जब बिन मौसम बहारें आ जाएं
जब दुश्मन प्यार सिखा जाएं
गम का कोई राक्षस सो जाए
जब कोई ख्धाहिश पूरी हो जाए
जब दिल के तार लगें हिलने
जब मन को सुकून लगे मिलने
जब रोता हुआ कोई हँसने लगे
बिन बादल पानी बरसने लगे
जब खुद खुदा मुस्कुराने लगे
जब भौरें गुनगुनाने लगें
जब कलियाँ खुद पे इतराने लगें
जब वादियाँ सोहर गाने लगें
तो समझ जाना कि आस पास
किसी परी
किसी लडकी का जन्म हुआ है।
महिला सुरक्षा
हर एक महिला की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी होनी चाहिए
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