नारी और पुरूष इस संसार रूपी गाडी के दो पहिए के समान है । यदि संसार की इस गाडी के दोनों पहियों में से किसी एक को भी अलग कर दिया जाए तो संसार की कल्पना नहीं की जा सकती है। ऐसे में जरूरी है कि नारी और पुरूष दोनों को एकसमान हक और अधिकार मिले। अक्सर हमारे प्राचीन भारतीय समाज में देखा गया है कि पुरुषों को नारियों की तुलना में ज्यादा अधिकार और सम्मान मिले हैं लेकिन जैसे जैसे समाज आगे बढा है नारियों की दशा में सुधार हुए हैं । यदि कुछ मामलों को छोड दिया जाए तो आज के आधुनिक समाज में नारियां पुरूषों से किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं है और ऐसा होना भी चाहिए।
आज अन्र्तराष्ट्रीय महिला दिवस है तो हम सब को चाहिए कि नारियों के सम्मान में कुछ न कुछ करने की पहल करें। यदि कुछ भी नहीं कर सकते तो कम से कम दूसरों के घरों की महिलाओं की इज्ज़त उसी तरह से करें जैसी अपने घर की महिलाओं की करते हैं। महिलाएं आगे बढ रही हैं लेकिन उन्हें समाज के प्रोत्साहन की जरूरत है हमारे सपोर्ट की जरूरत है जिससे उनका कभी हौसला न टूटे। तो आइए आज हम प्रण करते हैं कि किसी भी महिला के साथ कभी भी कोई दुर्व्यवहार नहीं करेंगे और न होने देंगे। उन्हें पूरी इज्ज़त देंगे और पूरा सम्मान करेंगे।
अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर बधाइयां।



