महिला सुरक्षा

हर एक महिला की सुरक्षा हमारी जिम्मेदारी होनी चाहिए

चलो हम बीते हुए कल से बगावत करते हैं

जख्मों पे अपने मरहम की सजावट करते हैं

चलो हम बीते हुए कल से बगावत करते हैं

तोडकर खामोशियाँ हम अपने लबों की

सच बोलने की आज फिर हिमाकत करते हैं

चलो हम बीते हुए कल से बगावत करते हैं

करके बयां हर दास्तान-ए-जुल्म आइए

अंधे कानून से इंसाफ की चाहत करते हैं

चलो हम बीते हुए कल से बगावत करते हैं

घूंघट उठा के अपना आओ सरे बाजार

बेनकाब कुछ शरीफों की शराफत करते हैं

चलो हम बीते हुए कल से बगावत करते हैं

जख्मों पे अपने मरहम की सजावट करते हैं

चलो हम बीते हुए कल से बगावत करते हैं

नारी भी हो आजाद वो हिन्दुस्तान चाहिए

हमको भी हक चाहिए वो सम्मान चाहिए

नारी भी हो आजाद वो हिन्दुस्तान चाहिए

वो धरती चाहिए जिसपे हम फूलें और फलें

हों सुरक्षित जिसके नीचे वो आसमान चाहिए

ना सुन्दर पति चाहिए ना चाहिए धनवान

जो समझे हमको बस वो इक इंसान चाहिए

सह सहकर जुल्मों सितम बेदर्द दुनिया के

लब सूख चुके हैं इन पर अब मुस्कान चाहिए

गर अग्नि परीक्षा लेना है शौक मर्दों का

तो हमको भी मर्दों का  इम्तिहान चाहिए

कब तक हम जानी जाएंगी मर्दों के नाम से

हमको भी तो अपनी इक पहचान चाहिए

हमको भी हक चाहिए वो सम्मान चाहिए

नारी भी हो आजाद वो हिन्दुस्तान चाहिए

भाजपा सरकार में बढता बलात्कार

उत्तर प्रदेश में बलात्कार की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। एक के बाद एक सामने आती बलात्कार की घटनाएं यह साबित करती हैं कि हमारा प्रदेश महिलाओं के लिए बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं है।वह सरकार जो सत्ता में आते ही महिलाओं की सुरक्षा के लिए प्रयासरत नजर आ रही थी उसी के आदमी बलात्कारी निकल रहे हैं। जब सत्ता पर काबिज लोग ही अपराध करने लगे तो समझ लेना चाहिए कि प्रदेश के बुरे दिन आ गए हैं। सबसे बडा ताज्जुब तो तब होता है जब सरकार के पदों पर पदासीन लोग सब कुछ जानते हुए भी अपराधी को बचाने की कोशिश में लगे हुए हैं।

उत्तर प्रदेश में इस समय भाजपा की सरकार है और भाजपा का ही एमएलए इस समय उन्नाव घटना में मुख्य बलात्कारी है। लगभग सब कुछ खबर होने के बावजूद भी पुलिस और सरकार इस बलात्कारी एमएलए को बचाने की भरपूर कोशिश में लगी हुई थी , कितने शर्म की बात है। सरकार ऐसा सिर्फ इसलिए कर रही है ताकि उसकी पार्टी की छवि न खराब हो और वोट बैंक सलामत रहे लेकिन सिर्फ कुछ वोटों के लिए किसी बलात्कारी को पनाह देना या जनता के साथ विश्वासघात करना किसी तरह से उचित नहीं है।

अगर बलात्कारी सिर्फ इसलिए बच जाता है कि वह एक भाजपा का विधायक है या उसे मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री का समर्थन हासिल है तो यह हमारी न्यायपालिका पर सवाल खडा कर सकता है। बलात्कारी सिर्फ एक अपराधी होता है चाहे वह कोई भी हो । जब एक खास इंसान कोई घिनौना काम कर देता है तो उसकी खासियत वहीं पर खत्म हो जानी चाहिए और उसके साथ सिर्फ उसी तरह का सुलूक किया जाना चाहिए जैसा कि एक आम अपराधी के साथ होता है।

पापा ! बेटी हूँ इसलिए मार न देना

दकियानूसी खयालात में

आकर दुनिया की बात में

कोख में ही खंजर तुम उतार ना देना

पापा बेटी हूँ मैं इसलिए मुझे मार ना देना

आने दो बस दुनिया में पापा बोझ न बनूंगी मैं

रूखा सूखा जो भी दोगे खुशी से खा लूंगी मैं

सोचकर मेरे बारे में कुछ टेंशन मत लेना तुम

एक ही खिलौना हो तो भैया को दे देना तुम

मुझको कुछ देना ना देना तुमको सब आजादी है

प्यार से बेटी कहना मेरे लिए इतना ही काफी है

मैं नहीं कहती कि मुझको बेटे जैसा प्यार करो

मुझको जिन्दा रहने दो इतना ही उपकार करो

जनम दिया है बेटी को ये सोच के देखो हे पापा

मम्मी को अपनी नजरों से उतार ना देना

पापा बेटी हूँ मैं इसलिए मुझे मार ना देना


दकियानूसी खयालात में

आकर दुनिया की बात में

कोख में ही खंजर तुम उतार ना देना


पापा बेटी हूँ मैं इसलिए मुझे मार ना देना

महिला सुरक्षा से समझौता और नहीं

  गलत नियत वालों को मौका और नहीं अब और नहीं महिला सुरक्षा से समझौता और नहीं अब और नहीं जागो हे भारत की बेटियों अब तो नींद से जागो तुम अपनी स...

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