"अल्लाह चाहिए न भगवान चाहिए
हर औरत को पहले सम्मान चाहिए
करते हों जो इज्ज़त घर की औरतों की
हर घर में सिर्फ़ ऐसे नौजवान चाहिए
मर्दानगी दिखाते हैं जो बेबसों पर
न वीर ऐसे न ही पहलवान चाहिए
देखो यूँ तरस खाकर आँसू न पोछो इनके
इन्हें हक चाहिए न कि एहसान चाहिए
अल्लाह चाहिए न ही भगवान चाहिए
हर औरत को पहले सम्मान चाहिए।"
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