महिला सुरक्षा

हर एक महिला की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी होनी चाहिए

बाबाओं से बच के रहना रे बाबा

भारत में बाबाओं, साधुओं और सन्तों की कमी नहीं है लेकिन कुछ दुष्ट और ढोंगी भोगी बाबाओं ने सच्चे साधुओं को भी बदनाम कर दिया है। पहले का जमाना था कि लोग मोह माया , काम इच्छाओं को त्यागकर साधू सन्यासी बनते थे लेकिन अब तो लोग सुख भोगने के लिये, अपनी कामेच्छा पूरी करने के लिये , धन दौलत इकठ्ठी करने के लिए साधू बाबा बनते हैं। साधू सन्यासी का मतलब होता है धन दौलत और सांसारिक सुखों से अलग होकर सिर्फ ईश्वर की सेवा करना ,मगर आज सबसे ज्यादा पैसा और सुख किसी के पास है तो वे आजकल के साधू सन्त ही हैं। साधू सन्तों का काम होता है दुनिया में ज्ञान बाँटना और शान्ति कायम रखना लेकिन आजकल बाबाओं और उनके समर्थकों ने सबसे ज्यादा बवाल मचा के रखा है। किसी आम इंसान ने अगर इन बाबाओं के खिलाफ मुँह खोला तो ये बाबा और उनके समर्थक उस आम इंसान की हत्या करवा देते हैं । भाई ये तो सीधा सीधा गुंडागर्दी है कि हम जो कर रहे हैं हमें करने दो वरना जान से हाथ धोना पडेगा। दरअसल, ये गुंडे ही हैं जिन्होंने कानून से बचने के लिए साधू बाबा का चोला ओढ रखा है।
अब आप बताइए कि साधू सन्त का काम तो दुनिया भर में शान्ति कायम करना, अहिंसा का प्रचार करना और सबको जीवों पर दया करना सिखाना है मगर आजकल के साधू तो बात बात पर हिंसा और उपद्रव पर उतारू हो जाते हैं, ये काहे के साधू हैं।
साधू सन्त अपने ज्ञान से दुनिया को बचाने का कार्य करते हैं पर यहाँ तो साधुओं और बाबाओं को अपनी ही जान की चिन्ता रहती है इसलिए बडी बडी गाडियां भर के हथियार बन्द सुरक्षाकर्मियों के साथ आते जाते हैं , ये साधू हैं या नेता ?
मेरे देश की भोली भाली जनता अरे अब तो जाग जाओ।आशाराम बापू, बाबा रामपाल, बाबा राम रहीम और न जाने कितने मौलवी और पादरी बलात्कार के गुनाह में गिरफ्तार हो चुके हैं और अब भी न जाने कितने आश्रमों में बहू बेटियों की इज्ज़त से खिलवाड़ हो रहा होगा पर सच को सामने लाने की किसी में हिम्मत नहीं है। इसलिए अंधविश्वासों को त्यागो और आँखों को खोलकर चलो तथा अपनी माताओं, बहनों और बेटियों को इन काम के भूखे भेडियों से बचाओ।
याद रखिए साधू सन्त वही है जो साधू सन्त की परिभाषा पर खरा उतरता है। साधू वह होता है जो कुश और घास पर उठता बैठता या सोता हो , सोने चाँदी के सिंहासन पर बैठने वाला और मखमल के बिस्तर पर सोने वाला या तो व्यापारी होगा या तो भोगी।
सच्चे साधू सन्यासियों की किसी से दुश्मनी नहीं होती , वो तो ईश्वर के सानिध्य में रहते हैं उन्हें मृत्यु का कैसा डर। हजारों सुरक्षाकर्मियों और हथियार बन्द समर्थकों के साथ चलने वाला इंसान साधू या बाबा नहीं हो सकता वह या तो गुंडा होगा या नेता।

सच्चे साधू सन्त स्त्रियों के स्पर्श से दूर ही रहते हैं ताकि उनका ब्रम्हचर्य सलामत रहे और ताकि वे दुनिया को खुद पर नियंत्रण रखने के सम्बंध में प्रेरणा दे सकें। स्त्रियों सें पाँव दबवाने वाला, स्त्रियों के साथ रहने वाला या स्त्रियों से सेवा करवाने वाला या तो भोगी होगा या तो बलात्कारी।
ज्ञान लेना ही है तो ऐसे साधू बाबा से लीजिए जो आपको सिर्फ ज्ञान दे बदले में आपका धन और आपकी तथा आपकी बहन ,बेटी और बहू की इज्ज़त न मांगे।
अगर सिर्फ कुछ चौपाइयों को कहने और उनका अर्थ समझा देने भर से कोई साधू सन्यासी या बैरागी बन जाता तो यह तो हर पढा लिखा इंसान कर सकता है। साधू वह होता है जिसका चरित्र ऊँचा हो। चरित्रहीन इंसान को साधू या बाबा कहलाने का कोई हक नही है। साधू बनने की जो सबसे बडी कसौटी है वह है अपनी इच्छाओं पर नियंत्रण रखना और अपने आपको काम, क्रोध, लोभ और मोह से दूर रखना , और इसमें से एक भी लक्षण आजकल के साधू बाबाओं में देखने को नहीं मिलते। अगर कुछ सच्चे साधू सन्त हैं भी तो उन तक आम इंसान पहुंच ही नहीं पाता क्योंकि बीच में ये ढोंगी , लोभी और कामी बाबा बडे बडे झूठे आडंबर और भौकाल दिखाकर रोक जो लेते हैं।
इसलिए आजकल के बाबाओं के ज्ञान को परखने के साथ साथ उनके चरित्र को भी परखना जरूरी हो गया है।

बाबा राम रहीम - A RAPIST

बाबा राम रहीम, कहने को तो बाबा, परमेश्वर और जाने क्या क्या मगर काम ऐसे कि मानवता शर्मसार हो जाए। आज बाबा राम रहीम का एक नया नामकरण हुआ है वह नया नाम है रेपिस्ट, खूनी और आरोपी। खुद को भगवान कहने वाले राम रहीम ने लोगों को अपने झूठे अंधविश्वास के माया जाल में इस तरह फँसाया हुआ है कि उस पर आरोप साबित होने के बावजूद भी लाखों लोग कोर्ट के फैसले का विरोध करने पर आमादा हो रहे हैं। बाबा राम रहीम के समर्थकों के उपद्रव की वजह से कई लोगों की जान भी जा चुकी है। बाबा राम रहीम के समर्थकों को सोचना और समझना चाहिए कि,यह कैसा परमेश्वर था जो लडकियों को पुरुषों से दूर रहकर सात्विक जीवन जीने को कहता है मगर खुद उनके साथ रंगरेलियां मनाता है।
ये सारे लक्षण एक बाबा या साधू सन्त के तो बिल्कुल भी नही हो सकते। लडकियों का दुष्कर्म करने में जितना अपराधी यह राम रहीम है उतने ही अपराधी इस जघन्य अपराध में उसका साथ देने वाले लोग भी हैं।
बाबा राम रहीम के समर्थकों को समझना होगा कि जो इंसान अंधविश्वास और ईश्वर के नाम पर लडकियों का यौन शोषण करता हो , हत्या करवाता हो वह उन्हें ईश्वर से कैसे मिला सकता है। जो बाबा खुद ब्लू फिल्म देख देख कर भोग बिलास में डूबा हो वह जनता का उद्धार कैसे कर सकता है।

आज 15 सालों के बाद औरतों को लडकियों को न्याय मिला है । बाबा राम रहीम और उनके समर्थकों को कोर्ट के फैसले का सम्मान करना चाहिए और अदालत द्वारा जो भी सजा दी जाए उसे स्वीकार करना चाहिए।शायद परमेश्वर उनके इस अक्षम्य अपराध को क्षमा कर दें।

I love you Mom

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माँ से बढकर कुछ नहीं

हमने इस दुनिया में बहुत माँ को समझने वाले देखे
पर बेटा तो वो है जिसने माँ के पैरों के छाले देखे

वो माँ ही थी जिसने अँधेरों में बिता दी जिन्दगी
ताकि बच्चे उसके हर रोज उजाले ही उजाले देखें

बीवियों के कहने पर जो माँ को गलत कहते हैं
हमने दुनिया में कुछ ऐसे भी भोले भाले देखे

एक माँ का दिल था जिसमें कि कोई दाग ना था
बाकी इस दुनिया में जितने दिल देखे सब काले देखे

हमने इस दुनिया में बहुत माँ को समझने वाले देखे
पर बेटा तो वो है जिसने माँ के पैरों के छाले देखे

BE CAREFULL WOMEN

Caution is the only defense. In many places this slogan is written and every one of us reads it, but there are very few people who do not ignore its ambiguity. When reports of rape are coming in everyday newspapers, especially women, the importance of this slogan must be understood. In most cases of misbehavior, it is seen that when the victim is alone ,criminals attacks . In such cases, if women show some vigilance then they can stop every possible event that can happen with them.

This vigilance or caution can be any of the following.

1) If your all family members (except you) are going to somewhere like party or marriage ceremony, it would be better if you go with them or stop a home member at home.

2) However, if for some reason you have been alone at home, then call a woman in a friend or neighborhood or go to her house.

3) Do not open the door on the request of any unknown or unreliable person, especially if you are alone at home.

4) Still, if someone forces you to open the door, call the police or women's helpline or call someone believable or make noise and wait Till someone trusted person comes to your door.

5) Do not go out on the streets alone at night.

6) Keep the police or women helpline numbers on the speed dial so that they can be done instantaneously.

7) If you are trapped alone for some reason and you are scared, then immediately contact the police or any women's helpline who will take you to a safe house.

8) Do not be friendly with strangers and avoid eating some food given to anyone.

9) If a relative or a special friend touches you with a bad intention against your wishes or knowingly, then immediately stop them and complain, because if you remain silent, it will understand that you are agree or have ni problem with that touch.

10) If anyone is blackmailing you about anything, then immediately report it to the police as this is the only way to fight blackmailing. If you become weak once, all life you will blackmailed by that person.

11) If someone propose you for love then you must take a lot of informations about his goodness and evil or about his previous life before acquiring it.

12) Avoid going to a party where most people use intoxication or drinking alcohol.

13) If someone chases you, call the police immediately. Remember to find the solution before coming to the trouble is a better and more intelligent step, because after the incident, any one informs the police.

These are cautious things that every girl and woman should keep in mind.

बलिया में खाकी शर्मसार

बलिया, उत्तर प्रदेश

उत्तर प्रदेश में रक्षक ही बन रहे हैं भक्षक । जी हाँ उत्तर प्रदेश जहाँ पर भाजपा की सरकार और पुलिस प्रशासन महिलाओं की सुरक्षा को लेकर बडे बडे दावे करता है, में पुलिस की खाकी एक बार फिर से दागी हो गई।गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में एक कान्स्टेबल ने 15 साल की नाबालिग लडकी का कथित तौर पर बलात्कार किया।
यह मामला है पिछले शुक्रवार 18 अगस्त की रात गोपाल नगर के रेवती पुलिस स्टेशन का , जहाँ पर धरम नाम के एक कान्सटेबल को बलात्कार के जुर्म में गिरफ्तार किया गया है। बात उस समय की है जब कुछ लोगों ने पुलिस चौकी से लडकी के कराहने की आवाज सुनी और पास जाकर देखा तो एक कान्सटेबल एक लडकी के साथ जबरदस्ती बलात्कार कर रहा था। लोगों को देखकर उसने भागने की कोशिश भी की पर कामयाब नहीं हुआ।
लोगों ने इसकी सूचना लडकी के 60 वर्षीय पिता को दी लेकिन जब पिता वारदात की जगह पर पहुंचा और उसने अपनी बेटी को तडपते हुए देखा तो वह यह सदमा बर्दाश्त नही कर सका जिससे मौके पर ही उसने दम तोड दिया।
इतने में मौका देखकर कान्स्टेबल ने भागने की भी कोशिश की पर लोगों ने दौडाकर एक बार फिर उसे पकड लिया।
लडकी के पिता का शव पोस्टमार्टम के लिये और लडकी को मेडिकल जांच के लिए भेज दिया गया है।

पुलिस अधीक्षक सुजाता सिंह ने आरोपी सिपाही को निलंबित कर दिया है । स्टेशन अधिकारी कुंवर प्रभात सिंह ने कहा कि आरोपी कान्सटेबल के खिलाफ आईपीसी की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है और उसे जेल भेज दिया गया है। इस मामले में आगे की जांच चल रही है।

सावधानी जरूरी है

सावधानी ही बचाव है। बहुत सारी जगहों पर यह स्लोगन लिखा होता है और हममें से हर कोई इसको पढता भी है लेकिन बहुत कम ही लोग होते हैं जो इसकी एहमियत को नजरअंदाज नहीं करते। जब हर रोज समाचार पत्रों में दुष्कर्म या बलात्कार की खबरें आ रही हैं तो विशेषकर महिलाओं को इस स्लोगन के महत्व को समझना ही चाहिए। ज्यादातर दुष्कर्म वाले केसों में देखा जाता है कि आरोपी पीडिता को अकेले पाकर ही घटना को अन्जाम देता है और लगभग हर होने वाले गुनाह की आहट सम्बन्धित इंसान को एक या दो बार जरूर होती है। ऐसे में यदि महिलाएं थोडी सी सतर्कता दिखाएं तो अपने साथ हो सकने वाली हर सम्भावित घटना को रोक सकती हैं।
यह सतर्कता या सावधानी निम्नलिखित मे से कोई भी हो सकती है।

1) यदि आपको छोडकर आपके सभी घर वाले किसी फंक्सन या पार्टी या किसी रिश्तेदार के घर जा रहे हैं तो बेहतर होगा कि आप भी साथ ही चली जाएं या किसी घर के सदस्य को घर पर रोक लें।

2) फिर भी यदि किसी वजह से आप घर पे अकेली रह गई हैं तो किसी सहेली या पडोस की महिला को घर पर बुला लें या खुद उनके घर चली जाएं।

3) किसी भी अन्जान या जिसपर आपको भरोसा न हो, के कहने पर दरवाजा न खोलें खासकर तब जब आप घर पे अकेली हों।

4) फिर भी यदि कोई जबरदस्ती दरवाजा खोलवाने का प्रयास करे तो तुरन्त पुलिस या महिला हेल्पलाइन पर फोन करें या पडोस से किसी को बुला लें या शोर मचा कर इन्तजार करें कि कोई आपका विश्वसनीय व्यक्ति आ जाए उसके बाद ही दरवाजा खोलें।

5) रात के समय अकेले सडकों पर न निकलें जब भी निकलें सहेली या घर का कोई सदस्य जरूर साथ हो।

6) पुलिस या महिला हेल्पलाइन नंबरों को स्पीड डायल पर रखें ताकि तुरन्त काल किया जा सके।

7) यदि आप किसी कारणवश कहीं अकेले फँस गई हैं और आप डर रही हैं तो तुरन्त पुलिस या किसी भी वूमेन हेल्पलाइन पर सम्पर्क करें जो आपको सुरक्षित घर तक पहुंचा देंगे।

8) किसी अजनबी से आसानी से दोस्ती न करें और किसी का भी दिया कुछ खाने पीने से बचें।

9) कोई रिश्तेदार या खास दोस्त यदि आपके मर्जी के खिलाफ या जाने अन्जाने में आपको बुरे इरादे से छूता है तो उसे तुरन्त टोंके और शिकायत करें क्योंकि यदि आप खामोश रहीं तो सामने वाला इस खामोशी को आपकी रजामंदी समझ बैठेगा।

10) यदि कोई किसी बात को लेकर आपको ब्लैकमेल कर रहा हो तो तुरन्त इसकी खबर पुलिस को दें क्योंकि ब्लैकमेलिंग से लडने का सिर्फ यही एक तरीका होता है। यदि आप एक बार कमजोर हुईं तो जिन्दगी भर ब्लैकमेल होती रहेंगी।

11)किसी भी तरह की लालच में आकर किसी के बुलाने पर अकेले मिलने बिल्कुल भी ना जाएं।

12) यदि कोई आपको प्यार के लिये प्रपोज करे तो अक्सेप्ट करने से पहले उसकी अच्छाई और बुराई के बारे में या उसकी पिछली जिन्दगी के बारे में थोडी बहुत जानकारी जरूर लेलें।

13) किसी ऐसी पार्टी में जाने से बचें जहाँ ज्यादातर लोग नशा करते हों या शराब पीते हों।

14)यदि कोई आपका पीछा करे तो तुरन्त पुलिस को फोन करें। याद रखिये मुसीबत आने से पहले हल खोज लिया जाए बेहतर और बुद्धिमानी वाला कदम होता है क्योंकि घटना हो जाने के बाद तो कोई भी पुलिस को इन्फार्म कर देता है।

ये वो सावधानी भरी बातें हैं जो हर लडकी और महिला को ध्यान में रखनी चाहिए ।

32 YEARS OLD MAN RAPED A TEACHER

HWANGE, ZIMBAMBWE

A 32-year-old man, named Boniface Nyambia, raped a teacher by placing her on a tree. He has been arrested and presented before a Hovez Magistrates Court in Zimbabwe.

It is worth mentioning that Bonfas has raped the woman near the truck stop in Zimbabwe's Hwange area and raped her for a period of five consecutive hours.
After accusing the accused of rape several times
He was presented before Magistrate Mrs. Portia Mahalanga-Moyo.

The 32-year-old's plea was not taken though and he was jailed on 30th August.

Prior to this, the prosecution, Mr. Oniyyas Nyaythi told the court that the accused had met the teacher at the bus stop in front of the truck stop in June, when he was waiting for a bus for Victoria Falls.

According to the prosecution, Nyambia had done the drama that he would also go in the same direction as the woman teacher was going on.

It was told that the accused spoke sweetly to the woman and assured her that he is a good person. After some time talking, the accused attacked the woman's neck and then dragged her to the tree behind the bus stop. He raped the woman's feet and raped her for several consecutive hours.

औरतों को चलो सम्मान से पुकारा जाए

ना कुछ तुम्हारा जाए ना कुछ हमारा जाए
औरतों को चलो सम्मान से पुकारा जाए

जन्म से लेकर प्यार ही दिया है औरत ने
करके इज्ज़त इनकी थोडा कर्ज उतारा जाए

जंग जो जारी है इनके प्यार हमारी नफरत में
जीत जाएं ये इसलिए चलो खुद हारा जाए

फूंक दो दुनिया की सारी रूढिवादी सोच
इससे पहले गर्भ में किसी कन्या को मारा जाए

औरतें फूल हैं इस दुनिया के गुलशन की
आओ इन फूलों को मोहब्बत से निखारा जाए

ना कुछ तुम्हारा जाए ना कुछ हमारा जाए
औरतों को चलो सम्मान से पुकारा जाए

INDIAN WOMEN'S HELPLINES

POLICE CONTROL ROOM: 100

MAHILA AASHA JYOTI LINE: 181

MAHILA POLICE HELPLINE (ALL INDIA): 1091/1291/(011)23317004

SHAKTI SHALINI: 10920

SHAKTI SHALINI -WOMAN SHELTER: (011)24373736/243737737

SARTHAK: (011)26853846/26524061

ALL INDIA WOMEN CONFRENCE:10921/(011)23389680

JAGORI:(011)26692700

JOINT WOMEN PROGRAMME:(011)24619821

SAKSHI- VIOLENCE INTERVENTION CENTER:(0124)2562336/5018873

SAHELI- A WOMEN ORGANIZATION:(011)24616485

NIRMAL NIKETAN: (011)27859158

NARI RAKSHA SAMITI: (011)23973949

RAHI-A SUPPORT CENTER FOR WOMEN SURVIVORS OF CHILD SEXUAL ABUSE: (011)26238466/26224442

WOMEN'S CELL DELHI:(011)24673366/4156/7699

DELHI POLICE HELPLINE:1091

CHILD HELPLINE:1098

ANTI STALKING:1096

CHILD , STUDENT AND SENIOR CITIZEN HELPLINE:1291

NATIONAL COMMISSION FOR WOMEN (NCW):
(011)23219750

SHRI LANKA WOMEN'S HELPLINES

SHRI LANKA Women'S Help Line –

"1938"
-faster response for the protection of women.


Shri Lanka government is really seriouse about the crime against women. So they have created some helplines numbers so that any women or girl can get immediately assistance.
First helpline number is "1938".

This service has been established with the objectives of providing assistance and relief for the receiving complaints related to all forms of discrimination against women, defilement of the rights of women, harassment and all kinds of abusive circumstances.Receiving all above complaints, studying of complaints and referring to government, non-government agencies and relevant persons for the assistance and relief, directing for the counselling and legal aid services as per the complainer’s personal requirement and nature of the problem are the main services of the women help line1938 is operated every weekday from 8.30 a.m. to 5.00 p.m. and relevant measures have been taken to operationalize this for 24 hours. The assigned staff of 1938 is devoted to keeping reliable and trusted service for their clients.

OTHER EMERGENCY HELPLINES:


Police helpline 24/7
"119"


CAll FOR IMMEDIATELY HELP ON CHILD ABUSE.
"1929"


Call to acquire more information about other organizations.

"1919"

10 साल की दुष्कर्म पीडिता ने बच्ची को जन्म दिया

चण्डीगढ़ , भारत।
16 अगस्त 2017


एक 10 साल की दुष्कर्म पीडित लडकी जो प्रेगनेण्ट हो चुकी थी और सुप्रीम कोर्ट ने अबोर्शन करवाने की इजाजत से मना कर दिया था, ने आज एक लडकी को जन्म दिया।
गौरतलब है कक्षा छः में पढने वाली 10 साल की लडकी जिसका पिछले सात महीने में उसके एक करीबी रिश्तेदार के द्वारा कई बार बलात्कार किया गया था। शरीर से तंदुरुस्त होने की वजह से शुरू में किसी को कुछ एहसास नहीं हुआ परन्तु अचानक एक दिन उसके पेट में दर्द शुरू हुआ तो उसके परिजनों ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल में जब जांच की गई तो पता चला कि वह प्रग्नेंट है । घर वालों ने जब लडकी से पूछताछ की तो पता चला बलात्कारी कोई और नहीं बल्कि उसका नजदीक का रिश्तेदार है। पुलिस ने उस रिश्तेदार को गिरफ्तार कर लिया ।
उसके बाद लडकी के घर वालों ने लडकी के एबोर्शन हेतु अदालत से इजाजत मांगी । एबोर्शन पर फैसला लेने के लिए अदालत ने डाक्टरों का पैनल गठित करने के साथ , पूरी रिपोर्ट मांगी। डाक्टरों के पैनल ने सुझाव दिया कि बीस सप्ताह के बाद एबोर्शन करवाना खतरे से भरा होता है चूंकि इस लडकी को गर्भ धारण किए हुए 30-32 सप्ताह से भी ज्यादा हो गए हैं इसलिए एबोर्शन का सवाल ही नहीं उठता। इसी आधार पर अदालत ने लडकी के एबोर्शन की याचिका ठुकरा दी और बेहतर से बेहतर देखभाल का आदेश दिया।
हालाँकि लडकी को यह नहीं बताया गया था कि वह प्रग्नेंट है उसे बताया गया था कि उसके पेट में एक बडा ट्यूमर है उसी का इलाज जारी है।
उसको अब भी यह पता नहीं है कि उसने एक लडकी को जन्म दिया है।
फिलहाल लडकी और बच्ची दोनों स्वस्थ और सुरक्षित हैं।
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अब सवाल यह उठता है कि क्या लोगों की मानसिकता इस कदर खराब हो गई है कि वे छोटी छोटी बच्चियों को भी बहला फुसलाकर अपना शिकार बनाने से पीछे नही हट रहे हैं। ऐसे में किस इंसान पर भरोसा किया जाए और किस पर नहीं कुछ कहा नहीं जा सकता। याद रखिए छोटी बच्चियों के साथ जितनी भी घटनाएं होती हैं सबमें कोई नजदीक का दोस्त या रिश्तेदार ही गुनाहगार होता है।
इसलिए हर समय चौकन्ना रहिए आँखें खुली रखिए और अपनी बच्चियों के साथ हो रही हर छोटी से भी छोटी घटना तथा उनसे मिलने वाले, उनके साथ खेलने वाले हर इंसान पर ध्यान दीजिए ।
आपकी थोडी सी सावधानी बडी अनहोनी होने से रोक सकती है।
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लेबनान का अनुच्छेद 522

लेबनान का दुष्कर्म कानून:
संसद ने पीडिता से शादी कर के बच निकलने का रास्ता बन्द किया।

लेबनान की संसद ने एक कानून को खत्म दिया है जिसके तहत यदि एक बलात्कारी पीडित महिला से विवाह कर लेता है तो उसको सजा से मुक्त किया जा सकता है ।
महिला अधिकारों के लिए संघर्षरत कार्यकर्ताओं ने लंबे समय से मांग की थी कि दंड संहिता के अनुच्छेद 522 को निरस्त कर दिया जाए।
उनका अभियान महिला मामलों के मंत्री जीन ओग्सासियन द्वारा समर्थित था, जिन्होंने कहा था कि यह कानून "पाषाण युग " के जैसा था।
इसी तरह के कानून हाल ही में ट्यूनीशिया और जॉर्डन में खत्म किए गए हैं.।
इसी कानून का इस्तेमाल कई सीरियाई शरणार्थियों नें लेबनान में रहने के लिए किया था। वे अपने आपको दुष्कर्म के अपराध में फँसा लेते और फिर सम्बन्धित पीडित से शादी करके लेबनान में रहने की योग्यता हासिल कर लेते थे।
प्रशासन और न्याय के लिए लेबनान की संसदीय समिति के सदस्यों ने पिछले दिसंबर में ही अनुच्छेद 522 को रद्द करने का प्रस्ताव पेश करने के लिए एकजुट हुए थे।

अनुच्छेद 522 ने अभियोजन को रोकने या उस व्यक्ति की सजा को निलंबित करने के लिए अनुमति दी, जिसने किसी पीडित का अपहरण, या वैधानिक बलात्कार किया था और पीड़ित से शादी की थी।कार्यकर्ता के अनुसार यह कानून पीडिता को अपराधी बलात्कारी से शादी करने के लिए बाध्य करता है ताकि पीडिता का सम्मान बचा रहे। ऐसे में पीडिता को न चाहते हुए भी अपनी इज्ज़त बचाने के लिए एक अपराधी से विवाह करना पडता है।
महिलाओं के अधिकारों के लिए लडने वाले समूहों ने महिलाओं की इज्ज़त और गरिमा को बचाने के उद्देश्य से अनुच्छेद 522 को निरस्त करने की मांग की थी।
पूरे देश ने , सभी प्रकार की हिंसा से महिलाओं की सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए सांसदों का धन्यवाद किया।

LEBANAN RAPE'S LAW #522

Lebanon's Rape Law: #522
Parliament has closed the way to escape rape criminals by marrying the victim.

16 Aug 2017 ,

The Parliament of Lebanon has given up a law under which if a rapist gets married to a victim , he can be freed from the punishment.
The struggling activists for women's rights have demanded from long time that Article 522 of the Penal Code be repealed.
His campaign was supported by Women Affairs Minister Jean Ogassiann, who said that this law was like "Stone Age".
Similar laws have recently been abolished in Tunisia and Jordan already.
The same law was used by many Syrian refugees to live in Lebanon. They used to get themselves trapped in the crime of rape and then got married to a related victim and had the ability to live in Lebanon.
Members of the Lebanese parliamentary committee for administration and justice had gathered in December last year to present the proposal to cancel Article 522.

Article 522 allowed the prosecution to stop or suspend the punishment of the person who had kidnapped a victim, or had been raped, and had been married to the victim.
According to the social worker, this law will allow the victim to marry the criminal rapist So that the honor of the victim is preserved. In such a situation, even if she does not want to marry , she has to marry a criminal to save her respect.
The groups fighting for the rights of women had demanded to abrogate Article 522 for the purpose of protecting women's dignity and honour .
The whole country, thanked the MPs for strengthening the security of women with all kinds of violence.

PICS WITH QUOTES

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CHANDIGARH: 12 YEARS GIRL GOT RAPED.

Chandigarh , INDIA.

One side we were celebrating Independence day and another side a 12 years old innocent girl got raped.
She was coming back to home after the celebrating Independence programme in the school . Someone kidnapped and raped her. Now Chandigarh police has started inquiries and checking the CCTV footage of the crime spot. We hope they will find some clues as soon as possible.
But question is still same and big.
Is our security system is enough to stop crime against women ? I think ..No.
Only making anti romeo sqade is not enough but we need a WORKING ANTI ROMEO SQAD which can keep our girls safe.
Look , this is the security system of India. 15 August , Independence day and an innocent girl got raped in the day. Everyone knows that Independence day is a sensitive day every year thats why our government try to make security tight and more tight .
By the way I think if our girls and women are still unsafe in the country then GOVERNMENT SHOULD TAKE STRICT ACTION ..

हमको भी हक चाहिए

हमको भी हक चाहिए वो सम्मान चाहिए
नारी भी हो आजाद वो हिन्दुस्तान चाहिए

वो धरती चाहिए जिसपे हम फूलें और फलें
हों सुरक्षित जिसके नीचे वो आसमान चाहिए

ना सुन्दर पति चाहिए ना चाहिए धनवान
जो समझे हमको बस वो इक इंसान चाहिए

सह सहकर जुल्मों सितम बेदर्द दुनिया के
लब सूख चुके हैं इन पर मुस्कान चाहिए

गर अग्नि परीक्षा लेना है शौक मर्दों का
तो हमको भी मर्दों का इम्तिहान चाहिए

कब तक हम जानी जाएंगी मर्दों के नाम से
हमको भी तो अपनी इक पहचान चाहिए

हमको भी हक चाहिए वो सम्मान चाहिए
नारी भी हो आजाद वो हिन्दुस्तान चाहिए

क्या महिलाओं को भी आजादी है

आज 15 अगस्त है भारत की आजादी का दिन। 15 अगस्त 1947 के पहले भारत अंग्रेजों के आधीन था। अनगिनत जवानों, क्रान्तिकारियों और शहीदों के बलिदान के फलस्वरूप हमें अंग्रेजों से तो मुक्ति मिल गई । आज हम बडे फख्र से कहते हैं कि हम आजाद हैं । हम आजाद हैं का क्या मतलब है क्या हम अपने देश में अपनों घरों में आराम से रहते हैं , यही आजादी है ?
जबकि सच तो यह है हम अंग्रेजों से भले ही आजाद हो चुके हैं मगर अपनी पुरानी दकियानूसी सोच से आज भी बंधे हुए हैं। अगर कुछ पढे लिखे लोगों को छोड दिया जाए तो आज भी भारत में महिलाओं की स्थिति पहले से बहुत ज्यादा अच्छी नहीं है। यह हमारी पुरानी सोच का ही नतीजा है कि लडकियाँ आज भी बंदिशों में जकडी हुई हैं। न तो उन्हें पढने लिखने की आजादी है और न अपने लिए फैसले लेने की। दरअसल, महिलाएं आज मर्दों की गुलाम की तरह ही जीवन जी रही हैं।
आजादी का मतलब सिर्फ़ यह नहीं हमारी अपनी सरकार हमारा अपना घर है । आज भी महिलाओं से कहा जाता है कि शाम होने के बाद घर के बाहर मत जाना नहीं तो कुछ अनहोनी हो सकती है । जो लडकियाँ हिम्मत दिखाती हैं और नाइट शिफ्ट में काम पर निकलती भी हैं उनको न जाने कितने बुरे मर्दों की गन्दी भाषा के तीर सहने पडते हैं और कुछ के साथ तो दुष्कर्म जैसे घिनौनी घटनाएं तक हो जाती हैं। आप बताइए क्या आजादी सिर्फ़ दिन के लिए मिली है।
दूसरी बात , जब हम आजाद हैं हमारी अपनी सरकार है तो हमारी महिलाएं हमारे ही देश में सुरक्षित क्यों नहीं हैं ? जब देश में महिलाओं की सुरक्षा की व्यवस्था तक नहीं हो पा रही है तो कैसी आजादी ?
सिर्फ़ झण्डा फहरा देने की आजादी और राष्ट्रगान गाने की आजादी से हम अपने आपको आजाद नहीं कह सकते ।आजाद तो हम अपने आपको उस दिन समझेंगे जब हमारे देश की महिलाएं एक बजे रात को भी उतनी ही सुरक्षित महसूस करे जितना कि दिन में करती हैं। हम अपने आपको आजाद उस दिन समझेंगे जब महिलाओं को भी अपने हक और फैसले लेने की पूरी आजादी होगी। हम अपने आपको आजाद उस दिन समझेंगे जिस दिन बेटी पैदा होने के बाद भी बाप का सिर फख्र से उठा रहेगा और वह गर्व से कहेगा कि मेरे घर बिटिया हुई है ।
याद रखिए जिस देश के महिलाओं को आजादी नहीं है वह देश आजाद नही कहा जा सकता ।

नारी हो तुम शक्ति हो

परिवार को जो बांध के रखे तुम वो प्यार हो

नारी हो शक्ति हो तुम जीवन का आधार हो


कभी हो माता कभी हो बेटी

कभी हो पत्नी कभी बहन

हर रूप में जो ढल जाए

रिश्ते का ऐसा आकार हो

नारी हो शक्ति हो तुम जीवन का आधार हो


ऐसा बनाया है तुमको

सुन लो बनाने वाले ने

रूठो तो रूठ जाए खुदा

हँस दो तो सुखी सँसार हो

नारी हो शक्ति हो तुम जीवन का आधार हो



परिवार को जो बांध के रखे तुम वो प्यार हो

नारी हो शक्ति हो तुम जीवन का आधार हो


एक लडकी की इच्छा

 शादी से पहले लडकियों की

ख्वाहिश होती है लाखों में

चाहत होती है खुशियों की

कुछ सपने होते हैं आंखों में


वो चाहती हैं शादी के बाद

सपनों का इक संसार मिले

पूरी हो हर इक इच्छा और

अपनों का सच्चा प्यार मिले


जो समझ सके हर बार उसे

इक छोटा सा परिवार मिले

जो समझे उसके हर दुख को

पति ऐसा राजकुमार मिले


इक लडकी से दुल्हन बनकर

पति की पत्नी बनकर जाए

शादी के बाद वो मायके का

सब छोडके जब ससुराल आए


सब खुश हों उसके आने से

न शोक न कुछ अवसाद मिले

गर मिलें तो हँसते चेहरे मिलें

और सबका आशिर्वाद मिले



जैसे चंदा संग चांदनी है

जैसे दिन साथ उजालों के

कोई भी परिस्थिति हो लेकिन

वो मिल के रहे घर वालों से


जब भी वो रसोई में जाए

बस प्रेम के ही पकवान बनें

हर कोई करे तारीफ उसकी

वो हर चेहरे की मुस्कान बने



ना सास ससुर से झगडे हों

ना कोई ननद से हो टकरार

फिर भी हो जाए विवाद अगर

सब मिलकर सुलझाएं हर बार



हर पत्नी पति से चाहती है

उसे साथ मिले हर मुश्किल में

चाहे दुनिया ठुकरा ही दे

पर पति रखे उसको दिल में



पति का सबकुछ है कबूल उसे

वह खुशियां दे चाहे ग़म दे

पत्नी के लिए पति सब कुछ है

पति समझे उसे या ना समझे


वह चाहती है अपने रब से

उसे इतना ही वरदान मिले

चले जिससे उसके घर का वंश

उसको भी इक संतान मिले



वह चाहती है उसके घर में

उसको भी इक पहचान मिले

उसको भी मिले हर इक इज्जत

उसको भी हर सम्मान मिले







Written by: admin







QUOTES BY GREAT PEOPLE

“Most people who meet my wife quickly conclude that she is remarkable. They are right about this. She is smart, funny and thoroughly charming. Often, after hearing her speak at some function or working with her on a project, people will approach me and say something to the effect of, you know, I think the world of you, Barack, but your wife, wow!”


– Barack Obama, The Audacity of Hope

 

 

“Men and women in every country, have different ways of understanding and judging things. Men have one angle of vision, women another; men argue from one standpoint, women from another. Men extenuate women and lay the blame on men; while women exonerate men and heap all the blame on women. “

-SWAMI VIVEKANAND

 

 

 

"That man that hath a tongue, I say, is no man, if with his tongue he cannot win a woman."


-WILLIAM SHAKESPEARE



"To call woman the weaker sex is a libel; it is man's injustice to woman. If by strength is meant brute strength, then, indeed, is woman less brute than man. If by strength is meant moral power, then woman is immeasurably man's superior. Has she not greater intuition, is she not more self-sacrificing, has she not greater powers of endurance, has she not greater courage? Without her, man could not be. If nonviolence is the law of our being, the future is with woman. Who can make a more effective appeal to the heart than woman?"


-MAHATMA GANDHI




"When women are empowered, a society with stability is assured."



 -APJ ABDUL KALAM



औरत को सम्मान चाहिए

"अल्लाह चाहिए न भगवान चाहिए

हर औरत को पहले सम्मान चाहिए

करते हों जो इज्ज़त घर की औरतों की

हर घर में सिर्फ़ ऐसे नौजवान चाहिए

मर्दानगी दिखाते हैं जो बेबसों पर

न वीर ऐसे न ही पहलवान चाहिए

देखो यूँ तरस खाकर आँसू न पोछो इनके

इन्हें हक चाहिए न कि एहसान चाहिए

अल्लाह चाहिए न ही भगवान चाहिए

हर औरत को पहले सम्मान चाहिए।"

सावधान, कहीं चोटी न कट जाए

उत्तर प्रदेश , हरियाणा और पंजाब के साथ साथ देश के अन्य राज्यों में जिस तरह से लडकियों और महिलाओं की चोटियों को काटा जा रहा है वह वाकई में शर्मनाक है और महिलाओं की इज्ज़त और अस्मिता के साथ खिलवाड़ है। हमने देखा है कि जब लोग अखबार में चोटी कटने की खबर पढते हैं तो सहसा मुस्कुराने लगते हैं । अब तक बहुत मुस्कुरा लिए क्योंकि अभी तक लग रहा था कि लोग शरारत या आपसी रंजिश की वजह से इस तरह की शर्मनाक घटना को अंजाम दे रहे हैं और यह मामला एक दो दिन में शान्त हो ही जाएगा मगर अब स्थिति बिल्कुल उल्टी होने लगी है। चोटी कटने की घटनाएं कम होने के बजाय हर दिन बढती ही जा रही हैं जो कि औरतों में भय का माहौल पैदा कर रही है।

आज आलम यह है कि हर औरत अपने बालों को बचाने के लिये हर तरह के टोटकों का इस्तेमाल कर रही हैं।

आखिर क्या है हकीकत?

हर कोई यह जानने को उत्सुक है कि औरतों की चोटियों को आखिर कौन काट रहा है और क्यों ? सबसे बडा सवाल यह है कि यदि कोई चोटी काटता है तो वह उस चोटी को ले क्यों नहीं जाता और ऐसा क्या करता है कि पीडित बेहोश हो जाता है  ?

उत्तर प्रदेश के जौनपुर और प्रतापगढ़ जिले में हुई  घटनाओं में पीडिता यही कहती नजर आई कि चोटी काटने वाला कोई इंसान नही बल्कि एक भूत या आत्मा है जो किसी खुन्नस में आकर देश भर की महिलाओं के बालों को काट रही है। हद तो तब हो गई जब एक ग्रामीण पीडित महिला ने इतना तक कह दिया कि उसने चोटी काटने वाली चुडैल से लडाई भी की मगर न जाने कब वह बेहोश हो गई और चोटी कट गई।

देश प्रदेश में जितनी भी घटनाएँ हो रही हैं लगभग सबमें अपराधी दिखाई ही नहीं दिया है तो हकीकत क्या है ? क्या वाकई में यह किसी भूत या आत्मा का काम है ? जी नहीं यह सरासर एक कल्पना है । हम भूतों प्रेतों के अस्तित्व से इनकार नहीं कर सकते क्योंकि हर कोई इतना तो जानता ही है कि अच्छाई के साथ बुराई है तो भगवान के साथ साथ दुनिया में शैतान का भी अस्तित्व होगा  मगर कोई शैतान मूर्त रूप में आकर औरतों की चोटियों को काटेगा वह भी बिना किसी फायदे या मतलब के यह बात बिल्कुल भी हजम नहीं होती है..और ऐसा हो भी नहीं सकता है।


फिर कौन है जो दहशत फैला रहा है ?

चोटी काटने के पीछे किसी न किसी गिरोह का हाथ है जो पूरी तैयारी और सफाई से घटनाओं को अंजाम दे रहा है। चूंकि ये घटनाएं एक सीमित दायरे में न होकर एक साथ देश  के कई भागों में रही हैं इससे पता चलता है कि इस गिरोह में काफी लोग शामिल हैं जिनका उद्देश्य औरतों और लोगों में दहशत का माहौल पैदा करके देश की शान्ति को भंग करना है।


इस गिरोह के लोग तो चाहते ही हैं कि लोगों के मन को यह विश्वास दिलाया जाए कि यह सब कोई आदमी नहीं बल्कि आत्मा कर रही है ताकि पुलिस आदि इसमें हस्तक्षेप न करे क्योंकि कानून भूतों प्रेतों में यकीन नही करता है।


पुलिस प्रशासन खामोश क्यों है?


पुलिस प्रशासन की सबसे बडी समस्या यह है कि वह घटना स्थल पर इतनी देर से पहुंचती है कि लगभग सारे क्लू और सबूत मिट चुके होते हैं। कभी कभी तो दरोगा जी यह कहकर ही पल्ला झाड लेते हैं कि " मामला संज्ञान में नही है अगर इस तरह की कोई घटना हुई है तो इसकी जांच होगी और कार्यवाही की जाएगी।" अगली बात यह है कि चोटी काटने वाला अभी तक दिखाई नही दिया है इसलिए पुलिस प्रशासन और भी मजबूर हो जाता है। पुलिस प्रशासन को यह समझना होगा कि यह सामने से अपराध करने वाला अपराधी नही है जिसे दौडाकर पकड लिया  जाएगा। अगर इस गिरोह के अपराधियों को पकडना है तो फारेंसिक टीम को साथ लेकर चलना होगा ताकि पीडिता और घटना स्थल की पूरी जांच हो सके।


तो क्या किया जाए?


अगर आपके आस पास इस तरह से चोटी कटने की कोई भी घटना सामने आती है तो कृपया इसका हौव्वा न बनाए बल्कि स्थिति को समझते हुए तुरन्त इसकी सूचना पुलिस को दें साथ ही साथ मौकाए वारदात पर पुलिस के आने से पहले किसी को जाने न दें क्योंकि हो सकता है कि वहाँ पुलिस को कोई क्लू मिल जाए और इस बढते अपराध को रोकने की कोई कडी हाथ लग जाए। सबसे बडी बात यह है कि पुलिस को चोटी कट के गिरने की वजह की जांच करने से न रोकें। साथ ही यदि पीडिता बेहोश है तो तुरन्त अस्पताल ले जाएं और मेडिकल चेक अप कराएं ताकि बेहोश होने का वास्तविक कारण पता चल सके। अपने आस पास के संदिग्ध लोगों पर नजर रखिए ।

याद रखिये घटना किसी के भी साथ हो सवाल महिलाओं की इज्ज़त और अस्मिता का है इसलिए अफवाहों और भूतों प्रेतों पर ध्यान न देते हुए अपनी आंख और कान खुले रखिए। आपकी थोडी सी सावधानी इस फलते फूलते अपराध को खत्म कर सकती है।

महिला सुरक्षा से समझौता और नहीं

  गलत नियत वालों को मौका और नहीं अब और नहीं महिला सुरक्षा से समझौता और नहीं अब और नहीं जागो हे भारत की बेटियों अब तो नींद से जागो तुम अपनी स...

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