महिला सुरक्षा

हर एक महिला की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी होनी चाहिए
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भ्रूणहत्या किस श्रेणी की कायरता है

तरह तरह के कायर देखे

पूछने का अब दिल करता है

गर्भ में इक बेटी को मारना

किस श्रेणी की कायरता है

ऐ समाज मुझको तू आज

इक बात जरा खुल के समझा

तेरा ये इंसाँ मार के बेटी

बेटों पर ही क्यों मरता है

या मेरे रब तू जाने सब

फिर क्यों जुल्म ये होता है

क्या तेरा इंसान आजकल

तुझसे भी नहीं डरता है

इस धरती पर सर्वश्रेष्ठ

हम खुद को मानव कहते हैं

अपनी बच्ची की ही हत्या

अरे यह कैसी मानवता है

कूडेदान में देखता हूँ जब

नवजात बच्चियों की लाशें

आग लगा दूँ दुनिया भर को

कुछ ऐसा मन करता है


तरह तरह के कायर देखे

पूछने का अब दिल करता है

गर्भ में इक बेटी को मारना


किस श्रेणी की कायरता है

बेटियां

हीरे हैं बेटे गर तो मोती हैं बेटियां

हर इक घर की लक्ष्मी होती हैं बेटियां


रिश्ते तोडना तो अक्सर आदत है बेटों की

हर रिश्ते को इक धागे में पिरोती हैं बेटियां


परिवार में सबकी फिकर रहती है इनको

सबको सुला के आखिर में सोती हैं बेटियां


इक ओर बडे होकर माँ बाप को रुलाते हैं बेटे

तो माँ बाप के लिए जीवन भर रोती हैं बेटियां





हीरे हैं बेटे गर तो मोती हैं बेटियां


हर इक घर की लक्ष्मी होती हैं बेटियां

लडकी ने जन्म लिया है

जब बिन मौसम बहारें आ जाएं
जब दुश्मन प्यार सिखा जाएं
गम का कोई राक्षस सो जाए
जब कोई ख्धाहिश पूरी हो जाए

जब दिल के तार लगें हिलने
जब मन को सुकून लगे मिलने
जब रोता हुआ कोई हँसने लगे
बिन बादल पानी बरसने लगे

जब खुद खुदा मुस्कुराने लगे
जब भौरें गुनगुनाने लगें
जब कलियाँ खुद पे इतराने लगें
जब वादियाँ सोहर गाने लगें

तो समझ जाना कि आस पास
किसी परी
किसी लडकी का जन्म हुआ है।

माँ से बढकर कुछ नहीं

हमने इस दुनिया में बहुत माँ को समझने वाले देखे
पर बेटा तो वो है जिसने माँ के पैरों के छाले देखे

वो माँ ही थी जिसने अँधेरों में बिता दी जिन्दगी
ताकि बच्चे उसके हर रोज उजाले ही उजाले देखें

बीवियों के कहने पर जो माँ को गलत कहते हैं
हमने दुनिया में कुछ ऐसे भी भोले भाले देखे

एक माँ का दिल था जिसमें कि कोई दाग ना था
बाकी इस दुनिया में जितने दिल देखे सब काले देखे

हमने इस दुनिया में बहुत माँ को समझने वाले देखे
पर बेटा तो वो है जिसने माँ के पैरों के छाले देखे

औरतों को चलो सम्मान से पुकारा जाए

ना कुछ तुम्हारा जाए ना कुछ हमारा जाए
औरतों को चलो सम्मान से पुकारा जाए

जन्म से लेकर प्यार ही दिया है औरत ने
करके इज्ज़त इनकी थोडा कर्ज उतारा जाए

जंग जो जारी है इनके प्यार हमारी नफरत में
जीत जाएं ये इसलिए चलो खुद हारा जाए

फूंक दो दुनिया की सारी रूढिवादी सोच
इससे पहले गर्भ में किसी कन्या को मारा जाए

औरतें फूल हैं इस दुनिया के गुलशन की
आओ इन फूलों को मोहब्बत से निखारा जाए

ना कुछ तुम्हारा जाए ना कुछ हमारा जाए
औरतों को चलो सम्मान से पुकारा जाए

हमको भी हक चाहिए

हमको भी हक चाहिए वो सम्मान चाहिए
नारी भी हो आजाद वो हिन्दुस्तान चाहिए

वो धरती चाहिए जिसपे हम फूलें और फलें
हों सुरक्षित जिसके नीचे वो आसमान चाहिए

ना सुन्दर पति चाहिए ना चाहिए धनवान
जो समझे हमको बस वो इक इंसान चाहिए

सह सहकर जुल्मों सितम बेदर्द दुनिया के
लब सूख चुके हैं इन पर मुस्कान चाहिए

गर अग्नि परीक्षा लेना है शौक मर्दों का
तो हमको भी मर्दों का इम्तिहान चाहिए

कब तक हम जानी जाएंगी मर्दों के नाम से
हमको भी तो अपनी इक पहचान चाहिए

हमको भी हक चाहिए वो सम्मान चाहिए
नारी भी हो आजाद वो हिन्दुस्तान चाहिए

नारी हो तुम शक्ति हो

परिवार को जो बांध के रखे तुम वो प्यार हो

नारी हो शक्ति हो तुम जीवन का आधार हो


कभी हो माता कभी हो बेटी

कभी हो पत्नी कभी बहन

हर रूप में जो ढल जाए

रिश्ते का ऐसा आकार हो

नारी हो शक्ति हो तुम जीवन का आधार हो


ऐसा बनाया है तुमको

सुन लो बनाने वाले ने

रूठो तो रूठ जाए खुदा

हँस दो तो सुखी सँसार हो

नारी हो शक्ति हो तुम जीवन का आधार हो



परिवार को जो बांध के रखे तुम वो प्यार हो

नारी हो शक्ति हो तुम जीवन का आधार हो


एक लडकी की इच्छा

 शादी से पहले लडकियों की

ख्वाहिश होती है लाखों में

चाहत होती है खुशियों की

कुछ सपने होते हैं आंखों में


वो चाहती हैं शादी के बाद

सपनों का इक संसार मिले

पूरी हो हर इक इच्छा और

अपनों का सच्चा प्यार मिले


जो समझ सके हर बार उसे

इक छोटा सा परिवार मिले

जो समझे उसके हर दुख को

पति ऐसा राजकुमार मिले


इक लडकी से दुल्हन बनकर

पति की पत्नी बनकर जाए

शादी के बाद वो मायके का

सब छोडके जब ससुराल आए


सब खुश हों उसके आने से

न शोक न कुछ अवसाद मिले

गर मिलें तो हँसते चेहरे मिलें

और सबका आशिर्वाद मिले



जैसे चंदा संग चांदनी है

जैसे दिन साथ उजालों के

कोई भी परिस्थिति हो लेकिन

वो मिल के रहे घर वालों से


जब भी वो रसोई में जाए

बस प्रेम के ही पकवान बनें

हर कोई करे तारीफ उसकी

वो हर चेहरे की मुस्कान बने



ना सास ससुर से झगडे हों

ना कोई ननद से हो टकरार

फिर भी हो जाए विवाद अगर

सब मिलकर सुलझाएं हर बार



हर पत्नी पति से चाहती है

उसे साथ मिले हर मुश्किल में

चाहे दुनिया ठुकरा ही दे

पर पति रखे उसको दिल में



पति का सबकुछ है कबूल उसे

वह खुशियां दे चाहे ग़म दे

पत्नी के लिए पति सब कुछ है

पति समझे उसे या ना समझे


वह चाहती है अपने रब से

उसे इतना ही वरदान मिले

चले जिससे उसके घर का वंश

उसको भी इक संतान मिले



वह चाहती है उसके घर में

उसको भी इक पहचान मिले

उसको भी मिले हर इक इज्जत

उसको भी हर सम्मान मिले







Written by: admin







औरत को सम्मान चाहिए

"अल्लाह चाहिए न भगवान चाहिए

हर औरत को पहले सम्मान चाहिए

करते हों जो इज्ज़त घर की औरतों की

हर घर में सिर्फ़ ऐसे नौजवान चाहिए

मर्दानगी दिखाते हैं जो बेबसों पर

न वीर ऐसे न ही पहलवान चाहिए

देखो यूँ तरस खाकर आँसू न पोछो इनके

इन्हें हक चाहिए न कि एहसान चाहिए

अल्लाह चाहिए न ही भगवान चाहिए

हर औरत को पहले सम्मान चाहिए।"

महिला सुरक्षा से समझौता और नहीं

  गलत नियत वालों को मौका और नहीं अब और नहीं महिला सुरक्षा से समझौता और नहीं अब और नहीं जागो हे भारत की बेटियों अब तो नींद से जागो तुम अपनी स...

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