HWANGE, ZIMBAMBWE
A 32-year-old man, named Boniface Nyambia, raped a teacher by placing her on a tree. He has been arrested and presented before a Hovez Magistrates Court in Zimbabwe.
It is worth mentioning that Bonfas has raped the woman near the truck stop in Zimbabwe's Hwange area and raped her for a period of five consecutive hours.
After accusing the accused of rape several times
He was presented before Magistrate Mrs. Portia Mahalanga-Moyo.
The 32-year-old's plea was not taken though and he was jailed on 30th August.
Prior to this, the prosecution, Mr. Oniyyas Nyaythi told the court that the accused had met the teacher at the bus stop in front of the truck stop in June, when he was waiting for a bus for Victoria Falls.
According to the prosecution, Nyambia had done the drama that he would also go in the same direction as the woman teacher was going on.
It was told that the accused spoke sweetly to the woman and assured her that he is a good person. After some time talking, the accused attacked the woman's neck and then dragged her to the tree behind the bus stop. He raped the woman's feet and raped her for several consecutive hours.
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10 साल की दुष्कर्म पीडिता ने बच्ची को जन्म दिया
चण्डीगढ़ , भारत।
16 अगस्त 2017
एक 10 साल की दुष्कर्म पीडित लडकी जो प्रेगनेण्ट हो चुकी थी और सुप्रीम कोर्ट ने अबोर्शन करवाने की इजाजत से मना कर दिया था, ने आज एक लडकी को जन्म दिया।
गौरतलब है कक्षा छः में पढने वाली 10 साल की लडकी जिसका पिछले सात महीने में उसके एक करीबी रिश्तेदार के द्वारा कई बार बलात्कार किया गया था। शरीर से तंदुरुस्त होने की वजह से शुरू में किसी को कुछ एहसास नहीं हुआ परन्तु अचानक एक दिन उसके पेट में दर्द शुरू हुआ तो उसके परिजनों ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल में जब जांच की गई तो पता चला कि वह प्रग्नेंट है । घर वालों ने जब लडकी से पूछताछ की तो पता चला बलात्कारी कोई और नहीं बल्कि उसका नजदीक का रिश्तेदार है। पुलिस ने उस रिश्तेदार को गिरफ्तार कर लिया ।
उसके बाद लडकी के घर वालों ने लडकी के एबोर्शन हेतु अदालत से इजाजत मांगी । एबोर्शन पर फैसला लेने के लिए अदालत ने डाक्टरों का पैनल गठित करने के साथ , पूरी रिपोर्ट मांगी। डाक्टरों के पैनल ने सुझाव दिया कि बीस सप्ताह के बाद एबोर्शन करवाना खतरे से भरा होता है चूंकि इस लडकी को गर्भ धारण किए हुए 30-32 सप्ताह से भी ज्यादा हो गए हैं इसलिए एबोर्शन का सवाल ही नहीं उठता। इसी आधार पर अदालत ने लडकी के एबोर्शन की याचिका ठुकरा दी और बेहतर से बेहतर देखभाल का आदेश दिया।
हालाँकि लडकी को यह नहीं बताया गया था कि वह प्रग्नेंट है उसे बताया गया था कि उसके पेट में एक बडा ट्यूमर है उसी का इलाज जारी है।
उसको अब भी यह पता नहीं है कि उसने एक लडकी को जन्म दिया है।
फिलहाल लडकी और बच्ची दोनों स्वस्थ और सुरक्षित हैं।
आप पढ रहे हैं www.savethewomen247.com
अब सवाल यह उठता है कि क्या लोगों की मानसिकता इस कदर खराब हो गई है कि वे छोटी छोटी बच्चियों को भी बहला फुसलाकर अपना शिकार बनाने से पीछे नही हट रहे हैं। ऐसे में किस इंसान पर भरोसा किया जाए और किस पर नहीं कुछ कहा नहीं जा सकता। याद रखिए छोटी बच्चियों के साथ जितनी भी घटनाएं होती हैं सबमें कोई नजदीक का दोस्त या रिश्तेदार ही गुनाहगार होता है।
इसलिए हर समय चौकन्ना रहिए आँखें खुली रखिए और अपनी बच्चियों के साथ हो रही हर छोटी से भी छोटी घटना तथा उनसे मिलने वाले, उनके साथ खेलने वाले हर इंसान पर ध्यान दीजिए ।
आपकी थोडी सी सावधानी बडी अनहोनी होने से रोक सकती है।
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16 अगस्त 2017
एक 10 साल की दुष्कर्म पीडित लडकी जो प्रेगनेण्ट हो चुकी थी और सुप्रीम कोर्ट ने अबोर्शन करवाने की इजाजत से मना कर दिया था, ने आज एक लडकी को जन्म दिया।
गौरतलब है कक्षा छः में पढने वाली 10 साल की लडकी जिसका पिछले सात महीने में उसके एक करीबी रिश्तेदार के द्वारा कई बार बलात्कार किया गया था। शरीर से तंदुरुस्त होने की वजह से शुरू में किसी को कुछ एहसास नहीं हुआ परन्तु अचानक एक दिन उसके पेट में दर्द शुरू हुआ तो उसके परिजनों ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल में जब जांच की गई तो पता चला कि वह प्रग्नेंट है । घर वालों ने जब लडकी से पूछताछ की तो पता चला बलात्कारी कोई और नहीं बल्कि उसका नजदीक का रिश्तेदार है। पुलिस ने उस रिश्तेदार को गिरफ्तार कर लिया ।
उसके बाद लडकी के घर वालों ने लडकी के एबोर्शन हेतु अदालत से इजाजत मांगी । एबोर्शन पर फैसला लेने के लिए अदालत ने डाक्टरों का पैनल गठित करने के साथ , पूरी रिपोर्ट मांगी। डाक्टरों के पैनल ने सुझाव दिया कि बीस सप्ताह के बाद एबोर्शन करवाना खतरे से भरा होता है चूंकि इस लडकी को गर्भ धारण किए हुए 30-32 सप्ताह से भी ज्यादा हो गए हैं इसलिए एबोर्शन का सवाल ही नहीं उठता। इसी आधार पर अदालत ने लडकी के एबोर्शन की याचिका ठुकरा दी और बेहतर से बेहतर देखभाल का आदेश दिया।
हालाँकि लडकी को यह नहीं बताया गया था कि वह प्रग्नेंट है उसे बताया गया था कि उसके पेट में एक बडा ट्यूमर है उसी का इलाज जारी है।
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इसलिए हर समय चौकन्ना रहिए आँखें खुली रखिए और अपनी बच्चियों के साथ हो रही हर छोटी से भी छोटी घटना तथा उनसे मिलने वाले, उनके साथ खेलने वाले हर इंसान पर ध्यान दीजिए ।
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