ऐ समाज के लोगों अपनी आँखें खोलो
बहुत रहे चुपचाप अरे अब तो कुछ बोलो
कब तक देखोगे जो अत्याचार हो रहा
मासूम बेटियों की इज्ज़त से जो
खिडवाड हो रहा
आज दरिन्दे किसी से भी नहीं डरते हैं
बेखौफ जो दिल में आया बस
वही करते हैं
कोई रोक नहीं कोई टोक नहीं है
अब इन पर
ये हर लडकी को सडकों पे सताया करते हैं
बद्सलूकी और दुष्कर्म से जब
दिल नहीं भरता इनका
तो पेट्रोल छिडककर मासूमों को जलाया करते हैं
सरकार और कानून भरोसे रह जाओगे
तो अपनी बच्चियों को कभी बचा ना पाओगे
अगर बचानी है अपनी इज्ज़त तो जागो
बन सुरक्षा कवच बेटियों के संग हो लो
ऐ समाज के लोगों अपनी आँखें खोलो
बहुत रहे चुपचाप अरे अब तो कुछ बोलो