घटनाएं होती हैं सबमें कोई नजदीक का दोस्त या रिश्तेदार ही गुनाहगार होता है।
इसलिए हर समय चौकन्ना रहिए आँखें खुली रखिए और अपनी बच्चियों के साथ हो रही हर छोटी से भी छोटी घटना तथा उनसे मिलने वाले, उनके साथ खेलने वाले हर इंसान पर ध्यान दीजिए ।
आपकी थोडी सी सावधानी बडी अनहोनी होने से रोक सकती है।
Stay connected with
www.savethewomen247.com

लेबनान का अनुच्छेद 522

लेबनान का दुष्कर्म कानून:
संसद ने पीडिता से शादी कर के बच निकलने का रास्ता बन्द किया।

लेबनान की संसद ने एक कानून को खत्म दिया है जिसके तहत यदि एक बलात्कारी पीडित महिला से विवाह कर लेता है तो उसको सजा से मुक्त किया जा सकता है ।
महिला अधिकारों के लिए संघर्षरत कार्यकर्ताओं ने लंबे समय से मांग की थी कि दंड संहिता के अनुच्छेद 522 को निरस्त कर दिया जाए।
उनका अभियान महिला मामलों के मंत्री जीन ओग्सासियन द्वारा समर्थित था, जिन्होंने कहा था कि यह कानून "पाषाण युग " के जैसा था।
इसी तरह के कानून हाल ही में ट्यूनीशिया और जॉर्डन में खत्म किए गए हैं.।
इसी कानून का इस्तेमाल कई सीरियाई शरणार्थियों नें लेबनान में रहने के लिए किया था। वे अपने आपको दुष्कर्म के अपराध में फँसा लेते और फिर सम्बन्धित पीडित से शादी करके लेबनान में रहने की योग्यता हासिल कर लेते थे।
प्रशासन और न्याय के लिए लेबनान की संसदीय समिति के सदस्यों ने पिछले दिसंबर में ही अनुच्छेद 522 को रद्द करने का प्रस्ताव पेश करने के लिए एकजुट हुए थे।

अनुच्छेद 522 ने अभियोजन को रोकने या उस व्यक्ति की सजा को निलंबित करने के लिए अनुमति दी, जिसने किसी पीडित का अपहरण, या वैधानिक बलात्कार किया था और पीड़ित से शादी की थी।कार्यकर्ता के अनुसार यह कानून पीडिता को अपराधी बलात्कारी से शादी करने के लिए बाध्य करता है ताकि पीडिता का सम्मान बचा रहे। ऐसे में पीडिता को न चाहते हुए भी अपनी इज्ज़त बचाने के लिए एक अपराधी से विवाह करना पडता है।
महिलाओं के अधिकारों के लिए लडने वाले समूहों ने महिलाओं की इज्ज़त और गरिमा को बचाने के उद्देश्य से अनुच्छेद 522 को निरस्त करने की मांग की थी।
पूरे देश ने , सभी प्रकार की हिंसा से महिलाओं की सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए सांसदों का धन्यवाद किया।

LEBANAN RAPE'S LAW #522

Lebanon's Rape Law: #522
Parliament has closed the way to escape rape criminals by marrying the victim.

16 Aug 2017 ,

The Parliament of Lebanon has given up a law under which if a rapist gets married to a victim , he can be freed from the punishment.
The struggling activists for women's rights have demanded from long time that Article 522 of the Penal Code be repealed.
His campaign was supported by Women Affairs Minister Jean Ogassiann, who said that this law was like "Stone Age".
Similar laws have recently been abolished in Tunisia and Jordan already.
The same law was used by many Syrian refugees to live in Lebanon. They used to get themselves trapped in the crime of rape and then got married to a related victim and had the ability to live in Lebanon.
Members of the Lebanese parliamentary committee for administration and justice had gathered in December last year to present the proposal to cancel Article 522.

Article 522 allowed the prosecution to stop or suspend the punishment of the person who had kidnapped a victim, or had been raped, and had been married to the victim.
According to the social worker, this law will allow the victim to marry the criminal rapist So that the honor of the victim is preserved. In such a situation, even if she does not want to marry , she has to marry a criminal to save her respect.
The groups fighting for the rights of women had demanded to abrogate Article 522 for the purpose of protecting women's dignity and honour .
The whole country, thanked the MPs for strengthening the security of women with all kinds of violence.

CHANDIGARH: 12 YEARS GIRL GOT RAPED.

Chandigarh , INDIA.

One side we were celebrating Independence day and another side a 12 years old innocent girl got raped.
She was coming back to home after the celebrating Independence programme in the school . Someone kidnapped and raped her. Now Chandigarh police has started inquiries and checking the CCTV footage of the crime spot. We hope they will find some clues as soon as possible.
But question is still same and big.
Is our security system is enough to stop crime against women ? I think ..No.
Only making anti romeo sqade is not enough but we need a WORKING ANTI ROMEO SQAD which can keep our girls safe.
Look , this is the security system of India. 15 August , Independence day and an innocent girl got raped in the day. Everyone knows that Independence day is a sensitive day every year thats why our government try to make security tight and more tight .
By the way I think if our girls and women are still unsafe in the country then GOVERNMENT SHOULD TAKE STRICT ACTION ..

सावधान, कहीं चोटी न कट जाए

उत्तर प्रदेश , हरियाणा और पंजाब के साथ साथ देश के अन्य राज्यों में जिस तरह से लडकियों और महिलाओं की चोटियों को काटा जा रहा है वह वाकई में शर्मनाक है और महिलाओं की इज्ज़त और अस्मिता के साथ खिलवाड़ है। हमने देखा है कि जब लोग अखबार में चोटी कटने की खबर पढते हैं तो सहसा मुस्कुराने लगते हैं । अब तक बहुत मुस्कुरा लिए क्योंकि अभी तक लग रहा था कि लोग शरारत या आपसी रंजिश की वजह से इस तरह की शर्मनाक घटना को अंजाम दे रहे हैं और यह मामला एक दो दिन में शान्त हो ही जाएगा मगर अब स्थिति बिल्कुल उल्टी होने लगी है। चोटी कटने की घटनाएं कम होने के बजाय हर दिन बढती ही जा रही हैं जो कि औरतों में भय का माहौल पैदा कर रही है।

आज आलम यह है कि हर औरत अपने बालों को बचाने के लिये हर तरह के टोटकों का इस्तेमाल कर रही हैं।

आखिर क्या है हकीकत?

हर कोई यह जानने को उत्सुक है कि औरतों की चोटियों को आखिर कौन काट रहा है और क्यों ? सबसे बडा सवाल यह है कि यदि कोई चोटी काटता है तो वह उस चोटी को ले क्यों नहीं जाता और ऐसा क्या करता है कि पीडित बेहोश हो जाता है  ?

उत्तर प्रदेश के जौनपुर और प्रतापगढ़ जिले में हुई  घटनाओं में पीडिता यही कहती नजर आई कि चोटी काटने वाला कोई इंसान नही बल्कि एक भूत या आत्मा है जो किसी खुन्नस में आकर देश भर की महिलाओं के बालों को काट रही है। हद तो तब हो गई जब एक ग्रामीण पीडित महिला ने इतना तक कह दिया कि उसने चोटी काटने वाली चुडैल से लडाई भी की मगर न जाने कब वह बेहोश हो गई और चोटी कट गई।

देश प्रदेश में जितनी भी घटनाएँ हो रही हैं लगभग सबमें अपराधी दिखाई ही नहीं दिया है तो हकीकत क्या है ? क्या वाकई में यह किसी भूत या आत्मा का काम है ? जी नहीं यह सरासर एक कल्पना है । हम भूतों प्रेतों के अस्तित्व से इनकार नहीं कर सकते क्योंकि हर कोई इतना तो जानता ही है कि अच्छाई के साथ बुराई है तो भगवान के साथ साथ दुनिया में शैतान का भी अस्तित्व होगा  मगर कोई शैतान मूर्त रूप में आकर औरतों की चोटियों को काटेगा वह भी बिना किसी फायदे या मतलब के यह बात बिल्कुल भी हजम नहीं होती है..और ऐसा हो भी नहीं सकता है।


फिर कौन है जो दहशत फैला रहा है ?

चोटी काटने के पीछे किसी न किसी गिरोह का हाथ है जो पूरी तैयारी और सफाई से घटनाओं को अंजाम दे रहा है। चूंकि ये घटनाएं एक सीमित दायरे में न होकर एक साथ देश  के कई भागों में रही हैं इससे पता चलता है कि इस गिरोह में काफी लोग शामिल हैं जिनका उद्देश्य औरतों और लोगों में दहशत का माहौल पैदा करके देश की शान्ति को भंग करना है।


इस गिरोह के लोग तो चाहते ही हैं कि लोगों के मन को यह विश्वास दिलाया जाए कि यह सब कोई आदमी नहीं बल्कि आत्मा कर रही है ताकि पुलिस आदि इसमें हस्तक्षेप न करे क्योंकि कानून भूतों प्रेतों में यकीन नही करता है।


पुलिस प्रशासन खामोश क्यों है?


पुलिस प्रशासन की सबसे बडी समस्या यह है कि वह घटना स्थल पर इतनी देर से पहुंचती है कि लगभग सारे क्लू और सबूत मिट चुके होते हैं। कभी कभी तो दरोगा जी यह कहकर ही पल्ला झाड लेते हैं कि " मामला संज्ञान में नही है अगर इस तरह की कोई घटना हुई है तो इसकी जांच होगी और कार्यवाही की जाएगी।" अगली बात यह है कि चोटी काटने वाला अभी तक दिखाई नही दिया है इसलिए पुलिस प्रशासन और भी मजबूर हो जाता है। पुलिस प्रशासन को यह समझना होगा कि यह सामने से अपराध करने वाला अपराधी नही है जिसे दौडाकर पकड लिया  जाएगा। अगर इस गिरोह के अपराधियों को पकडना है तो फारेंसिक टीम को साथ लेकर चलना होगा ताकि पीडिता और घटना स्थल की पूरी जांच हो सके।


तो क्या किया जाए?


अगर आपके आस पास इस तरह से चोटी कटने की कोई भी घटना सामने आती है तो कृपया इसका हौव्वा न बनाए बल्कि स्थिति को समझते हुए तुरन्त इसकी सूचना पुलिस को दें साथ ही साथ मौकाए वारदात पर पुलिस के आने से पहले किसी को जाने न दें क्योंकि हो सकता है कि वहाँ पुलिस को कोई क्लू मिल जाए और इस बढते अपराध को रोकने की कोई कडी हाथ लग जाए। सबसे बडी बात यह है कि पुलिस को चोटी कट के गिरने की वजह की जांच करने से न रोकें। साथ ही यदि पीडिता बेहोश है तो तुरन्त अस्पताल ले जाएं और मेडिकल चेक अप कराएं ताकि बेहोश होने का वास्तविक कारण पता चल सके। अपने आस पास के संदिग्ध लोगों पर नजर रखिए ।

याद रखिये घटना किसी के भी साथ हो सवाल महिलाओं की इज्ज़त और अस्मिता का है इसलिए अफवाहों और भूतों प्रेतों पर ध्यान न देते हुए अपनी आंख और कान खुले रखिए। आपकी थोडी सी सावधानी इस फलते फूलते अपराध को खत्म कर सकती है।

महिला सुरक्षा से समझौता और नहीं

  गलत नियत वालों को मौका और नहीं अब और नहीं महिला सुरक्षा से समझौता और नहीं अब और नहीं जागो हे भारत की बेटियों अब तो नींद से जागो तुम अपनी स...

Popular Posts