दकियानूसी खयालात में
आकर दुनिया की बात में
कोख में ही खंजर तुम उतार ना देना
पापा बेटी हूँ मैं इसलिए मुझे मार ना देना
आने दो बस दुनिया में पापा बोझ न बनूंगी मैं
रूखा सूखा जो भी दोगे खुशी से खा लूंगी मैं
सोचकर मेरे बारे में कुछ टेंशन मत लेना तुम
एक ही खिलौना हो तो भैया को दे देना तुम
मुझको कुछ देना ना देना तुमको सब आजादी है
प्यार से बेटी कहना मेरे लिए इतना ही काफी है
मैं नहीं कहती कि मुझको बेटे जैसा प्यार करो
मुझको जिन्दा रहने दो इतना ही उपकार करो
जनम दिया है बेटी को ये सोच के देखो हे पापा
मम्मी को अपनी नजरों से उतार ना देना
पापा बेटी हूँ मैं इसलिए मुझे मार ना देना
दकियानूसी खयालात में
आकर दुनिया की बात में
कोख में ही खंजर तुम उतार ना देना
पापा बेटी हूँ मैं इसलिए मुझे मार ना देना