लडकियों के चेहरों पर तेजाब फेंककर उनको बदसूरत बनाना आजकल आम हो गया है। आए दिन लडकियों पर एसिड अटैक की घटनाएं सामने आती रहती हैं। ये वे लोग होते हैं जो प्यार में असफल हो चुके होते हैं और मानसिक रूप से बीमार होते हैं।
ऐसे मानसिक रोगियों से लडकियों को सावधान रहने की जरुरत है। यदि कोई लडकी किसी लडके के प्यार के प्रस्ताव को ठुकराने जा रही है तो लडकी को इस बात का रखना जरूरी होता है कि उसकी "न" सुनने के बाद लडके का क्या रिएक्शन होता है । यदि लडकी द्वारा ठुकराए जाने के बाद लडका गुस्सा दिखाता है या चिडचिडापन महसूस करता है तो लडकी को समझ लेना चाहिए कि लडके की प्रकृति अच्छी नहीं है।
ऐसे लडको की हर हरकत को ध्यान में रखा जाना चाहिए और ज्यादा से ज्यादा दूरी बना कर रखनी चाहिए।फिर भी यदि आपको उस लडके से थोडी सी भी असुरक्षा महसूस हो तो तुरन्त इसकी जानकारी अपने परिवार को या पुलिस को दें ।
लडकियों के चेहरों पर तेजाब फेंकना लडकों में एक तरह की मानसिक विकृति का परिणाम है। जिन लडकों में इस तरह की मानसिक विकृति होती है उनको लगता है कि जो लडकी उन्हें पसंद आ गई वह सिर्फ उनकी है । ऐसे में जब वह लडकी उनके प्यार को अपनाने से इनकार कर देती है तो वे अपने आपको बहुत ज्यादा अपमानित समझने लगते हैं और सोचते हैं कि लोग उनकी मर्दानगी का मजाक उडाएंगे । जबकि ऐसा बिल्कुल भी नहीं होता है क्योंकि जरूरी नहीं कि हम जिस लडकी को पसन्द करें वो भी हमें पसन्द ही करे। प्यार में अपमानित होने जैसी कोई बात नहीं होती है यदि कोई लडकी किसी लडके के प्रेम प्रस्ताव को ठुकराती है तो लडके को उसके फैसले का सम्मान करना चाहिए न कि उससे बदला लेने के लिए उस पर एसिड फेंकना चाहिए या अन्य तरह का कोई नुकसान पहुँचाना चाहिए, दरअसल यही तो सच्चा प्यार होता है।
आजकल उन नवयुवकों को समझाने की जरुरत है जो इस तरह का घिनौना अपराध करके किसी मासूम लडकी की जिन्दगी को नरक बनाते हैं। इसके लिए परिवार के लोगों को अपने बच्चों को सही संस्कार देने चाहिए और उन्हें सही गलत में अन्तर करना सिखाया जाना चाहिए।
कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो आपसी रंजिश की वजह से अपने विरोधियों के घर की महिलाओं पर एसिड फेंकते हैं यह बिलकुल ही कायराना हरकतें हैं। ऐसा करके भले ही थोडी देर के लिए उस इंसान को अपने दुश्मन पर फतेह हासिल करने की खुशी मिल जाए मगर जिस मासूम की जिन्दगी बर्बाद हो गई है उसके लिए क्या ईश्वर उसे माफ करेगा, बिल्कुल नहीं।
सबसे बडा सवाल यह है कि जब लडके लडकियों के साथ वेवफाई करते हैं या उनको धोखा देते हैं तो लडकियां तो चुपचाप सह लेती हैं लेकिन औरतों महिलाओं की छोटी सी गलती पर हम बिना सच्चाई की गहराई तक गए उनसे कितनी सख्ती से पेश आते हैं, एसिड फेंकते हैं , यहां तक कि जान लेने की भी कोशिश करते हैं , क्यों ? क्या सिर्फ इसलिए कि हम मर्द हैं ? आखिर यह कैसी मर्दानगी है ?
महिला सुरक्षा
हर एक महिला की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी होनी चाहिए
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