कोलकाता में हुए महिला ट्रेनी डाक्टर के रेप और मर्डर मामले में लगभग बीस दिन होने को हैं लेकिन अभी तक सीबीआई और पुलिस के हाथों में कोई पुख्ता सुबूत नहीं लगा है जिससे अपराधियों तक पहुंचा जा सके। सिर्फ एक अपराधी पकडा गया है संजय राय लेकिन फारेंसिक रिपोर्ट के अनुसार रेप करने वाले एक से अधिक लोग हैं। अब संजय राय को मोहरा बनाया गया है या फिर वाकई में संजय ने अकेले इस अपराध को अंजाम दिया है अभी कुछ भी साफ नहीं हो पाया है। इस मामले को लेकर लगातार राजनीतिक पार्टियों में बयानबाजी हो रही है। मामला इतना लम्बा खिंच रहा है और सीबीआई जैसी जांच एजेंसी को भी इसमें सफलता नहीं मिल पा रही है तो जाहिर है कि इसमें बडे और पावरफुल लोगों का हाथ है।
गौरतलब है कि घटना के बारे में पुलिस को बहुत देरी से खबर की गई और घटनास्थल पर सबूतों से छेडछाड की गई जो यह साबित करता है कि बहुत कुछ गडबड है। ये तो हाल है इतने हाईफाई केस का तो आप सोचिए जरा कि छोटे और कमजोर गरीब लोगों के साथ जब इस तरह के अपराध होते होंगे तो उन्हें कैसे इंसाफ मिल पाता होगा, मिलता ही नहीं होगा और अपराधी बेखौफ एक दूसरा अपराध करने के लिए तैयारी करने लगते हैं। क्या अब सरकार महिलाओं की सुरक्षा करने में असफल हो रही है? क्या महिलाओं को अब न्याय की उम्मीद छोड देनी चाहिए ? ये बडा सवाल है। आजकल लोगों के अंदर डर का माहौल है और लोग अपनी बेटियों को बाहर भेजने से भी डर रहे हैं कि कहीं उनके साथ कोई अप्रिय घटना न घट जाए। सोचिए ऐसे डर के माहौल में हमारी बहन बेटियाँ कैसे रहेगी । महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार को किस तरह के इंतजाम करने चाहिए आप कमेंट्स करके हमें जरूर बताइए और हाँ अपनी बहनों और बेटियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी अब आपको खुद लेनी होगी।
